हथियार बनाने व बेचने के दोषी एंकर-उस्मान को पांच वर्ष कैद

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Feb 2018 4:43 AM

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मारगोमुंडा में हुआ था अवैध हथियार सप्लाई का खुलासा पीडीजे मिथिलेश प्रसाद ने सुनायी भरी अदालत में सजा महज 610 दिनों की सुनवाई के बाद केस में आया फैसला देवघर : अवैध हथियार बनाने व बेचने के मामले में दो दोषियों मो उस्मान अंसारी व एंकर दास को पांच-पांच साल की सश्रम कैद की सजा […]

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मारगोमुंडा में हुआ था अवैध हथियार सप्लाई का खुलासा

पीडीजे मिथिलेश प्रसाद ने सुनायी भरी अदालत में सजा
महज 610 दिनों की सुनवाई के बाद केस में आया फैसला
देवघर : अवैध हथियार बनाने व बेचने के मामले में दो दोषियों मो उस्मान अंसारी व एंकर दास को पांच-पांच साल की सश्रम कैद की सजा सुनायी गयी. साथ ही प्रत्येक दोषियों को 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी. आरोपित मो उस्मान अंसारी मारगोमुंडा थाना के किसनपुर व एंकर दास इसी थाना क्षेत्र के फूलची गांव का रहनेवाला हैं. इस चर्चित मामले का स्पीडी ट्रायल हुआ व महज 610 दिनों में फैसला आया. ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष से सात लोगों ने घटना के समर्थन में गवाही दी व दोष सिद्ध करने में सफल रहे.
इस केस का उदभेदन मारगोमुंडा थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी जयराम प्रसाद ने किया था. पुलिस की टीम बनाकर छापा मारा था व अवैध सामान बनाने के उपकरणों व सामग्रियों को जब्त किया था. ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष से लोक अभियोजक रंजीत कुमार सिंह व बचाव पक्ष से वरीय अधिवक्ता गोपाल शर्मा ने पक्ष रखे. केस के सूचक मारगोमुंडा थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी जयराम प्रसाद हैं.यह घटना 3 मई 2016 को घटी थी.
क्या था मामला: जिले के मधुपुर अनुमंडल के मारगोमुंडा थाना क्षेत्र के किसनपुर व फूलची गांव में पुलिस का छापा पड़ा था. यह छापा गुप्त सूचना के आधार पर 3 मई 2016 मारा गया था जिसमें अवैध हथियार बनाने व उसे विभिन्न जगहों पर सप्लाइ किये जाने का खुलासा हुआ था. इस घटना के संबंध में मारगोमुंडा थाना में कांड संख्या 36/2016 दर्ज हुआ था जिसमें मो उस्मान व एंकर दास काे नामजद किया गया था. पुलिस ने अनुसंधान के बाद आरोपितों के विरुद्ध चार्जसीट दाखिल किया व केस को सेशन कोर्ट ट्रायल के लिए भेजा गया जहां पर त्वरित सुनवाई हुई व फैसला सुनाया गया. अवैध हथियार रखने की धारा में चार वर्ष सश्रम व कारोबार करने की धारा में पांच साल की सश्रम सजा दी गयी.
पुलिस ने जब्त किया था सामान: इस कांड में पुलिस ने टीन का बड़ा चदरा दो पीस, ड्रील मशीन दो पीस, लोहे की बनी भट्टी हवा मशीन, छोटा चदरा दो पीस, साइकिल मोडरगार्ड रड आठ पीस, मोबाइल, रंग आदि बरामद किया था. पुलिस इसकी जब्ती सूची बनाकर कोर्ट में लाया था मालखाना में जमा कर दिया था. ट्रायल के दौरान कोर्ट में पुलिस जब गवाही देने आयी ताे मालखाना से जब्त सामानों व सामग्रियाें को प्रस्तुत किया जिसे प्रदर्श के बाद पुन: मालखाना में जमा के लिए ले गया था. इस केस में पुलिस की ओर से पैरवी ऑफिसर के तौर पर एएसआइ महेंद्र नाथ दुबे थे.
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