पति की हादसे में मौत के बाद सरकारी मदद के लिए दर-दर भटक रही पत्नी
Published by : SHAILESH Updated At : 19 May 2026 11:44 PM
मधुपुर प्रखंड क्षेत्र के बिल्ली गांव निवासी गौरी देवी व उसके दो अबोध बच्चे
मधुपुर. प्रखंड क्षेत्र के बिल्ली गांव निवासी गौरी देवी व उसके दो अबोध बच्चे लंबे समय से सरकारी सहायता मिलने की बांट जोह रहे है. उक्त परिवार अत्यंत गरीब है. बताया जाता है कि गौरी के पति मंटू मांझी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था, लेकिन पिछले 15 दिसंबर 2024 को एक सड़क दुर्घटना में गौरी के पति की मौत हो गयी थी. बताया जाता है कि सिमरा मोड़ के पास मंटू मांझी सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था. इसके बाद उसकी मौत हो गयी थी. हालांकि गौरी ने अपने पति को बचाने के लिए कर्ज लेकर इलाज कराया था. दिन-रात पति की जिंदगी बचाने के लिए अस्पताल और घर के बीच संघर्ष करती रही. बच्चों की आंखों में अपने पिता के बच जाने की उम्मीद थी, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था. एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत से लड़ने के बाद पिछले 22 दिसंबर 2024 को मंटू मांझी ने अपने घर पर ही दम तोड़ दिया. बताया जाता है कि पति की मौत के बाद गौरी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. दो छोटे बच्चों के साथ उनका परिवार पूरी तरह असहाय हो गया है. खाने तक की समस्या उत्पन्न हो गयी. गौरी को उम्मीद थी कि सरकार से दुर्घटना मुआवजा मिलेगा और बच्चों का भविष्य किसी तरह संभल जायेगा, लेकिन एक वर्ष तक न कोई जनप्रतिनिधि उनकी मदद के लिए आगे आया और न प्रशासन ने कोई पहल किया. निराश होकर गौरी ने समाजकर्मी संतोष बौद्ध से संपर्क किया और सहायता की गुहार लगायी. परिवार की दयनीय स्थिति को देखते हुए आवश्यक दस्तावेज तैयार कराया और गत 9 मार्च 2026 को अंचल कार्यालय सारठ में मुआवजा के लिए आवेदन जमा कराया गया है. यह परिवार सरकारी सहायता की उम्मीद में टकटकी लगाये बैठा है व आर्थिक तंगी से जुझ रहा है.
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