स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित

Published at :02 Feb 2016 7:00 AM (IST)
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स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित

दुमका : एनआरएचएम एएनएम-जीएनएम अनुबंध कर्मचारी संघ के आह्वान पर एएनएम के पिछले एक पखवारे से भी अधिक समय से हड़ताल में डटे रहने से सदर अस्पताल और प्रखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की चिकित्सा व्यवस्था पर बेहद बुरा असर तो पड़ा ही है, कुपोषण उपचार केंद्र भी इससे अछूता नहीं रहा है. कुपोषण उपचार […]

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दुमका : एनआरएचएम एएनएम-जीएनएम अनुबंध कर्मचारी संघ के आह्वान पर एएनएम के पिछले एक पखवारे से भी अधिक समय से हड़ताल में डटे रहने से सदर अस्पताल और प्रखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की चिकित्सा व्यवस्था पर बेहद बुरा असर तो पड़ा ही है, कुपोषण उपचार केंद्र भी इससे अछूता नहीं रहा है.

कुपोषण उपचार केंद्र के सभी बेड खाली पड़े हुए हैं. ऐसा नहीं है कि कुपोषित बच्चे इस केंद्र में नहीं आ रहे. बच्चे आ रहे हैं, लेकिन एएनएम की कमी के कारण अभी उन्हें भर्ती नहीं किया जा रहा. मामूली जांच कर आवश्यक परामर्श देकर उन्हें छोड़ देना स्थायी कर्मी की मजबूरी है.

दरअसल कुपोषण उपचार केंद्र में अनुबंध पर बहाल सात एएनएम कार्यरत हैं और नियमित केवल एक महिला कक्ष सेविका ग्रेसी हांसदा व सपोर्टिग स्टॉफ के रुप में संतोष कुमार कार्यरत है. अनुबंध पर कार्यरत सर्विल कुमारी, सुशीला कुमारी, सुनैना सिंह, स्वपना मुरमू, स्तुति शीला मुरमू, अस्तीना हेंब्रम व पूनम कुमार आंदोलन में हैं. ऐसे में पूरे कुपोषण उपचार केंद्र में दिनभर सन्नाटा पसरा रहता है और कुपोषित बच्चों को लेकर पहुंचने वाले अभिभावक वैरंग लोटने को मजबूर हैं.
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