हजारीबाग में गाड़ियों का आरसी निकालना हुआ आसान, मोबाइल पर उंगली फिराते हो जाएगा काम

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 20 May 2026 3:10 PM

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हजारीबाग का डीटीओ कार्यालय. फोटो: प्रभात खबर

Hazaribagh News: हजारीबाग में वाहन मालिकों के लिए आरसी, गाड़ी ट्रांसफर, डुप्लीकेट आरसी, एनओसी और मोबाइल नंबर अपडेट जैसी सेवाएं अब पूरी तरह फेसलेस हो गई हैं. आवेदक घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर परिवहन विभाग से जुड़े जरूरी कार्य आसानी से कर सकेंगे. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट

Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग जिला परिवहन कार्यालय से जुड़े वाहन मालिकों और आवेदकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. अब गाड़ियों से जुड़े कई जरूरी कामों के लिए लोगों को डीटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. परिवहन विभाग ने वाहन संबंधी कई सेवाओं को पूरी तरह फेसलेस कर दिया है. इसके तहत अब आवेदक घर बैठे ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से अपनी गाड़ियों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य आसानी से कर सकेंगे.

डीटीओ के चक्कर लगाने से मिलेगा छुटकारा

नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन मालिकों को गाड़ी ट्रांसफर कराने, डुप्लीकेट आरसी निकालने, मोबाइल नंबर अपडेट कराने, नाम सुधार और नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट यानी एनओसी लेने के लिए डीटीओ कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी. अब ये सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करा दी गई हैं. पहले इन कामों के लिए लोगों को कई बार परिवहन कार्यालय आना पड़ता था. दस्तावेज सत्यापन और प्रक्रिया पूरी कराने में काफी समय भी लगता था. लेकिन अब विभागीय पहल के बाद इन सभी कार्यों को फेसलेस कर दिया गया है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

क्या है फेसलेस व्यवस्था

फेसलेस व्यवस्था का मतलब यह है कि अब आवेदकों को अपने वाहन से जुड़े काम के लिए कार्यालय में शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं होना पड़ेगा. आवेदक घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज अपलोड किए जाएंगे और निर्धारित शुल्क का भुगतान भी ऑनलाइन किया जाएगा. इसके बाद डीटीओ कार्यालय द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा. जांच पूरी होने के बाद संबंधित कार्य की स्वीकृति दी जाएगी और स्मार्ट कार्ड या जरूरी दस्तावेज आवेदकों को उपलब्ध करा दिए जाएंगे. इससे समय की बचत होगी और अनावश्यक भागदौड़ भी खत्म होगी.

शोरूम से ही हो रहा नई गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन

परिवहन विभाग की ओर से नई गाड़ियों के पंजीयन की प्रक्रिया भी पहले से फेसलेस की जा चुकी है. अब वाहन खरीदते ही संबंधित शोरूम से ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. वाहन मालिकों को अलग से डीटीओ कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती. जानकारी के अनुसार जैसे ही कोई व्यक्ति नई गाड़ी खरीदता है, शोरूम स्तर पर ही उसके वाहन का पंजीयन किया जाता है. इसके बाद डीटीओ कार्यालय द्वारा ऑनलाइन सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाती है. सत्यापन होने के बाद वाहन मालिक अपना रजिस्ट्रेशन बुक संबंधित शोरूम से प्राप्त कर लेते हैं.

लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन मालिकों को काफी सुविधा मिलने वाली है. अब उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए दिनभर कार्यालय में लाइन लगाने या दलालों के चक्कर में पड़ने की जरूरत नहीं होगी. मोबाइल फोन या कंप्यूटर के जरिए ही कई महत्वपूर्ण कार्य आसानी से किए जा सकेंगे. इस पहल को डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्यों के निष्पादन में तेजी आएगी.

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डीटीओ ने क्या कहा

हजारीबाग के डीटीओ बैधनाथ कामती ने बताया कि पहले केवल नई गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन फेसलेस किया गया था, लेकिन अब गाड़ियों के ट्रांसफर, डुप्लीकेट आरसी, नाम सुधार, एनओसी और मोबाइल नंबर अपडेट जैसे कार्यों को भी फेसलेस कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था से आवेदकों को कार्यालय में अनावश्यक दौड़-भाग से छुटकारा मिलेगा. लोग घर बैठे परिवहन विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों का निबटारा कर सकेंगे और समय पर जरूरी दस्तावेज प्राप्त कर पाएंगे.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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