Dhanbad News: कम नहीं हो रहा सियारों का आतंक, ग्रामीणों ने एक को पीट-पीटकर मार डाला

Updated at : 20 Sep 2024 3:30 AM (IST)
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सियार के हमले से बचने के लिए लाठी-डंडों के साथ पहरा देते हैं ग्रामीण. फोटो : प्रभात खबर

Dhanbad News: धनबाद जिले के बरवाअड्डा में सियारों का आतंक कम नहीं हो रहा. ग्रामीणों ने एक सियार को पीट-पीटकर मार डाला है.

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Dhanbad News: धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के कुर्मीडीह व कोरियाटांड़ में सियारों के झुंड का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है. लगातार सियार काटने से घायलों की संख्या बढ़ रही है. ग्रामीण दहशत में है और रात में लाठी-डंडा लेकर रात में पहरा देने को विवश हैं. वन विभाग की ओर से गांव में पेट्रोलिंग टीम को तैनाती की गयी है.

भयभीत ग्रामीणों के दल ने बड़ापिछरी गांव में ग्रामीणों ने सियार के झुंड में एक सियार को घेर कर लाठी डंडे से पीट पीटकर मार डाला. गुरुवार को डीएफओ विकास पालीवाल भी कुर्मीडीह गांव पहुंचे. उन्होंने घायलों का हालचाल लिया और ग्रामीणों से सावधान रहने की अपील की.

सियार के हमले में एक दर्जन से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल

बुधवार को सियार ने गांव में हमला किया था. इसकी चपेट में आकर एक दर्जन से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गये. बुधवार की रात नौ लोग इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच पहुंचे थे. वहीं गुरुवार को सियार के हमले में घायल आठ नये मरीज एसएनएमएमसीएच के एआरटी विभाग पहुंच वैक्सीन ली. गुरुवार को अस्पताल पहुंच वैक्सीन लेने वालों में केशरी देवी, भागिरथ महतो, गोलू कुमार, जितेंद्र नाथ महतो, रूबीना, सूरज गोप समेत दो अन्य शामिल हैं.

सियार के हमले के बाद जांच के लिए गांव में पहुंची वन विभाग की टीम. फोटो : प्रभात खबर

गांव में पसरा सन्नाटा

इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत व भय का माहौल है. गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. शाम होते ही सियार के डर से ग्रामीण अपने-अपने घरों में कैद हो गये. ग्रामीण सबसे अधिक अपने छोटे बच्चों को लेकर परेशान है. बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं. गुरुवार को स्कूल जाते समय अभिभावक भी बच्चों के साथ उन्हें पहुंचाने के लिये गये.

घर-घर लगायी गयी लाइटें

सियार के हमले के बाद बड़ापिछरी, कुर्मीडीह व कोरियाटांड गांव के लोग भयभीत हैं. हमले के बाद गांव के लोग अपने-अपने घरों के बाहर रोशनी के लिए बल्ब लगाया है. ताकि सियार को देखकर घेरा जा सके.

नैनवा टुगंरी (लालबांध) के समीप सियार के छुपे होने की आशंका

बड़ापिछरी व कोरियाटांड गांव के बीच नैनवा टुगंरी (लालबांध) स्थित पत्थर की गुफा में सियार के छुपे होने की आशंका गांव के लोगों ने जतायी है. बिरसा मुंडा पार्क के समीप झाड़ियों व घास में भी सियार देखे जाने की बात ग्रामीण बता रहे हैं. कुछ ग्रामीणों के अनुसार खेती, बाड़ी नहीं होने के कारण गांव के आसपास जंगल, झाड़ी उग गयी है. इस कारण गांव में सियार पहुंच रहे हैं.

झुंड में आधा दर्जन सियार

बुधवार की शाम सियार द्वारा दो अलग-अलग जगहों पर एकसाथ ग्रामीणों पर हमले की बात सामने आ रही है. ग्रामीणों के अनुसार झुंड में आधा दर्जन सियार शामिल हैं. वहीं कुछ लोग सियार नहीं आदमखोर भेड़िया होने की बात भी कह रहे हैं. इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. वीडियो में एक सियार दिख रहा है.

वन विभाग ने लाउडस्पीकर से की सतर्क रहने की अपील

फाॅरेस्ट विभाग की ओर से गुरुवार की शाम लाउडस्पीकर लगाकर कुर्मीडीह, बड़ापिछरी व कोरियाटांड़ गांव में एनाउंसमेंट करायी गयी. लोगों से सावधान रहने की अपील करते हुए अकेले शौच व जंगल झांड़ी की ओर नहीं जाने अपील की गयी है. किसी काम से बाहर जाने के दौरान दो-तीन लोगों के साथ निकलने की सलाह वन विभाग ने दी है.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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