चाईबासा में ब्लड रिप्लेसमेंट पर रोक का असर: MGM में रक्त संकट गहराया, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

Published by : Sameer Oraon Updated At : 10 Nov 2025 9:46 PM

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एमजीएम अस्पताल के ब्लड बैंक का दृश्य, Pic Credit- Prabhat Khabar

Chaibasa Blood Bank Issue: चाईबासा ब्लड बैंक में गड़बड़ी के बाद रिप्लेसमेंट रोक दी गयी है. अब एमजीएम अस्पताल पर ब्लड का दबाव बढ़ गया है. रक्त की कमी से मरीजों को परेशानी हो रही है.

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Chaibasa Blood Bank Issue, चाईबासा : चाईबासा ब्लड बैंक में हुई गड़बड़ी के बाद विभाग ने ब्लड के बदले ब्लड रिप्लेसमेंट पर रोक लगा दी है. साथ ही चाईबासा और सरायकेला ब्लड बैंक में जांच प्रक्रिया भी रोक दी गयी है. इसके चलते अब इन जिलों के मरीजों को रक्त की आवश्यकता होने पर एमजीएम और जमशेदपुर ब्लड बैंक का रुख करना पड़ रहा है. दोनों ब्लड बैंकों पर अचानक लोड बढ़ने से एमजीएम अस्पताल में लगातार रक्त की कमी बनी हुई है.

एमजीएम अस्पताल में रक्त की खपत हर दिन 25 से 40 यूनिट तक

एमजीएम अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि पहले जहां अस्पताल में प्रतिदिन 20 से 30 यूनिट रक्त की खपत होती थी, अब यह संख्या बढ़कर 25 से 40 यूनिट तक पहुंच गयी है. फिलहाल एमजीएम ब्लड बैंक में सभी ग्रुप मिलाकर केवल 48 यूनिट रक्त उपलब्ध है, जबकि 109 यूनिट ब्लड जांच के इंतजार में है. अगर ब्लड कैंप से पर्याप्त रक्त नहीं मिला तो अस्पताल में संकट गहरा सकता है. कर्मचारियों ने बताया कि एमजीएम ब्लड बैंक को साल में औसतन 40 से 45 ब्लड कैंप मिलते हैं. उन्होंने कहा कि अगर रेड क्रॉस थोड़ी अतिरिक्त मदद करे तो रक्त की कमी नहीं होगी. कर्मचारियों के अनुसार एमजीएम ब्लड बैंक में एलाइजा और सीबीनेट मशीन से जांच के बाद ही मरीजों को रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है.

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चाईबासा व सरायकेला से भी जांच के लिए आ रहा है ब्लड

चाईबासा और सरायकेला से रक्त जांच के लिए सैंपल भी एमजीएम और रांची भेजे जा रहे हैं. चाईबासा में एमजीएम के नाम से लगने वाले ब्लड डोनेशन कैंप में एकत्रित रक्त की जांच एमजीएम या रांची में करायी जा रही है, जिसके बाद उसे मरीजों को उपलब्ध कराया जाता है. जमशेदपुर ब्लड बैंक के जीएम संजय चौधरी ने बताया कि पहले की तुलना में रक्त की मांग कुछ बढ़ी है, लेकिन फिलहाल ब्लड बैंक में पर्याप्त मात्रा में रक्त उपलब्ध है. पहले जहां प्रतिदिन लगभग 50 यूनिट रक्त की खपत होती थी, वहीं अब यह बढ़कर 70 से 80 यूनिट तक पहुंच गयी है.

अधीक्षक ने उपायुक्त को लिखा पत्र

एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आरके मंधान ने उपायुक्त को पत्र लिखकर रेड क्रॉस और वीबीएचडीए से सहयोग की मांग की है, ताकि अस्पताल में रक्त की कमी न हो और मरीजों का इलाज प्रभावित न हो.

एमजीएम में किस ग्रुप के कितने यूनिट ब्लड है मौजूद

ग्रुप यूनिट
ए पॉजिटिव- 06
बी पॉजिटिव- 15
ओ पॉजिटिव- 21

एबी पॉजिटिव- 01
ए निगेटिव-02
बी निगेटिव- 01

ओ निगेटिव- 02
एबी निगेटिव- 00

क्या कहते हैं एमजीएम ब्लड बैंक के एचओडी

एमजीएम ब्लड बैंक में रक्त की कमी हो रही है. यहां गरीब मरीज इलाज कराने आते हैं जिनको ब्लड बैंक से नि:शुल्क ब्लड दिया जाता है. इसके लिए कैंप की जरूरत है ताकि मरीजों को ब्लड दिया जा सकें. इसके लिए सभी सामाजिक संस्थाओं से अनुरोध कि वे लोग एमजीएम अस्पताल में रक्तदान करे ताकि गरीबों को रक्त उपलब्ध कराया जा सकें. रक्तदाता एमजीएम अस्पताल के ब्लड बैंक में आकर रक्तदान कर सकते है.

डॉ भीबीके चौधरी, एचओडी एमजीएम ब्लड बैंक

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लेखक के बारे में

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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