108 एंबुलेंस नहीं जा रही सिउड़ी, मरीजों को हो रही परेशानी
Published by :Prabhat Khabar News Desk
Published at :06 Dec 2024 10:12 PM (IST)
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रानीश्वर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गंभीर मरीज को अगर किसी बेहतर चिकित्सा संस्थान में रेफर करना होता है, तब परेशानी बढ़ जाती है.
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प्रतिनिधि, रानीश्वर
सीएचसी में उपलब्ध करायी गयी 108 एंबुलेंस सीएचसी से मरीजों को लेकर सिउड़ी नहीं जाने से स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मरीजों व उनके परिजनों की भी परेशानी बढ़ गयी है. 108 एंबुलेंस का परिचालन राज्य के अंदर ही होना है. रानीश्वर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गंभीर मरीज को अगर किसी बेहतर चिकित्सा संस्थान में रेफर करना होता है, तब परेशानी बढ़ जाती है. रानीश्वर से सिउड़ी की दूरी महज 20 किमी है, जबकि दुमका का फूलो झानो मेडिकल काॅलेज 42 किमी सड़क हादसे में गंभीर रूप से जख्मी व्यक्ति या गंभीर रूप से बीमार रोगी के लिए एक-एक मिनट कीमती रहती है. ऐसे में दुमका की बजाय सिउडी को चुनना मजबूरी भी है. लेकिन वहां यह एंबुलेंस नहीं जाती. जानकारी के अनुसार करीब डेढ़ महीने से 108 एंबुलेंस का सिउड़ी जाना बंद कर दी गयी है. बताया जा रहा है कि एंबुलेंस का टायर खराब हो जाने से दूर नहीं जाकर नजदीक से मरीजों या घायलों को लेकर सीएचसी पहुंचाता है. दुर्घटना में एक साथ अधिक घायल होने से सीएचसी में घायलों का प्राथमिक इलाज के बाद रेफर किए जाने से घायलों को सिउड़ी या दुमका ले जाने में परेशानी हो जाती है. गुरुवार को बोराडंगाल के पास दो बाइक में आमने-सामने टक्कर हो जाने से दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गये थे. दोनों को सीएचसी पहुंचाकर प्राथमिक इलाज के बाद रेफर कर दिया गया. पर एंबुलेंस के अभाव स्वास्थ्यकर्मियों को परेशानी झेलनी पड़ी. 108 एंबुलेंस के बदले सीएचसी के छोटा एंबुलेंस से एक ही घायल को सिउड़ी भेजा गया. हालांकि सिउड़ी अस्पताल पहुंचते ही वह दम तोड़ दिया. सीएचसी में छोटी एंबुलेंस होने के कारण एक साथ दोनों को नहीं भेजा जा सका. दूसरा घायल को एक घंटे बाद एक भाड़े के वाहन से सिउड़ी भेजा गया. 108 एंबुलेंस का टायर ठीक रहता व वहां तक परिचालन की अनुमति होती, तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती.कोट
108 एंबुलेंस का टायर ठीक नहीं रहने से मरीजों को लेकर सिउड़ी या दूर नहीं जा रहा है. इस संबंध में संबंधित संस्था को सूचित किया गया है पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है. एंबुलेंस के चलते सभी को परेशानी झेलनी पड़ रही है.डॉ नदियानंद मंडल, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी
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