राघव चड्ढा सहित सातों सांसदों की बढ़ेगी परेशानी? संजय सिंह ने सीपी राधाकृष्णन से की कार्रवाई की मांग

Published by :Pritish Sahay
Published at :26 Apr 2026 4:29 PM (IST)
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Aam Aadmi Party

पार्टी छोड़ने वाले सांसदों पर एक्शन के लिए AAP ने लिखा सीपी राधाकृष्णन को पत्र, फोटो- पीटीआई

Aam Aadmi Party: आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन को पत्र लिखकर सात सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. इनमें राघव चड्ढा भी शामिल हैं. पार्टी का आरोप है कि इन सांसदों ने दल-बदल कर संविधान का उल्लंघन किया है.

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Aam Aadmi Party: आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को पत्र लिखकर उच्च सदन (Rajya Sabha) के सात सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है. संजय सिंह का आरोप है कि इन सांसदों ने ‘आप’ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की घोषणा की है. सिंह ने कहा कि सदस्यों का यह कदम संबंधित कानून के प्रावधानों के खिलाफ है.

संजय सिंह ने बताया दल बदल कानून का उल्लंघन

AAP नेता संजय सिंह ने रविवार (26 अप्रैल) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि यह कदम दल-बदल विरोधी कानून का उल्लंघन है और संविधान के प्रावधानों के खिलाफ जाता है. उनका कहना है कि ये सांसद आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुने गए थे, लेकिन बाद में पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल हो गए, जो जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात है.

बढ़ सकती है ‘बागी’ सांसदों की मुश्किलें?

AAP पार्टी ने यह भी कहा कि इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल सहित कई संवैधानिक विशेषज्ञों से राय ली गई है. सभी का तर्क है कि इन सांसदों पर अयोग्यता की कार्रवाई बनती है. रिपोर्ट के अनुसार, जिन सात सांसदों पर कार्रवाई की मांग की गई है, उनमें राघव चड्ढा सहित कई अन्य नाम शामिल हैं, जिन्होंने पार्टी छोड़कर भाजपा में विलय की घोषणा की है.

आप के कई सांसद बीजेपी में हो गये शामिल

बीते शुक्रवार (24 अप्रैल) को आप आदमी पार्टी को जोर का झटका देते हुए राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल ने पार्टी छोड़ दी और बीजेपी में शामिल हो गए. उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी अपने सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से भटक गई है.

आप छोड़ने वाले सांसदों ने दिया यह तर्क

वहीं, आप छोड़ने वाले सांसदों का तर्क है कि संविधान के अनुसार अगर दो-तिहाई सदस्य किसी पार्टी से अलग होकर किसी दूसरी पार्टी में विलय करते हैं तो यह दल-बदल की श्रेणी में नहीं आता. उनका यह भी कहना है कि राज्यसभा में ‘आप’ के कुल 10 सदस्य हैं, जिनमें से अधिकांश ने यह कदम उठाया है.

पंजाब के जनादेश के साथ भी धोखा- AAP

आप नेताओं का दावा है कि यह पूरी घटना पंजाब के जनादेश के साथ भी धोखा है, क्योंकि इनमें से अधिकतर सांसद राज्य से जुड़े हुए हैं. क्योंकि पार्टी छोड़ने वाले सात सांसदों में से छह पंजाब से राज्यसभा सदस्य हैं.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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