East Singhbhum News : गुजरात में बंधक बने धालभूमगढ़ के 18 मजदूर मुक्त, सुरक्षित घर लौटे
Published by : ATUL PATHAK Updated At : 21 Feb 2026 11:56 PM
13 घंटे काम और मारपीट की प्रताड़ना झेल रहे थे सभी श्रमिक
धालभूमगढ़.
गुजरात के मोरबी स्थित टाइल्स फैक्ट्री में बंधक बने धालभूमगढ़ प्रखंड के रुआशोल गांव के 18 मजदूर सुरक्षित अपने घर लौट आये हैं. विधायक सोमेश चंद्र सोरेन की पहल और जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद शुक्रवार देर शाम मजदूरों की वापसी हुई. विधायक के निर्देश पर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सह विधायक प्रतिनिधि अर्जुन चंद्र हांसदा ने मजदूरों से मुलाकात कर उनका हाल जाना. विधानसभा सत्र में व्यस्तता के कारण विधायक स्वयं नहीं पहुंच सके. पीड़ित मजदूर बुदाय हेंब्रम, उनकी पत्नी सुकुल हेंब्रम, श्याम बेसरा और देवी बेसरा ने पूरी जानकारी दी.लालच देकर गुजरात ले गया था बिचौलिया:
मजदूरों ने बताया कि ओडिशा के राजेश ने उन्हें 18 हजार रुपये प्रति माह वेतन का झांसा देकर मोरबी बुलाया. वहां उनके 18 मजदूरों के ग्रुप को बांट दिया गया. उन्हें 50 किमी दूर दूसरी फैक्ट्री में भेज दिया गया.
अनिवार्य रूप से बनायें श्रम कार्ड : अर्जुन हांसदा
विधायक प्रतिनिधि अर्जुन हांसदा ने स्थानीय मजदूरों से अपील की, वे बाहर काम पर जाने से पहले अपना श्रम कार्ड अवश्य बनवायें. उसे साथ रखें. उन्होंने कहा कि श्रम कार्ड होने से सरकार के पास मजदूरों का रिकॉर्ड रहता है, जिससे संकट के समय त्वरित सहायता और सरकारी सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकती हैं. इस मौके पर चैतन्य मुर्मू, लखन हांसदा, ईश्वर सोरेन और मंगल हांसदा मौजूद थे.
13 घंटे काम के बाद कमरे में कैद कर रखा जाता था:
मजदूरों से रोजाना 13 घंटे जबरन काम कराया जाता था. ठेकेदार और मुंशी उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज करते थे. रात में नशे की हालत में ठेकेदार के लोग आकर उन्हें पीटते थे. फैक्ट्री पहुंचते ही सबके मोबाइल फोन छीन लिये गये थे. काम खत्म होने के बाद उन्हें कमरे में ले जाकर बाहर से ताला लगा दिया जाता था. बीमार होने पर दवा लाने तक की अनुमति नहीं थी.
परिजनों की गुहार पर प्रशासन ने की कार्रवाई:
मजदूर बुदाय हेंब्रम ने काफी मिन्नतें कर अपना मोबाइल मांगा और परिजनों को सूचित किया. परिजनों ने विधायक को आवेदन देकर मदद मांगी. विधायक की पहल पर गुजरात प्रशासन हरकत में आया. टाइल्स फैक्ट्री प्रबंधन को फटकार लगाते हुए मजदूरों का बकाया वेतन दिलाकर उन्हें वापस भेजने का निर्देश दिया.
10 वर्षों से तमिलनाडु में बंधक है सबर युवक, सुरक्षित वापसी की गुहार
घाटशिला. घाटशिला प्रखंड की काशिदा पंचायत स्थित चेंगजोड़ा गहनडीह सबर बस्ती निवासी राम सबर को तमिलनाडु में बंधक बनाने का मामला सामने आया है. राम सबर के भाई चेपा सबर ने सुरक्षित वापसी के लिए पूर्वी सिंहभूम के उप श्रमायुक्त को ज्ञापन सौंपा है. परिजनों के अनुसार, राम सबर करीब 10 वर्ष पहले बोरिंग गाड़ी में काम करने तमिलनाडु के गया था. आरोप है कि उसे बांधडीह निवासी दीपक और गोविंदा अपने साथ ले गये थे. राम सबर ने फोन पर परिजनों को बताया कि उसे बाहर नहीं जाने दिया जाता और जबरन काम कराया जा रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए वार्ड सदस्य बृजेश सोरेन ने घाटशिला एसडीपीओ अजीत कुजूर को सूचित किया, जिन्होंने श्रम विभाग में शिकायत की सलाह दी. 18 फरवरी 2026 को लिखित आवेदन दिये जाने के बाद अब स्टेट माइग्रेशन कंट्रोल रूम (रांची) ने भी मामले की जानकारी ली है.
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