सड़क हादसे में उजड़ गया था मधुपुर के गौरी का संसार, सीएम हेमंत के ट्वीट से मिला अबुआ आवास

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 20 May 2026 5:03 PM

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मधुपुर के बिल्ली गांव में गौरी देवी के घर पर मौजूद अधिकारीगण. फोटो: प्रभात खबर

Deoghar News: देवघर के मधुपुर में सड़क हादसे में पति की मौत के बाद संकट झेल रही गौरी देवी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संज्ञान और ट्वीट के बाद अबुआ आवास व सर्वजन पेंशन योजना का लाभ मिला है. प्रशासन ने बच्चों को भी सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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देवघर से संजीत मंडल की रिपोर्ट

Deoghar News: झारखंड के देवघर जिले के मधुपुर प्रखंड स्थित बिल्ली गांव निवासी गौरी देवी के परिवार को आखिरकार एक साल बाद राहत मिली है. सड़क हादसे में पति की मौत के बाद उसका संसार उजड़ गया था और परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था. पूरा परिवार सरकारी सहायता के लिए लगातार भटक रहा था. अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संज्ञान लेने और ट्वीट करने के बाद प्रशासन हरकत में आया है. बताया गया कि गौरी देवी के पति मंटू मांझी की 22 दिसंबर 2024 को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. पति की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था. परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती चली गई और बच्चों के पालन-पोषण को लेकर भी संकट खड़ा हो गया था.

मुख्यमंत्री के ट्वीट के बाद प्रशासन सक्रिय

मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संज्ञान में आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर तेजी से कार्रवाई शुरू हुई. मुख्यमंत्री के ट्वीट के बाद देवघर के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इसके बाद पीड़ित परिवार को राहत पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई. प्रशासन की ओर से गौरी देवी को अबुआ आवास योजना और सर्वजन पेंशन योजना का लाभ स्वीकृत कर दिया गया है. इससे परिवार को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

बच्चों को भी योजनाओं से जोड़ने की तैयारी

प्रशासन ने केवल आवास और पेंशन तक ही सहायता सीमित नहीं रखी है, बल्कि परिवार के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बच्चों के लिए भी कदम उठाए हैं. अधिकारियों के अनुसार गौरी देवी के बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना और कौशल विकास योजना से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस पहल का उद्देश्य बच्चों की शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करना है, ताकि परिवार को आगे चलकर आर्थिक मजबूती मिल सके. स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल की सराहना की है.

मुआवजा लंबित रहने पर सीओ से मांगा जवाब

मामले में एक वर्ष तक सड़क दुर्घटना मुआवजा नहीं मिलने और कार्रवाई लंबित रहने को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने सारठ के अंचलाधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है. प्रशासन अब यह जानने की कोशिश कर रहा है कि इतने लंबे समय तक पीड़ित परिवार को सहायता क्यों नहीं मिल सकी. उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने स्पष्ट कहा है कि पीड़ित परिवार को जल्द सभी सरकारी लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे और किसी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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देर रात गांव पहुंची प्रशासनिक टीम

उपायुक्त के निर्देश पर मधुपुर बीडीओ अजय कुमार दास, सीओ यमुना रविदास और कृष्णा चंद्र मुंडा मंगलवार देर रात बिल्ली गांव पहुंचे. अधिकारियों ने गौरी देवी और उनके बच्चों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली. इस दौरान प्रशासन की ओर से परिवार को आर्थिक सहयोग भी दिया गया. साथ ही सड़क दुर्घटना से जुड़ी मुआवजा राशि नियमों के तहत जल्द भुगतान कराने का आश्वासन दिया गया. मौके पर मुखिया मुकेश कुमार दास और संतोष कुमार दास भी मौजूद थे.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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