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सिंफर के 79वें स्थापना दिवस में निदेशक ने गिनायी उपलब्धियां, वैज्ञानिक उत्कृष्टता और राष्ट्रीय योगदान का संकल्प दोहराया

Updated at : 28 Nov 2025 9:47 PM (IST)
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CIMFR Dhanbad Foundation Day Celebration

सिंफर धनबाद के समारोह में मौजूद अतिथि. फोटो : ज्योति

CIMFR Dhanbad Foundation Day: सिंफर धनबाद शुक्रवार को अपना 79वां स्थापना दिवस मनाया. इस अवसर पर निदेशक प्रो अरविंद कुमार मिश्रा ने 1946 में सीएफआरइ और 1956 में सिंफर से शुरू हुई शोध प्रगति का विवरण दिया. विजन 2047 के अनुरूप नेट-जीरो माइनिंग, डिजिटल माइनिंग सिस्टम और उन्नत ऊर्जा तकनीकों को भविष्य की प्राथमिकता बतायी.

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CIMFR Dhanbad Foundation Day: सिंफर धनबाद ने शुक्रवार को अपना 79वां स्थापना दिवस मनाया. कार्यक्रम में कोयला खनन, ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ तकनीकों के क्षेत्र में संस्था की दीर्घकालिक वैज्ञानिक नेतृत्व यात्रा को रेखांकित किया. निदेशक प्रो अरविंद कुमार मिश्रा ने स्वागत संबोधन में 1946 में सीएफआरइ व 1956 में सिंफर से शुरू हुई शोध प्रगति का विवरण दिया. बताया कि वर्ष 2007 में विलय के बाद इसमें पिलर डिजाइन, हाइवॉल माइनिंग, कोयला गैसीकरण, सिंगैस से हाइड्रोजन उत्पादन, मेटल माइनिंग तकनीक और सिलक्यारा टनल तथा नवी मुंबई एयरपोर्ट परियोजना जैसे मिशनों में ऐतिहासिक भूमिका निभायी.

नेट जीरो और डिजिटल माइनिंग सिस्टम भविष्य की प्राथमिकता

उन्होंने विजन 2047 के अनुरूप नेट-जीरो माइनिंग, डिजिटल माइनिंग सिस्टम और उन्नत ऊर्जा तकनीकों को भविष्य की प्राथमिकता बतायी. समारोह में उच्च-राख भारतीय कोयले पर आधारित इंडियन रेफरेंस मैटेरियल बीएनडी 5092 लॉन्च हुआ. यह ऐश कंटेंट, वोलाटाइल मैटर व जीसीवी परीक्षण को और अधिक मानकीकृत बनाने में सहायक होगा.

डॉ एमपी रॉय ने की विजेताओं की घोषणा

डॉ एमपी रॉय ने सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र, युवा वैज्ञानिक, उच्चतम परियोजना प्राप्ति, पेटेंट-कॉपीराइट, श्रेष्ठ तकनीकी व प्रशासनिक कार्यश्रेणी में विजेताओं की घोषणा की. इससे वैज्ञानिक प्रेरणा और नवाचार संस्कृति के विस्तार को प्रोत्साहन मिलेगा. कार्यक्रम का संचालन डॉ आशीष कुमार घोष ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एफएओ प्रियंम मुखर्जी ने किया.

CIMFR Dhanbad का तीन संस्थानों के साथ एमओयू

कार्यक्रम के दौरान बीआइटी मेसरा, बीबीएमकेयू धनबाद व आइआइटी रुड़की के साथ नये समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुआ. इन समझौतों से शोध, प्रशिक्षण और ज्ञान-विनिमय के नये आयाम खुलेंगे. एमओयू प्रक्रिया में अभियंता अमरनाथ की भूमिका महत्वपूर्ण रही.

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बीबीएमकेयू के कुलपति ने सहयोग को बताया प्रगति का आधार

मुख्य अतिथि बीबीएमकेयू के कुलपति प्रो (डॉ) राम कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय–अनुसंधान संस्थान साझेदारी से छात्रों और समाज दोनों को लाभ मिलता है. उन्होंने सिंफर और बीबीएमकेयू के बीच नवीकृत एमओयू की सराहना करते हुए संयुक्त शोध विकास की दिशा में मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया.

सिंफर धनबाद में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे वैज्ञानिक और कर्मचारी. फोटो : ज्योति

आइआइटी कानपुर के प्रो पाला का वैज्ञानिक व्याख्यान

विशिष्ट अतिथि प्रो राज गणेश एस पाला (आइआइटी कानपुर) ने अपने व्याख्यान में स्वच्छ ऊर्जा, सीओ टू रूपांतरण, उभरती बैटरी तकनीक, इलेक्ट्रोकैटलिसिस, सेंसर प्रणाली और न्यूक्लियर–इलेक्ट्रोकेमिकल ऊर्जा तकनीकों पर शोध संभावनाएं प्रस्तुत कीं. उन्होंने कहा कि आइआइटी व सीएसआइआर की संयुक्त पहल भारत को तकनीकी शक्ति बनने की गति प्रदान कर सकती है.

मुख्य अतिथि ने नवाचार व प्रिडिक्टिव माइनिंग पर दिया बल

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चेतन प्रकाश जैन (जेएस व एफए, सीएसआइआरव सीएमडी, सेल) ने कहा कि सिंफर के शोध समाधान प्रयोगशालाओं से निकलकर उद्योगों और खदानों तक परिणाम दे रहे हैं. उन्होंने डिजिटल, रोबोटिक व प्रिडिक्टिव माइनिंग की दिशा में तेजी लाने की सलाह देते हुए वित्तीय पारदर्शिता, अनुशासन और समयबद्ध नवाचार को संस्थान की सबसे बड़ी ताकत बताया.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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