दुमका : स्कूल के सीनियर छात्र जूनियर को बना रहे थे नशे का आदी, ब्लैकमेल कर घर से मंगवाते थे रुपये

Updated at : 14 Sep 2018 9:14 PM (IST)
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दुमका : स्कूल के सीनियर छात्र जूनियर को बना रहे थे नशे का आदी, ब्लैकमेल कर घर से मंगवाते थे रुपये

स्कूल प्रबंधन ने आरोपी छात्रों से पहले तो लिखवाया था बांड, अब कानूनी कार्रवाई करने की भी कही बात संवाददाता, दुमका दुमका के बक्सी बांध रोड स्थित संत जोसेफ स्कूल के कुछ सीनियर छात्रों के खिलाफ गंभीर आरोप लगे हैं और ऐसे छात्रों पर अन्य पीड़ित और प्रभावित हो रहे छात्रों के करीब दो दर्जन […]

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स्कूल प्रबंधन ने आरोपी छात्रों से पहले तो लिखवाया था बांड, अब कानूनी कार्रवाई करने की भी कही बात

संवाददाता, दुमका

दुमका के बक्सी बांध रोड स्थित संत जोसेफ स्कूल के कुछ सीनियर छात्रों के खिलाफ गंभीर आरोप लगे हैं और ऐसे छात्रों पर अन्य पीड़ित और प्रभावित हो रहे छात्रों के करीब दो दर्जन अभिभावकों ने कड़ी कार्रवाई करने तथा ऐसी घटनाओं पर विराम लगवाने के लिए कठोर कदम उठाये जाने की मांग की है. मिली जानकारी के मुताबिक ऐसे छात्रों की शिकायत को लेकर अभिभावक पहले तो विद्यालय प्रबंधन से मिले, जिसके बाद जिन छात्रों पर आरोप लगे थे, उससे बांड लिखवाया गया, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

उलटे जिन अभिभावक के शिकायत पर कार्रवाई हुई, वैसे लोगों के मुहल्ले और घरों से कुछ संदिग्ध किशोरों की हलचल बढ़ गयी. ऐसे में रात के वक्त अभिभावक नगर थाना भी पहुंचे. सुबह फिर परिजन स्कूल पहुंचे. इधर नगर थाना प्रभारी सह पुलिस इंस्पेक्टर देवव्रत पोद‍्दार ने भी पूरे मामले की अपने स्तर से पड़ताल की तथा विद्यालय के प्राचार्य को कड़े शब्दों में प्रबंधन की खामियों को दूर व दुरुस्त करने, पीछे की ओर की चाहरदिवारी बनवाने, पूरे स्कूल के प्रवेश द्वारा से लेकर हर तल और पूरे परिसर को सीसीटीवी की जद में लाने का निर्देश दिया.

घर से रुपये गायब होने पर परिजनों ने की सख्ती, तो खुला राज

मिली जानकारी के मुताबिक कुछ परिजनों ने घर से रुपये बार-बार गायब होने की बात पर सख्ती से अपने बच्चे से पूछताछ की, तब यह राज खुला. कुछ अभिभावकों ने एक-दूसरे से ये बातें साझा की, तो अन्य भी एक-दूसरे की तरह पीड़ित नजर आयें. इन्हें अपने बच्चों से पता चला कि बात सिर्फ रुपये-पैसे तक ही सीमित न थी. ऐसे कुछ सीनियर छात्र बच्चों को डेंडराइट, व्हाइटनर, चार्जेबल इलेक्ट्रानिक निकोटिनयुक्त सिगरेट के अलावा अन्य नशीले सफेद पाउडर आदि जबरदस्ती जूनियर बच्चों को पिलाने-सूंघाने आदि का काम करते थे.

कोल्डड्रिंक में शराब मिलाकर उन्हें नशे की भी लत लगा रहे थे. फिर उनका फोटो मोबाइल से खींचकर पिता को दिखाने की धमकी देकर 100-200 रुपये से लेकर 30 हजार रुपये तक की रकम ऐंठने के प्रयास में लगे रहते थे. पैसे देने में आनाकानी करने पर विद्यालय के खाली सुनसान स्थल पर ले जाकर मारपीट भी करते थे.

क्‍या कहते हैं इंस्‍पेक्‍टर

पुलिस इंस्‍पेक्‍टर, नगर थाना, देवव्रत पोद्दार ने कहा कि अभिभावकों का कहना था कि उनके बच्चे घर से चोरी कर पैसे लाते हैं. कुछ स्कूल के ही सीनियर छात्र ऐसा करने का दवाब देते हैं. इसी बात की शिकायत को लेकर मैं आया था. कई अन्य पहलुओं पर हमने दिशा-निर्देश दिया है. स्कूल में सीसीटीवी लगवाने को कहा गया है. पीछे की जो चाहरदिवारी टूटी हुई है, उसे बनवाने को कहा गया है.

क्‍या कहते हैं स्‍कूल के प्राचार्य

स्‍कूल के प्राचार्य फादर पीयूष ने कहा कि अभिभावकों की जो शिकायत आयी है, उसकी छानबीन की जा रही है. ऐसे बच्चों को चिन्हित करने के बाद कड़ी कार्रवाई की जायेगी. कुछ बच्चों से बांड भरवाया गया है. स्कूल के परिसर में गलत चीज नहीं होनी चाहिए. विद्यालय प्रबंधन ऐसे मामले को गंभीरता से ले रहा है. विद्यालय प्रबंधन ऐसे छात्रों पर कानूनी कार्रवाई भी करेगा.

क्‍या कहते हैं अभिभावक

एक अभिभावक रेणु देवी का कहना है कि स्कूल में अनुशासन नाम की कोई चीज नहीं है. जूनियर बच्चों को नशा खाने-पीने को मजबूर किया जाता है. उन्हें घर से पैसे लाने की धमकी दी जाती है. ऐसे सीनियर छात्र पैसे लेने के लिए घर तक पहुंच जा रहे हैं. 50 हजार तक मांग करते हैं. विद्यालय में अनुशासन होना चाहिए. जिन बातों की शिकायत की गयी है, विद्यालय को गंभीरता से लेनी चाहिए.

एक अन्‍य अभिभावक संजीव सिंहानिया का कहना है कि स्कूल के कुछ छात्र बाहरी छात्रों के संपर्क में आकर दूसरे जूनियर छात्रों को नशे की लत लगवा रहे हैं. उनसे उनके घर से पैसे चोरी करके लाने को कहा जा रहा है. पैसे न लाने पर मारा-पीटा व धमकाया जा रहा है. ऐसे मामलों का अब तक नजरअंदाज किया जाना विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही का द्योतक है.

राजेश चौधरी ने कहा कि तीन दिन पहले अपने बच्चे को बहुत दवाब दिया, तब उसने धीरे-धीरे सबकुछ बताया कि कई दिनों से महीनों से उससे पैसे वसूला जाता है. स्कूल का ही कोई सीनियर छात्र यह पैसा वसूलता है. ऐसी ही चीजों की वजह से मेरे बेटे की सेहत पर काफी बुरा असर पड़ा है. ऐसे लड़के जूनियर बच्चे को पैसे चोरी करके लाने के तरीके भी बताये जाते हैं.

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