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हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई मत बोलो, मुझे तो बस एक तिरंगा दिखता है…

Updated at : 02 Mar 2026 9:02 PM (IST)
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हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई मत बोलो, मुझे तो बस एक तिरंगा दिखता है…

सृजन साहित्यिक मंच ने किया हास्य-व्यंग्य कवि सम्मेलन का आयोजन

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सृजन साहित्यिक मंच ने किया हास्य-व्यंग्य कवि सम्मेलन का आयोजन प्रतिनिधि, गढ़वा होली के अवसर पर गढ़वा की अग्रणी साहित्यिक संस्था सृजन साहित्यिक मंच की ओर से रविवार देर शाम हास्य-व्यंग्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. स्थानीय गोविंद उच्च विद्यालय मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से आये कवियों ने अपनी विविध विधाओं की रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. कार्यक्रम की शुरुआत मिर्जापुर से आयी कवयित्री पूनम श्रीवास्तव ने मां सरस्वती की वंदना से की. इसके बाद उन्होंने शृंगार रस से परिपूर्ण गीतों की प्रस्तुति देकर वातावरण को सुरमय बना दिया. उन्होंने “जब हुए प्यार के सिलसिले देख ले, मिट गये सारे शिकवे गिले देख ले… तथा भोजपुरी रचना “आग लागी त कुछ पल लहकबे करी, फूल कौनो रही पर महकबे करी…” सुनाकर खूब तालियां बटोरीं. सीतामढ़ी से आये कवि प्रशांत बजरंगी ने अपनी देशभक्ति रचना सड़क किनारे भूखा-नंगा दिखता है, मंदिर-मस्जिद खातिर दंगा दिखता है, हिंदू-मुस्लिम, सिख, इसाई मत बोलो, मुझे तो बस एक तिरंगा दिखता है… सुनाकर लोगों को झकझोर दिया. उनकी अन्य देशभक्ति और सांस्कृतिक रचनाओं ने भी श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया.बनारस से आये सुप्रसिद्ध गीतकार मनोज मधुर ने भउजी ओरा जाइल बाटे फगुनवा… और जब पछुआ बहा रहा पंत, लगता है वसंत आ गया… जैसे गीतों से होली और वसंत के रंगों को जीवंत कर दिया. वहीं मंच का संचालन कर रहे भभुआ के शंकर कैमूरी ने अपनी हास्य-व्यंग्य रचनाओं से दर्शकों को खूब हंसाया. उन्होंने आया रंग-रंगीला मौसम होली का…” सहित कई प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रकृति और त्योहारों का चित्रण किया. उत्तर प्रदेश के मऊ से आये कवि पंकज प्रखर ने ओजपूर्ण कविताओं से राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया. स्थानीय कवि संजय चौबे और दयाशंकर तिवारी ने भी होली गीतों से कार्यक्रम में रंग भर दिया. श्रोताओं ने देर रात तक कार्यक्रम का आनंद उठाया. सृजन साहित्यिक मंच ने गढ़वा में बनाया साहित्यिक माहौल : दिनेश प्रसाद सिंह कवि सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि दिनेश प्रसाद सिंह, संजय कुमार, समाजसेवी राकेश पाल, रेडक्रॉस सोसाइटी अध्यक्ष डॉ मुरली प्रसाद गुप्ता, जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष भृगुनाथ चौबे सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर दिनेश प्रसाद सिंह ने सृजन साहित्यिक मंच की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्था ने गढ़वा में साहित्यिक वातावरण बनाने का सराहनीय कार्य किया है, जो समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है. एसडीओ संजय कुमार ने कहा कि गढ़वा में साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों का अच्छा माहौल है, जिसका श्रेय सृजन साहित्यिक मंच को जाता है. ऐसे आयोजनों से समाज को सकारात्मक दिशा मिलती है. कार्यक्रम में विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी, पूर्व सांसद घुरन राम, नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष दौलत सोनी आदि उपस्थित थे. कवि सम्मेलन से पूर्व मंच के सचिव सतीश कुमार मिश्र ने अपनी ‘शहरनामा’ प्रस्तुति के माध्यम से नगर की समस्याओं को व्यंग्यात्मक शैली में उठाया. कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत अध्यक्ष विनोद पाठक ने किया मौके पर राकेश त्रिपाठी, रासबिहारी तिवारी, दयाशंकर गुप्त आदि मौजूद थे.

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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