नक्सलियों ने ठेकेदार का पता पूछा, पुलिस हुई अलर्ट

Updated at : 10 Aug 2018 4:08 AM (IST)
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नक्सलियों ने ठेकेदार का पता पूछा, पुलिस हुई अलर्ट

बुधवार को दिन में निरीक्षण करने आये थे एडीजी अनिल पाल्टा डीएसपी ने कहा- मामले की जांच हो रही, एक मजदूर ने देखा हथियारबंद 16-17 अपराधियों ने मोबाइल नंबर मांगा गालूडीह : जादूगोड़ा थानांतर्गत श्वांसपुर में निर्माणाधीन पुलिस ट्रेनिंग कैंप में बुधवार की देर रात नक्सली धमक की सूचना पर पुलिस अलर्ट हो गयी है. […]

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बुधवार को दिन में निरीक्षण करने आये थे एडीजी अनिल पाल्टा

डीएसपी ने कहा- मामले की जांच हो रही, एक मजदूर ने देखा
हथियारबंद 16-17 अपराधियों ने मोबाइल नंबर मांगा
गालूडीह : जादूगोड़ा थानांतर्गत श्वांसपुर में निर्माणाधीन पुलिस ट्रेनिंग कैंप में बुधवार की देर रात नक्सली धमक की सूचना पर पुलिस अलर्ट हो गयी है. खबर है कि 16-17 की संख्या में हथियार बंद लोग रात में कैंप पहुंचे थे. वे पुलिस ट्रेनिंग कैंप निर्माण करने वाले ठेकेदार मनीष सिंह को ढूंढ रहे थे. यहां काम करने वाले मजदूरों और मुंशी से हथियार बंद लोगों ने ठेकेदार का मोबाइल नंबर भी मांगा. उनके संबंध में पूछताछ करने के बाद चले गये. मजदूरों ने रात में इसकी जानकारी ठेकेदार को दी. ठेकेदार ने पुलिस को जानकारी दी. सूचना मिलते ही मुसाबनी डीएसपी अजीत कुमार विमल, जादूगोड़ा थाना प्रभारी प्रभात कुमार दलबल के साथ पहुंचे. पुलिस देर रात से सुबह तक जांच की, लेकिन ऐसी कोई बात सामने नहीं आयी.
बीते साल नक्सलियों ने किया था विस्फोट, ट्रेनिंग कैंप का किया था विरोध : जानकारी हो कि बुधवार को दिन में पुलिस ट्रेनिंग कैंप का निरीक्षण करने एडीजी अनिल पाल्टा समेत कई पुलिस पदाधिकारी पहुंचे थे. रात में नक्सली धमक से पुलिस अलर्ट हो गयी है. विदित हो कि विगत वर्ष जब पुलिस ट्रेनिंग कैंप का काम शुरू हुआ था. चहारदीवारी दी जा रही थी तब नक्सलियों ने यहां सीरियल लैंड माइंस ब्लास्ट किया था. कई जगह चहारदीवारी ध्वस्त कर दिया था. विस्फोट के बाद नक्सलियों ने कई पोस्टर और बैनर छोड़ गये थे. इसमें पुलिस ट्रेनिंग कैंप का विरोध किया गया था. अब दोबारा नक्सली धमक से पुलिस अलर्ट हो गयी है.
सूचना मिलने पर रात में मैं स्वयं पहुंचा. वहां आधे घंटे तक जांच की. सिर्फ एक मजदूर बता रहा कि हथियार बंद नक्सली आये थे. हो सकता जवानों को देख कर गलतफहमी हुई हो. कैंप के पास जवानों का कैंप भी है. इतने सदर स्थान पर नक्सली नहीं आ सकते. फिर भी पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है. पुलिस अलर्ट है. पुलिस ट्रेनिंग कैंप निर्माण में किसी तरह की कोई बाधा उत्पन्न नहीं होने देंगे.
– अजीत कुमार विमल, डीएसपी, मुसाबनी
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