धनबाद जेल से गैंग्स ऑफ वासेपुर का आदमी बोल रहा हूं, रंगदारी नहीं देने पर अंजाम बुरा होगा, तुमको जिसको भी खबर करना होगा कर लेना
Updated at : 22 Aug 2018 8:00 AM (IST)
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धनबाद : रंजीत सिंह ने मंगलवार को अपराह्न एसएसपी मनोज रतन चोथे से मिलकर जो आवेदन दिये थे, उसका मजमून इस तरह है. मैं बीकेबी ट्रांसपोर्ट में साइड इंचार्ज का काम करता हूं. बीकेबी कसुंडा न्यू रेलवे साइडिंग जिसमें रैक द्वारा कोयला ढुलाई का काम होता है. कोयला विभिन्न पावर प्लांटों में में भेजा जाता […]
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धनबाद : रंजीत सिंह ने मंगलवार को अपराह्न एसएसपी मनोज रतन चोथे से मिलकर जो आवेदन दिये थे, उसका मजमून इस तरह है. मैं बीकेबी ट्रांसपोर्ट में साइड इंचार्ज का काम करता हूं. बीकेबी कसुंडा न्यू रेलवे साइडिंग जिसमें रैक द्वारा कोयला ढुलाई का काम होता है. कोयला विभिन्न पावर प्लांटों में में भेजा जाता है. आठ अगस्त को पांच बजकर 37 मिनट पर मेरे मोबाइल फोन 7004605588 पर 8578076138 नंबर से फोन आया.
फोन करने वाले ने कहा कि ‘मैं धनबाद जेल से गैंग्स ऑफ वासेपुर का आदमी बोल रहा हूं. मुझे प्रतिटन पांच रुपये रंगदारी के रूप देना होगा. रंगदारी नहीं मिलने पर बुरा अंजाम होगा. तुमको जिसको भी खबर करना होगा कर लेना.’ मैंने उसकी बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और फोन काट दिया. पुन: नौ अगस्त की रात नौ बजकर छह मिनट पर उसी नंबर से फोन आया और फिर रंगदारी के लिए धमकी दी गयी. रंजीत ने आवेदन में लिखा था कि रंगदारी के लिए निकट भविष्य में मेरे साथ अप्रिय घटना घट सकती है. मेरे व मेरे परिवार को सुरक्षा प्रदान कर जांच पड़ताल कर कानूनी कार्रवाई करें. आवेदन की प्रति डीजीपी, डीआइजी व सिटी एसपी कोे भी दी गयी थी.
गैंग्स ऑफ वासेपुर और राजेश चौहान की संलिप्तता का पुलिस को है शक
धनबाद. रंजीत सिंह हत्याकांड में पुलिस को गैंग्स ऑफ वासेपुर व राजेश चौहान की संलिप्तता का शक है. गोधर निवासी राजेश चौहान सूरज गैंग का शूटर है. बीकेबी को काम मिलने से राजेश गैंग को आर्थिक क्षति हुई है. पहले यह काम जीटीएस कर रहा था. राजेश को तब आर्थिक लाभ मिल रहा है. राजेश चौहान को कई माह से पुलिस खोज रही है. राजेश चौहान पुलिस पर फायरिंग व उपेंद्र गोलीकांड में भी वांछित है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि गैंग्स से मिलकर राजेश ने रंजीत की हत्या को अंजाम दिया है.
पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर संबंधित लोगों के बारे में छानबीन कर रही है. राजेश की गैंग्स से नजदीकियां जगजाहिर है. सूरज की मौत के बाद राजेश अपना गैंग चला रहा है. उसे कई कारोबार से अभी रंगदारी मिल रही है. गैंग्स से जुड़े अधिकांश लोग अभी जेल में है. गोपी खान, बंटी खान, प्रिंस खान, गॉडवीन खान व इकबाल खान जेल के अंदर है. गैंग्स की जेल से रंगदारी मांगने की आदत पुरानी है. वैसे इस आशंका को भी बल मिल रहा है कि गैंग्स के नाम पर कोई दूसरा वारदात को अजाम दिया हो.
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