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जमीन बचाने को पारंपरिक हथियार के साथ आदिवासियों ने किया प्रदर्शन

Updated at : 14 Jul 2024 8:39 PM (IST)
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जमीन बचाने को पारंपरिक हथियार के साथ आदिवासियों ने किया प्रदर्शन

रविवार को दर्जनों की संख्या में आदिवासी समाज की महिला-पुरुष पारंपरिक हथियार से लैस होकर थाना परिसर पहुंचे और जिला प्रशासन का विराेध-प्रदर्शन किया.

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प्रतिनिधि, मधुपुर.

रविवार को दर्जनों की संख्या में आदिवासी समाज की महिला-पुरुष पारंपरिक हथियार से लैस होकर थाना परिसर पहुंचे और जिला प्रशासन का विराेध-प्रदर्शन किया. आदिवासी समाज के लोगों ने थाना क्षेत्र के बड़बाद में करोड़ की 20 एकड़ जमीन की घेराबंदी का विरोध करने के दौरान 26 जून को महिलाओं से हुई मारपीट की घटना का विरोध किया. हाथों में तीर- धनुष, फरसा, लाठी-डंडा, हसुवा आदि पारंपरिक हथियार लिये थाना पहुंचे लोग आदिवासी महिलाओं से मारपीट करने के आरोपियों की गिरफ्तारी का मांग कर रहे थे. प्रदर्शन कर रहे लोगों के एक प्रतिनिधि मंडल ने इंस्पेक्टर इंचार्ज सतीश गोराई से मिलकर फरार आरोपियों को दो दिनों के अंदर गिरफ्तार करने की मांग की. आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद आदिवासी समाज के लोग थाने से जुलूस के शक्ल में प्रदर्शन करते हुए थाना रोड, नीमतल्ला रोड, रामयश रोड, कुंडू बंगला, शेखपुरा होते हुए वापस बड़बाद लौट गये.

बड़बाद के विवादित जमीन पर बैठक कर जमीन बचाने का लिया संकल्प

प्रदर्शन के लिए थाना पहुंचने से पहले आदिवासी समाज के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने बड़बाद स्थित विवादित जमीन पर बैठक की थी. सिदो-कान्हू की तस्वीर पर माल्यार्पण कर लोगों ने 26 जून को हुई घटना का विरोध जताया व अपनी जमीन को बचाने का संकल्प लिया. लोगों ने कहा कि अगर पुलिस अविलंब कार्रवाई नहीं करती है तो वे लोग आगे थाना का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे. अगर कोई भी जनप्रतिनिधि आरोपियों को संरक्षण देंगे तो उन्हें भी चिह्नित कर पुतला दहन करेंगे और चुनाव में उसका बहिष्कार करेंगे. पूर्व जिला परिषद सह झामुमो नेता दिनेश्वर किस्कु ने कहा कि भू-माफिया षड्यंत्र के तहत आदिवासियों की जमीन पर कब्जा करना चाहती है. कहा कि इस जमीन पर आदिवासी समाज के लोग वर्षों से रह रहे हैं. भू-माफिया गलत कागज बनाकर इस जमीन पर अपना दावा कर रहे हैं, जिसे आदिवासी समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा. बैठक में पूर्व जिप सदस्य दिनेश्वर किस्कू, मन्नुलाल सोरेन, रूपलाल सोरेन, गुंशी सोरेन, मोती लाल सोरेन, अभय सोरेन, दीपक सोरेन, राहुल सोरेन, प्रदीप सोरेन, नवीन सोरेन, शिबू सोरेन, रुपम हेम्ब्रम, सुशील टुडू, विजय टुडू, सूरज सोरेन, रजनी मुर्मू आदि दर्जनों महिला- पुरुष उपस्थित थे.

क्या है बड़बाद की विवादित जमीन का मामला

ज्ञात हो कि, 26 जून को बड़बाद में 20 एकड़ जमीन की घेराबंदी कुछ लोगों द्वारा की जा रही थी. इस इस दौरान जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए आदिवासी महिलाओं ने निर्माण कार्य का विरोध किया था. इस घटना में आदिवासी महिलाओं के साथ मारपीट व गाली-गलौज करने को लेकर फुनमनि सोरेन ने आरोपियों के विरुद्ध थाने में शिकायत दर्ज करायी थी. इसमें आठ नामजद समेत अज्ञात को आरोपी बनाया गया था. दूसरे पक्ष से भी एक मामला दर्ज कराया गया था. दोनों ही कांड में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

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महिलाओं से मारपीट का विरोध, दर्जनों की संख्या में आदिवासी पहुंचे थाना

थाना क्षेत्र के बड़बाद में 20 एकड़ जमीन की घेराबंदी का मामला

घेराबंदी का विरोध करने पर महिलाओं से 26 जून को हुई थी मारपीट

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