दोनों के कंधे पर स्कूल बैग टंगा हुआ था़ काफी भटकने के बाद भूख लगने पर सुबह करीब आठ बजे वे रोने लगे, तभी गढ़देवी मंदिर के पास स्थित लिट्टी दुकानदार रंजीत सरदार की नजर इन पर पड़ी और उन्होंने दोनों को अपने पास बुला कर नाश्ता कराया तथा समाजसेवी विजय कुमार केसरी को उनके बारे में पता लगाने के लिए सौंप दिया़.
जायंटस इंटरनेशनल कमेटी के सदस्य विजय कुमार केसरी ने दोनों बच्चों से प्रेमपूर्वक पूरी जानकारी ली और उनके माता-पिता तक पहुंचने के लिए दोनों का फोटो लेकर वाट्सअप के माध्यम से अपने पिता सह पूर्व मंत्री रामचंद्र केसरी के पूर्व आप्त सचिव संजीव केसरी को प्रेसित किया़ इसके पश्चात संजीव केसरी बच्चों के स्कूल गये और वहां से उनके अभिभावकों का मोबाइल नंबर लेकर उनसे संपर्क स्थापित किया़ संपर्क होने के बाद दोनों के अभिभावक भागे-भागे स्कूल पहुंचे और विजय केसरी के माध्यम से बच्चों से बात की़ इसके पश्चात दोनों बच्चों को विजय केसरी ने अपने घर में रखकर संध्या में गढ़वा थाना को सुपुर्द कराया़, जहां से डीएसपी संदीप कुमार गुप्ता के माध्यम से बाल संरक्षण आयोग गढ़वा को सुपुर्द किया गया़ .

