देवघर : अपने ही रिजर्व सीट पर नहीं मिलती जगह
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :20 Jan 2019 2:40 AM (IST)
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भीड़ के कारण स्लीपर बोगी में भी नहीं चढ़ पाते यात्री देवघर : इन दिनों बहाली का दौर चल रहा है. परीक्षा देने के लिए ट्रेनों में रोजाना अभ्यर्थियों की भीड़ लग जा रही है. सामान्य बोगी में जगह नहीं मिलने के कारण स्लीपर बोगी में भी अभ्यर्थी घुस जा रहे हैं. जिस कारण स्लीपर […]
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भीड़ के कारण स्लीपर बोगी में भी नहीं चढ़ पाते यात्री
देवघर : इन दिनों बहाली का दौर चल रहा है. परीक्षा देने के लिए ट्रेनों में रोजाना अभ्यर्थियों की भीड़ लग जा रही है. सामान्य बोगी में जगह नहीं मिलने के कारण स्लीपर बोगी में भी अभ्यर्थी घुस जा रहे हैं. जिस कारण स्लीपर बोगी में भी ठंसाठंसा भीड़ लगी रहती है. ऐसे में रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों को अपनी ही रिजर्व सीट पाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है.
रांची, धनबाद, बोकारो, पटना, लखनाउ, कोलकाता, उड़िसा समेत अन्य जगह परीक्षार्थी परीक्षा देने जा रहे है. ऐसी परिस्थिति में परीक्षार्थी पटना से लेकर जसीडीह, मधुपुर तक रेलवे स्टेशन पर गोरखपुर- हटिया मौर्या एक्सप्रेस, पटना- हटिया पाटलीपुत्रा, दुमका- रांची इंटरसिटी, पटना-हावड़ा जाने वाली ट्रेन, हावड़ा से पटना, लखनऊ समेत कई ट्रेनों में कब्जा जमा लेते हैं.
परीक्षार्थियों के कब्जे में ट्रेनों की सिर्फ जनरल बोगी ही नहीं, बल्कि स्लीपर व एसी बोगियों में भी परीक्षार्थियों का कब्जा होता है. इस कारण वैसे यात्री जो पहले से रिजर्वेशन कराने वाले सैकड़ों यात्री ट्रेनों पर चढ़ नहीं पाते हैं. जिस कारण उनकी ट्रेन छूट जाती है. शुक्रवार की शाम भी पटना-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में भीड़ के कारण सैकड़ों यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ सके थे. बाद में जसीडीह से यात्रियों को दूसरे ट्रेन से हावड़ा तक भेजा गया.
बाथरूम जाना भी हो जाता है मुश्किल
ट्रेन में परीक्षार्थी जहां-तहां फर्श पर और सीट पर बैठे रहते हैं. जिससे यात्रियों का बाथरूम जाना भी मुश्किल हो जाता है. खासकर महिला-बच्चों को परेशानी होती है. इसके अलावा यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने- उतरने में भी परेशानी हो रही है.
अलर्ट नहीं रहते आरपीएफ व जीआरपी
ट्रेनों में पहले से ही भीड़ चल रही है, वहीं स्टेशनों पर परीक्षार्थियों की भीड़ भी होती है, जो ट्रेन में सवार हो कर यात्रा करते हैं. लेकिन स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी अलर्ट नहीं होने के कारण वैसे परीक्षार्थी भी रिजर्वेशन बोगी में घुस जाते हैं तो बिना रिजर्वेशन टिकट के होते है.
कई परीक्षार्थी तो बिना टिकट के ही होते हैं. यदि जेनरल टीकट वाले यात्रियों को स्टेशन पर आरपीएफ ओर जीआरपी की ओर लाइन लगाकर ट्रेन में चढ़ाया जाये तो अन्य यात्रियों परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. वहीं पुलिस यदि रिजर्वेशन बोगी से अलर्ट रहे तो वैसे बोगी के यात्री परेशानी से बच सकते हैं.
परीक्षार्थियों का पहले होता है रिजर्वेशन बोगी कब्जा
बहाली परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों का सफर करने के लिए पहला निशाना रिजर्वेशन बोगी होता है. स्टेशन में ट्रेन के रुकते ही परीक्षार्थियों का हुजूम रिजर्वेशन बोगी में घुस जाता है. वे सीट पर बैठ जाते हैं. कुछ परीक्षार्थी तो रिजर्वेशन बोगी में सीट नहीं मिले तो वह फर्श पर ही तौलिया, गमछा, प्लास्टिक या अखबार बिछाकर बैठ जाते हैं. एेसे में अन्य यात्रियों को ट्रेन पर चढ़ना भी मुश्किल हो जाता है.
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