विभूतियों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर अर्पित किये श्रद्धासुमन

Updated at : 28 Mar 2026 7:46 PM (IST)
विज्ञापन
विभूतियों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर अर्पित किये श्रद्धासुमन

मधुपुर : मैक्जिम गोर्की की जयंती व स्वतंत्रता सेनानी नीलम्बर-पीताम्बर की शहादत दिवस पर किया याद

विज्ञापन

मधुपुर. शहर के भेड़वा नावाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में विश्व प्रसिद्ध लेखक मैक्जिम गोर्की की जयंती व स्वतंत्रता सेनानी नीलम्बर-पीताम्बर की शहादत दिवस पर उन्हें याद किया गया. विभूतियों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया. वहीं, धनंजय प्रसाद ने कहा कि मैक्जिम गोर्की ने बीसवीं सदी में साहित्य को प्रमुख नये स्वर व नयी पहचान दिलाने का काम किया है. विश्व के इतिहास में पहली बार मजदूरों को नायकत्व दिलाया है. उनकी रचनाओं में निर्भिकता, यथार्थवाद व सच्चाई के साथ ही मजदूर, दलित, शोषित, पीड़ित का बेहतर चित्रण, मेहनतकशों को दास्तां की जंजीरों से मुक्ति दिलाने की प्रेरणा है. क्रांतिकारी, मानवतावाद की समस्या को गोर्की ने मां, उपन्यास व रचनाओं में जनता को उत्प्रेरित किया है. विश्व के सबसे अधिक पढ़ें जानें वाले व बिकने वाले और 127 विदेशी भाषाओं करोड़ों प्रतियां और उसके दस गुणा में पढ़ी गयी. उनकी साहित्य उत्प्रेरित करने वाली थी. मां उपन्यास में केवल क्रांतिकारी संघर्ष की ही नहीं बल्कि संघर्ष की प्रक्रिया में इसकी पावन आग में भस्म होकर साधारण व्यक्ति को आंतरिक कायाकल्प होते है. भारत में उन दिनों गोर्की की मां पढ़ने पर प्रतिबंध था. विश्वस्तर के लेखक प्रेमचंद, टाल्सटाय व चेखव उनके प्रशंसक थे. उन्होंने फ़ासिज़्म के विरोध में अभियान चलाया. वो साहित्य में समाजवाद व यथार्थवाद के संस्थापक थे. उन्होंने कहा कि आजादी की पहली लड़ाई 1857 में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने वाले क्रांतिवीर नीलम्बर-पीताम्बर की शहादत दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी. मौके पर अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किया.

विज्ञापन
BALRAM

लेखक के बारे में

By BALRAM

BALRAM is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola