सरकारी जमीन या मंदिर की भूमि को लेकर दो पक्ष आमने-सामने, प्रशासन ने किया हस्तक्षेप
Published by : YUVRAJ RATAN Updated At : 29 May 2026 7:35 PM
हालात का निरीक्षण करते अधिकारी
Gopalganj News : विवादित भूमि पर नापी के आदेश, अंचलाधिकारी को जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
Gopalganj News (अखिल कुमार) : मांझा थाना क्षेत्र के भवानीगंज स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में सरकारी भूमि पर मिट्टी भराई को लेकर शुक्रवार को दो समुदायों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया. देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया. प्रशासन की तत्परता के कारण किसी बड़ी घटना को समय रहते टाल दिया गया. जानकारी के अनुसार भवानीगंज दुर्गा मंदिर परिसर से सटी एक भूमि पर एक समुदाय के लोग मिट्टी भराई का कार्य करा रहे थे. बताया जाता है कि उक्त भूमि को मंदिर की दान की भूमि बताया जा रहा था, जबकि दूसरे समुदाय के लोगों ने इसे सरकारी भूमि बताते हुए कार्य का विरोध शुरू कर दिया.विरोध बढ़ते ही दोनों पक्षों के बीच कहासुनी होने लगी और माहौल तनावपूर्ण हो गया. स्थानीय लोगों की सूचना पर मांझा थानाध्यक्ष निरंजन कुमार तथा अंचलाधिकारी मुन्ना कुमार पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे.
पुलिस-प्रशासन ने संभाली स्थिति, बैठक आयोजित
मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया तथा तत्काल प्रभाव से मिट्टी भराई का कार्य बंद करा दिया. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दोनों समुदायों के लोगों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई भी की, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो सके. घटना के बाद पूरे इलाके में पुलिस की गतिविधि बढ़ा दी गई तथा संवेदनशील स्थानों पर निगरानी तेज कर दी गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार की शाम मांझा थाना परिसर में सदर एसडीएम अनिल कुमार एवं सदर एसडीपीओ-2 डॉ. राजेश कुमार के नेतृत्व में दोनों पक्षों के लोगों के साथ बैठक आयोजित की गई.बैठक में बीडीओ विनीत कुमार, अंचलाधिकारी मुन्ना कुमार, थानाध्यक्ष निरंजन कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे.प्रशासन की ओर से दोनों समुदायों को आपसी सौहार्द बनाए रखने तथा कानून व्यवस्था का पालन करने की अपील की गई.
प्रशासन ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया भरोसा
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बातें अधिकारियों के समक्ष रखीं. एक पक्ष ने भूमि को मंदिर से जुड़ी दान की भूमि बताया, जबकि दूसरे पक्ष ने इसे सरकारी भूमि बताते हुए किसी भी प्रकार के निर्माण या मिट्टी भराई पर रोक लगाने की मांग की. काफी देर तक चली बातचीत के बावजूद दोनों पक्ष किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सके. इसके बाद सदर एसडीएम एवं सदर एसडीपीओ स्वयं अधिकारियों के साथ विवादित स्थल पर पहुंचे और स्थल निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान सदर एसडीएम अनिल कुमार ने कहा कि प्रथम दृष्टया संबंधित भूमि सरकारी प्रतीत हो रही है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.उन्होंने अंचलाधिकारी को तत्काल भूमि की नापी कराने तथा पूरी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.साथ ही उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर प्रशासन निर्णय लेगा.
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