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जमशेदपुर में आदिवासियों ने निकाली जनाक्रोश महारैली, 40 हजार से ज्यादा लोग जुटे

Updated at : 09 Oct 2025 10:03 PM (IST)
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Tribals Protest in Jamshedpur

जमशेदपुर में उपायुक्त के कार्यालय पर प्रदर्शन करते आदिवासी. फोटो : प्रभात खबर

Tribals Protest in Jamshedpur: आदिवासियों के प्रदर्शन के कारण डीसी ऑफिस के पास करीब 3:15 घंटे तक अफरातफरी की स्थिति बनी रही. दोपहर दो बजे से आदिवासी समाज के लोगों का महाजुटान और प्रदर्शन शुरू हुआ, जो शाम 5 बजे तक जारी रहा. आदिवासी समाज के लोग उपायुक्त कार्यालय के सामने सड़क पर ही बैठ गये

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Tribals Protest in Jamshedpur: आदिवासी बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले गुरुवार को आदिवासी जनाक्रोश महारैली निकाली गयी. इसमें 40 हजार से अधिक महिला-पुरुष शामिल हुए. कोल्हान समेत जमशेदपुर के अलग-अलग हिस्सों से आये संताल, हो, मुंडा, भूमिज, उरांव समेत अन्य जनजातीय समाज के माझी बाबा, मानकी बाबा, गोडेत बाबा, पारानिक बाबा और परगना बाबा के नेतृत्व में महिला-पुरुष रैली निकाल कर पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त कार्यालय के सामने इकट्ठा हुए.

कुड़मी को एसटी में शामिल करने की मांग पर नारेबाजी

कुड़मी को एसटी सूची में शामिल करने की मांग समेत अन्य मुद्दों पर जोरदार विरोध किया. पारंपरिक लाल पाड़ की साड़ी पहनीं महिलाएं और हाथ में पारंपरिक हथियार (तीर-धनुष, फरसा, कुल्हाड़ी) व ढोल-नगाड़ा लेकर पहुंचे पुरुष अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी करते रहे. भारी जनसमूह को देखते हुए सुरक्षा कारणों से उपायुक्त कार्यालय का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर दी गयी. जुबिली पार्क का मेन गेट भी बंद कर दिया गया.

  • कुड़मी को एसटी में शामिल करने की मांग के विरोध में डीसी ऑफिस गेट पर किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
  • जमशेदपुर समेत कोल्हान के अलग-अलग हिस्सों से पारंपरिक हथियार व वाद्ययंत्र लेकर जुटे महिला-पुरुष
  • उपायुक्त के कार्यालय के पास करीब 3:15 घंटे तक बना रहा अफरातफरी का माहौल

2 बजे शुरू हुआ आदिवासियों का महाजुटान

प्रदर्शन के कारण डीसी ऑफिस के पास करीब 3:15 घंटे तक अफरातफरी की स्थिति बनी रही. दोपहर दो बजे से आदिवासी समाज के लोगों का महाजुटान और प्रदर्शन शुरू हुआ, जो शाम 5 बजे तक जारी रहा. आदिवासी समाज के लोग उपायुक्त कार्यालय के सामने सड़क पर ही बैठ गये और प्रदर्शन जारी रखा. समाज की प्रमुख मांगों में एक थी कि उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी से मिलकर उनके सामने अपनी बातें रखें.

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Tribals Protest in Jamshedpur: 5 बजे कार्यालय से बाहर आये उपायुक्त

शाम करीब 5 बजे उपायुक्त अपने कार्यालय से बाहर निकलकर मुख्य द्वार के पास आये और समाज के प्रमुख लोगों से मिले. उनसे बातचीत की, इस दौरान आदिवासी समाज की ओर से राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा गया. उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि मांग पत्र को संबंधित पदाधिकारी तक अवश्य पहुंचाया जायेगा. करीब 15 मिनट की वार्ता के बाद आदिवासी समाज के लोगों ने उपायुक्त का आभार जताया और जोहार कहकर विदा हो गये.

करीब एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही

करीब शाम 5.15 बजे के बाद आदिवासी समाज के लोग लौटने लगे. लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण साकची, मानगो, पुराना कोर्ट से नया कोर्ट और बिष्टुपुर जाने वाली सड़क पर भी जाम की स्थिति बनी रही. शाम करीब 6:30 बजे के बाद ट्रैफिक की स्थिति सामान्य हुई.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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