गढ़वा में आवास के नाम पर महिला से ऑनलाइन ऐंठे रुपये, डीसी ने दिए जांच के निर्देश
जनसुनवाई में उपायुक्त
Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले में आवास योजना में लाभ दिलाने के नाम पर महिला से ऑनलाइन रुपये लेने का मामला जनसुनवाई में उजागर हुआ. उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए हैं. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट
Garhwa News: सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार का रूप अब डिजिटल हो चुका है. गढ़वा जिले में ‘कैश’ की जगह अब ‘ऑनलाइन ट्रांसफर’ के जरिए घूसखोरी और ठगी का खेल धड़ल्ले से चल रहा है. ताजा मामला समाहरणालय सभागार में आयोजित उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की जनसुनवाई में सामने आया, जिसने जिला प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं.
आवास योजना में नाम जोड़ने का झांसा
कांडी प्रखंड के भीलमा गांव की सबिता सिंह ने उपायुक्त के सामने जो आपबीती सुनाई, उसने यह साफ कर दिया है कि ठगों को अब न तो कानून का डर है और न ही डिजिटल ट्रेल (डिजिटल सबूत) छूटने का खौफ. जनसुनवाई में पहुंची सबिता सिंह ने लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि एक तथाकथित स्वयंसेवक उनके घर पहुंचा. उसने आवास प्लस योजना में नाम जुड़वाने का झांसा देकर बकायदा घर की फोटो खींची. इसके बाद काम पक्का करने के नाम पर दो हजार रुपये की मांग की. सबिता सिंह ने झांसे में आकर 1000 का भुगतान ‘फोन-पे’ के माध्यम से ऑनलाइन कर दिया. लेकिन जब सूची आई, तो उनका नाम गायब था. ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने उपायुक्त से न्याय और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है.
गढ़वा में दूसरा मामला
डिजिटल माध्यम से पैसे ऐंठने का गढ़वा जिले में यह दूसरा मामला है. इससे पहले रमना प्रखंड के राजस्व कर्मचारी दिवाकर सिंह पर भी इसी तरह ऑनलाइन पैसे लेने के गंभीर आरोप लगे थे. उस मामले में उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रशासनिक जांच बैठाई थी. जांच में पुष्टि होने के बाद उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए राजस्व कर्मचारी दिवाकर सिंह को निलंबित कर दिया था. अब देखना यह है कि ‘फोन-पे’ वाली इस नई ठगी के मामले में उपायुक्त के रडार पर कौन सा ‘सफेदपोश’ या ठग आता है.
कई और शिकायतें सामने
इस जनसुनवाई में केवल आवास की ठगी ही नहीं, बल्कि कई अन्य विभागों की पोल भी खुली. गढ़वा प्रखंड के सोह गांव निवासी उदय प्रसाद ने शिकायत की कि मनरेगा के तहत कूप (कुआं) निर्माण की स्वीकृति मिली, काम धरातल पर शुरू भी नहीं हुआ और पहली किस्त की राशि की निकासी कर ली गई. दूबे मरहटिया गांव के अखिलेश्वर मिश्रा ने बताया कि 2020 में बिजली कनेक्शन मिला, लेकिन आज तक पोल-तार नहीं लगे. बांस के सहारे खींचे गए तार से जान-माल का खतरा बना हुआ है. बिजली विभाग नींद में है. डंडई प्रखंड के रारो गांव की फूलमनी कुंवर ने आरोप लगाया कि गांव के कुछ रसूखदार लोग धनबल के दम पर उनकी खतियानी जमीन पर अवैध मकान बना रहे हैं और विरोध करने पर अभद्र व्यवहार करते हैं.
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By Sweta Vaidya
श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में श्वेता झारखंड बीट को कवर कर रही हैं, जहां वह राज्य की ताजा खबरें, लोगों की भलाई से जुड़े मुद्दे, सरकारी योजनाओं, स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विषयों पर आधारित स्टोरीज तैयार करती हैं. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो. झारखंड बीट से पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर आर्टिकल लिखे.
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