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सिंदरी में नैनो यूरिया प्लांट व 60 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र समेत 17 योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी

Updated at : 01 Mar 2024 9:53 AM (IST)
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hurl sindri press conference

हर्ल सिंदरी आ रहे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. अधिकारी ने दी जानकारी.

पीएम मोदी धनबाद आ रहे हैं. सिंदरी में हिंदुस्तान उर्वरक और रसायन लिमिटेड (हर्ल) अगले तीन महीने के भीतर 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से सिंदरी में एक नया नैनो यूरिया संयंत्र स्थापित करेगा.

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धनबाद जिले के सिंदरी में हिंदुस्तान उर्वरक और रसायन लिमिटेड (हर्ल) अगले तीन महीने के भीतर 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से सिंदरी में एक नया नैनो यूरिया संयंत्र स्थापित करेगा. पीएम मोदी के सिंदरी आने से पहले हर्ल कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर शिब प्रसाद मोहंती ने हर्ल स्पंदन क्लब में इस आशय की जानकारी दी.

6 महीने में गोल्ड यूरिया संयंत्र स्थापित करेगा हर्ल

शिब प्रसाद मोहंती ने पत्रकारों को बताया कि केंद्र सरकार ने सभी यूरिया उत्पादक संयंत्रों को अगले चार वर्षों के भीतर नीम लेपित यूरिया से सल्फर लेपित गोल्ड भारत यूरिया का उत्पादन शुरू करने को कहा है. हर्ल अगले छह महीने में गोल्ड यूरिया संयंत्र स्थापित करने पर विचार कर रहा है.

हर्ल की बरौनी इकाई का भी पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

श्री मोहंती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक मार्च को सिंदरी में नवनिर्मित हर्ल इकाई का उद्घाटन करेंगे. यहां पूरी तैयारी कर ली गयी है. एमडी ने बताया कि पीएम दो मार्च को बरौनी में आइओसीएल की कुछ अन्य परियोजनाओं के अलावा हर्ल की बरौनी इकाई का भी उद्घाटन करेंगे.

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सिंदरी संयंत्र से अब तक 10.08 लाख मीट्रिक टन उत्पादन

एमडी श्री मोहंती ने बताया कि हम गोल्ड यूरिया प्लांट स्थापित करने के लिए तकनीक प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं. इन उत्पादों का उद्देश्य कृषि उपज को कई गुना बढ़ाना है. इसके लिए सिंदरी में 60 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए अध्ययन शुरू कर दिया गया है.

10.08 लाख मीट्रिक टन नीम लेपित यूरिया का किया उत्पादन

बताया कि हर्ल सिंदरी संयंत्र ने अब तक 10 लाख आठ हजार मीट्रिक टन नीम लेपित यूरिया का उत्पादन किया है और 12 लाख 70 हजार टन प्रति वर्ष यूरिया की स्थापित क्षमता के मुकाबले 11 लाख 50 हजार टन यूरिया का वार्षिक उत्पादन दर्ज करने की उम्मीद है.

सिंदरी इकाई ने इन राज्यों को भी की यूरिया की आपूर्ति

उन्होंने बताया कि सिंदरी इकाई ने बिहार और झारखंड के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को भी यूरिया की आपूर्ति की है. प्रेसवार्ता में हर्ल सिंदरी के वाइस प्रेसिडेंट सुरेश प्रमाणिक, टेक्निकल वाइस प्रेसिडेंट गौतम मांझी, एचआर हेड सह फैक्ट्री प्रबंधक संत सिंह, एचआर विक्रांत कुमार, एचआर मंशुल जैन भी उपस्थित थे.

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हर्ल की तीनों इकाइयों ने अब तक कमाये 1000 करोड़

तीन महारत्न कंपनियों आइओसीएल, एनटीपीसी और कोल इंडिया लिमिटेड तथा एफसीआइएल और एचएफसीएल की संयुक्त समूह हर्ल की तीनों इकाइयों ने अब तक 1000 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है. मार्च के अंत तक सभी तीन इकाइयों का संचित शुद्ध लाभ 1500 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है. कहा कि वर्तमान सरकार 2025 तक देश को यूरिया के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर काम कर रही है. शिब प्रसाद मोहंती ने कहा कि हर्ल सिंदरी प्लांट के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का विकास जिला प्रशासन के सहयोग से सीएसआर फंड से किया जायेगा.

भविष्य की योजनाएं

  • अगले चार वर्षों में नीम लेपित यूरिया से सल्फर लेपित गोल्ड भारत यूरिया का होगा उत्पादन
  • अगले छह महीने में गोल्ड यूरिया संयंत्र स्थापित करने पर विचार
  • पीएम दो मार्च को बरौनी में आइओसीएल के कुछ प्रोजेक्ट्स व हर्ल बरौनी का करेंगे उद्घाटन

17 में 12 योजनाएं रेलवे की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक मार्च को रेलवे के अलावा कुछ अन्य योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे. इसकी कुल लागत 35747 करोड़ रुपये है. 17 में से 12 योजनाएं रेलवे की हैं. इनमें सात योजनाओं का शिलान्यास किया जायेगा. दो योजनाओं का उद्घाटन और तीन-तीन लाइन की ट्रेन सर्विस को झंडी दिखायी जायेगी.

350 करोड़ की लागत से होगा 17.10 किमी रेलवे लाइन का दोहरीकरण

रेलवे के अनुसार, 350 करोड़ की लागत से प्रधानखांटा-पाथरडीह बाजार-भोजूडीह 17.10 किमी लाइन के दोहरीकरण कार्य, 63 करोड़ की लागत से सिंदरी मार्शलिंग यार्ड के रिमॉडलिंग कार्य, तीन किमी के सिंदरी मार्शलिंग यार्ड-सिंदरी टाउन साउथ लाइन कार्य, 167 करोड़ की लागत से जमुनियाटांड़-चंद्रपुरा सेक्शन की आठ किमी लाइन के दोहरीकरण कार्य, 138 करोड़ की लागत से पतरातू से टोकीसूद तक 7.2 किमी तक रेल ओवर लाइन के कार्य, 143 करोड़ की लागत से कुजू से रांची रोड तक 7.27 किमी के वाइ कनेक्शन लाइन कार्य, 479 करोड़ की लागत से धनबाद से चंद्रपुरा तक 28 किमी के लाइन कार्य, 12334 करोड़ की लागत से सोननगर से अंडाल तक 305 किलोमीटर की दो रेल लाइन के कार्य का शिलान्यास पीएम करेंगे.

इन योजनाओं का होगा उद्घाटन

3200 करोड़ की लागत से तैयार टोरी-शिवपुर फस्ट एंड सेकेंड लाइन व बिराटोली-शिवपुर थर्ड लाइन की 37.9 किमी लाइन और 753 करोड़ की लागत से तैयार मोहनपुर-हंसडीहा तक 38 किलोमीटर नयी लाइन का उद्घाटन होगा. वहीं देवघर-डिब्रूगढ़ ट्रेन सर्विस, शिवपुरी स्टेशन पर लॉन्ग हॉल फ्रेट ट्रेन एवं टाटानगर और बदमपहाड़ में मेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखायेंगे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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