जल्दी-जल्दी उग हो सूरुज देव...

जल्दी-जल्दी उग हो सूरुज देव… सोन, कोयल, पंडा, बांकी, कनहर, तहले, दानरो आदि नदी तटों पर उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दियागढ़वा. गढ़वा जिले में छठ महापर्व परंपरागत रूप से पूरी तरह आस्था के साथ संपन्न हो गया. बुधवार की सुबह जिले के दानरो, बांकी कोयल, सोन, पंडा, तहले, सरस्वतिया, कनहर आदि नदी तटों पर हजारों […]
जल्दी-जल्दी उग हो सूरुज देव… सोन, कोयल, पंडा, बांकी, कनहर, तहले, दानरो आदि नदी तटों पर उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दियागढ़वा. गढ़वा जिले में छठ महापर्व परंपरागत रूप से पूरी तरह आस्था के साथ संपन्न हो गया. बुधवार की सुबह जिले के दानरो, बांकी कोयल, सोन, पंडा, तहले, सरस्वतिया, कनहर आदि नदी तटों पर हजारों की संख्या में छठव्रतियों ने उदीयमान सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया. इसी नदी घाट पर मंगलवार की शाम व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया था. जहां रात भर श्रद्धालु भगवान सूर्य की अराधना में डूबे रहे. सभी नदी घाटों पर छठ करनेवाले महिला-पुरुषों की काफी संख्या थी. नगरऊंटारी सूर्य मंदिर, सतबहिनी सूर्य मंदिर आदि में बाहर से भी लोगों ने आकर छठ व्रत किया. जिला मुख्यालय गढ़वा के दानरो नदी के तट को हर साल की तरह आकर्षक रूप से सजावट करते हुए छठव्रतियों के लिये सफाई, रोशनी, पानी, फल, दूध आदि की व्यवस्था की गयी थी. दानरो नदी के उतरी छोर पर स्टूडेंट क्लब एवं फ्रेंड्स क्लब का भव्य पंडाल बना हुआ था, जहां से छठव्रतियों को हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उनकी समस्याओं का निराकरण किया जा रहा था. वहीं पर नदी के उस पार यूनिसर्वल क्लब द्वारा भगवान भास्कर की प्रतिमा स्थापित की गयी थी. जहां अर्घ्य प्रदान करने के बाद श्रद्धालुओंं ने सूर्य भगवान की पूजा की. इसी तरह टी ग्रुप, छठ पूजा समिति सहिजना, जय देवी संघ टंडवा, स्टूडेंट क्लब पुलिस परिवार चिनिया रोड द्वारा छठव्रतियों के लिए सभी व्यवस्था प्रदान की गयी थी. जबकि सरस्वतिया नदी तट पर सूर्या क्लब आदि द्वारा व्रतियों के लिये सुविधा प्रदान की गयी थी. सभी छठ घाटों पर व्रतियों द्वारा जल्दी-जल्दी उग हो सूरुज देव… जैसे सुहाने गीत गूंज रहे थे. टंडवा पुल के पास स्थित दानरो नदी तट को स्टूडेंट क्लब एवं फ्रेंड्स क्लब द्वारा रंग-बिरंगे रोशनी से सजाया गया था. जहां का आकर्षण देखते ही बनता था. इसी तरह सभी प्रखंडों में भी छठ को लेकर पूरी तरह भक्ति का माहौल था. जिला मुख्यालय से सटे जाटा, जुटी आदि के व्रतियों ने घीवा नदी तट पर छठ किया. जबकि कल्याणपुर एवं नवाडीह के व्रतियों ने दानरो नदी छठ घाट पर रातभर रहकर व्रत किया. ग्रामीण क्षेत्रों में जहां नदी नहीं था, वहां तालाब अथवा अन्य जलाशयों के तट पर छठ किया गया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










