अपनी आवाज उठाने में असमर्थ हैं विधवाएं

गढ़वा : गढ़वा जिले में विधवाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय है. गढ़वा की नवगठित सामाजिक संस्था वूमेन चाइल्ड डेवलपमेंट सोसाइटी ने जिले के भवनाथपुर व केतार प्रखंड का सर्वे किया है. सर्वे के बाद इस संस्था ने विधवा महिलाओं की स्थिति पर एक रिपोर्ट जारी किया है. संस्था की अध्यक्ष संयोगिता देवी ने मंगलवार को […]
गढ़वा : गढ़वा जिले में विधवाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय है. गढ़वा की नवगठित सामाजिक संस्था वूमेन चाइल्ड डेवलपमेंट सोसाइटी ने जिले के भवनाथपुर व केतार प्रखंड का सर्वे किया है. सर्वे के बाद इस संस्था ने विधवा महिलाओं की स्थिति पर एक रिपोर्ट जारी किया है.
संस्था की अध्यक्ष संयोगिता देवी ने मंगलवार को एक प्रेसवार्ता कर गढ़वा जिले के विधवाओं की स्थिति व उनके लिए संस्था द्वारा किये जानेवाले प्रयासों के संबंध में जानकारी दी.
संयोगिता देवी ने कहा कि उन्होंने इस संस्था बनाने के पश्चात सर्वप्रथम विधवाओं महिलाओं की स्थिति का अध्ययन करने का प्रयास किया. इस क्रम में पांच फरवरी 2015 से 20 फरवरी 2015 तक भवनाथपुर व केतार प्रखंड के 30 गांवों के विधवाओं की स्थिति पर सर्वे किया. इसमें उन्होंने पाया कि 115 महिलाएं 50 वर्ष से कम उम्र में ही विधवा हो चुकी थीं.
इनमें 44 अनुसूचित जाति, 22 अनुसूचित जनजाति, 42 पिछड़ा वर्ग, तीन सामान्य वर्ग व चार मुसलिम समुदाय से थीं. इनमें चार विधवाएं शारीरिक रूप से विकलांग थी. उन्होंने कहा कि दुखद स्थिति यह है कि अधिकांश महिलाएं अपने विरुद्ध हो रही हिंसा के विरुद्ध आवाज उठाने की भी साहस नहीं कर पाती हैं.
26 में से 15 महिलाओं ने हिंसा के खिलाफ आवाज भी उठाने का प्रयास किया. इसमें पांच महिलाओं को तो न्याय मिला, जबकि शेष महिलाएं अभी भी न्याय की प्रतीक्षा में हैं. ऐसी महिलाओं के लिए वूमेन चाइल्ड डेवलपमेंट सोसाइटी आवाज बन कर इन्हें सम्मानजनक व अधिकारपूर्वक न्याय दिलाने के लिए काम करेगी.
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