चार साल बाद भी अधूरा

Published at :03 Mar 2016 12:52 AM (IST)
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चार साल बाद भी अधूरा

विडंबना. 18 माह में होना था जलमीनार का निर्माण पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा गढ़वा नगर परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में 38 करोड़ की शहरी पाइपलाइन पेयजलापूर्ति योजना का इंतजार शहरवासी पिछलेक चार वर्षों से कर रहे हैं,लेकिन लापरवाही के कारण इस वर्ष भी लोगों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिलनेवाला है. गढ़वा : […]

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विडंबना. 18 माह में होना था जलमीनार का निर्माण
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा गढ़वा नगर परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में 38 करोड़ की शहरी पाइपलाइन पेयजलापूर्ति योजना का इंतजार शहरवासी पिछलेक चार वर्षों से कर रहे हैं,लेकिन लापरवाही के कारण इस वर्ष भी लोगों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिलनेवाला है.
गढ़वा : पिछले दो दशक से पेयजल की गंभीर संकट से जूझ रहा गढ़वा नगर परिषद शहरी क्षेत्र को राहत पहुंचाने के लिए चार वर्ष पूर्व 38 करोड़ की लागत से शहरी पाइपलाइन पेयजलापूर्ति योजना अधूरी है. निर्माण कार्य की गति इस वर्ष भी शहरवासियों को मुंह चिढ़ा रहा है. लापरवाही का आलम यह है कि 18 महीने की यह योजना चार वर्ष बीत जाने के बावजूद महज 30-40 फीसदी तक ही काम हो सका है.
गरमी शुरू हो चुकी है और शहरी क्षेत्र में पेयजल की समस्या गंभीर हो चली है,लेकिन नगर परिषद व पेयजल एवं स्वच्छता विभाग इस मामले में गंभीर नहीं दिख रहे हैं.
समाचार के अनुसार वर्ष 2011-12 में शहरी क्षेत्र में व्याप्त पेयजल की समस्या से निजात दिलाने के उद्देश्य से पेयजल एवं स्वच्छता विभाग एवं नगर परिषद के संयुक्त तत्वावधान में 38 करोड़ रुपये की शहरी पाइपलाइन पेयजलापूर्ति योजना की आधारशिला तत्कालीन नगर अध्यक्ष अनिता दत्त एवं उपाध्यक्ष अलखनाथ पांडेय द्वारा रखी गयी थी. इसके लिए दिल्ली की कंपनी एसएमएस पर्यावरण लिमिटेड को सौंपा गया था तथा यह कार्य 18 महीने में पूरा करना था. लेकिन वर्ष 2015 समाप्त होने के बावजूद महज 30-40 फीसदी काम हो सका है. इससे यह कयास लगाया जा रहा है कि निर्माण कार्य की जो गति है उसके मुताबिक अगले वर्ष तक भी इस योजना का लाभ शहरवासियों को नहीं मिल पायेगा.
क्या है योजना
शहरी पाइपलाइन पेयजलापूर्ति योजना के अनुसार रेहला(गढ़वा से 10 किमी दूर) कोयल नदी से पाइपलाइन के जरिये गढ़वा में पानी लाकर एक जगह पर स्टोर किया जायेगा. इसके बाद शहर में तीन स्थानों पर क्रमश: टंडवा,बिजली कॉलोनी एवं बाजार समिति में टंकी बना कर वहां से पाइपलाइन के माध्यम से शहरी क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति करनी है.
संवेदक व पीएचइडी का रवैया ठीक नहीं : अनिल पांडेय
नगर परिषद उपाध्यक्ष अनिल पांडेय ने कहा कि वर्तमान में संवेदक एवं पीएचइडी का जो योजना के प्रति रवैया है उसके अनुसार वित्तीय वर्ष 2017-18 से पूर्व उक्त योजना पूरी नहीं हो पायेगी. उन्होंने कहा कि योजना को गति देने व निर्धारित अवधि तक कार्य पूरा करने में घोर लापरवाही बरती गयी है.
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