सरकारी चिकित्सा से उठा ग्रामीणों का विश्वास डायरिया से मुक्ति के लिए झाड़-फूंक का सहारा

मुसाबनी : मुसाबनी के बदिया गांव में डायरिया पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में ग्रामीणों का सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था व एमजीएम अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था से विश्वास उठ गया है. 21वीं सदी के तकनीकी युग में ग्रामीणों ने मंगलवार को डायरिया से मुक्ति के लिए ओझा, झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र व पूजा-पाठ का सहारा […]
मुसाबनी : मुसाबनी के बदिया गांव में डायरिया पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में ग्रामीणों का सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था व एमजीएम अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था से विश्वास उठ गया है. 21वीं सदी के तकनीकी युग में ग्रामीणों ने मंगलवार को डायरिया से मुक्ति के लिए ओझा, झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र व पूजा-पाठ का सहारा लिया. आज भी ग्रामीण अंधविश्वास के मकड़जाल में फंसे हुए हैं. मंगलवार को टोला में एक ओझा दिन भर पूजा करवाता रहा. महिलाओं ने उपवास रख कर पूजा की. टोकरी, हंडी व झाड़ू में डायरिया को भरकर टोला से बाहर फेंक दिया. टोला की सीमा की घेराबंदी की, ताकि डायरिया टोला में प्रवेश न कर सके.
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