East Singhbhum News : बच्चे की तलाश में गांवों में उत्पात मचा रहे उग्र हाथी, घरों में कैद हुए ग्रामीण

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 06 Jan 2025 11:54 PM

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घाटशिला में ठंड से बेहोश बच्चे को वन विभाग इलाज के लिए जमशेदपुर ले गया, 10 हाथियों के झुंड ने गोटा पाथर नाला पर डाला डेरा, दहशत में ग्रामीण

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गालूडीह. गालूडीह थाना क्षेत्र के डुमकाकोचा में रविवार (पांच जनवरी) हाथी का एक बच्चा बेहोश हो गया. वन विभाग के हाथी के बच्चे को उठाकर इलाज के लिए जमशेदपुर ले गया. इससे हाथियों का एक झुंड उग्र हो गया है. बाघुड़िया पंचायत के गांवों में पिछले दो दिन से हाथियों का आतंक जारी है. सोमवार को 10 हाथियों का झुंड गोटा पाथर नाला के ऊपर जंगल में जमा था. डुमकाकोचा, मिर्गीटांड़, नरसिंहपुर, एमजीएम थाना क्षेत्र के ईटामाड़ा, माचाबेड़ा आदि गांवों के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. हाथियों का झुंड लगातार अपने बच्चे को ढूंढ रहा है. गांव के लोग हाथियों के भय से रतजगा कर रहे हैं. हालांकि, वन विभाग की ओर से हाथी को खदेड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है.

हाथी के बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार, निगरानी में रखा गया

मालूम हो कि गालूडीह थाना के नरसिंहपुर पहाड़ से सटे डुमकाकोचा गांव के पास रविवार की सुबह हाथी का एक बच्चा ठंड लगने से बेहोश हो गया. इसके बाद हाथियों का झुंड नरसिंहगढ़ सड़क पर घंटों जमे रहे. इस दौरान दर्जनों बाइकों को क्षतिग्रस्त कर दिया. फसलों को रौंदकर बर्बाद कर दिया. सूचना पाकर घाटशिला के रेंजर विमद कुमार टीम के साथ डुमकाकोचा पहुंचे थे. काफी मशक्कत के बाद देर शाम हाथी के बच्चे को रेस्क्यू कर जमशेदपुर ले जाया गया. घाटशिला के रेंजर विमद कुमार ने बताया कि हाथी के बच्चे का इलाज के बाद स्वास्थ्य में सुधार है. पूरी तरह स्वस्थ होने तक उसे निगरानी में रखा जायेगा.

फसलों को पहुंचा रहे नुकसान

अब फसलों के साथ-साथ जान-माल का भय सताने लगा है. शाम होते ही हाथियों के डर से घरों में दुबकने को विवश हैं. ग्रामीण घरों में सोने से कतरा रहे हैं. ग्रामीण जंगल नहीं जायेंगे, तो खायेंगे क्या? इसकी चिंता सता रही है.

सुकूरमनी हांसदा

, ग्रामीण, मिर्गीटांड़ गांव

————————————-पिछले दो दिनों से रात में हाथी गांव में आ रहे हैं. ग्रामीण भयभीत हैं. हाथी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है. ग्रामीणों में भय का माहौल है. ग्रामीणों को सलाह दी गयी है कि जंगल की ओर न जायें. अधिकतर गरीब की जीविका जंगल से भरोसे चलती है.

श्यामल सिंह

, ग्राम प्रधान, नरसिंहपुर गांव

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घाटशिला वन क्षेत्र में अबतक हाथी के चार बच्चे मरे

घाटशिला वन क्षेत्र के पहाड़ों में अबतक हाथी के चार बच्चे विभिन्न कारणों से मरे हैं. घाटशिला रेंज के माकुली जंगल के पास एक बच्चा मारा गया था. इसके बाद झाटीझरना के जंगल में एक नवजात हाथी जन्म के कुछ दिन बाद मर गया. बुरुडीह के निकट पाना झरना पहाड़ पर हाथी के एक बच्चे की मौत हो चुकी है. माकड़ा- कालापाथर के निकट ललमटिया पहाड़ के नीचे हाथी के एक बच्चे का मौत हो चुकी है, तब हाथी के बच्चे को बचाने के लिए वन विभाग ने काफी मशक्कत की थी. अब डुमकाकोचा के पास नदी पार करने के दौरान ठंड लगने से हाथी का एक बच्चा बीमार पड़ गया है. बेहोश होकर गिर गया था.

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