ePaper

मसूरियातरी गांव में पेयजल, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं का संकट

Updated at : 30 Jul 2025 7:30 PM (IST)
विज्ञापन
मसूरियातरी गांव में पेयजल, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं का संकट

प्रखंड के बारियातू पंचायत स्थित मसूरियातरी गांव में बुधवार को प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

विज्ञापन

30 सीएच 2- कार्यक्रम में शामिल ग्रामीण 3- सीताराम यादव 4- कलोईया देवी 5- बालेश्वर यादव 6- तुलेश्वर यादव 7- खराब पड़ी जलमीनार प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन गिद्धौर. प्रखंड के बारियातू पंचायत स्थित मसूरियातरी गांव में बुधवार को प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर ग्रामीणों ने क्षेत्र की गंभीर समस्याओं को खुलकर रखा. गांव की सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है. यहां लगी दो जलमीनार पिछले छह माह से खराब है, जिससे ग्रामीणों को कुएं का गंदा पानी पीना पड़ रहा है. दूषित पानी के सेवन से लोग सर्दी, खांसी और अन्य बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं. जलमीनार एक वर्ष पूर्व लगायी गयी थी, लेकिन छह माह बाद ही वह खराब हो गयी. ग्रामीणों ने कई बार इसकी सूचना प्रखंड प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को दी, परंतु कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. सड़क अच्छी नहीं रहने के कारण परेशानी होती है गांव की दूसरी बड़ी समस्या सड़क की है. गांव तक पहुंचने के लिए केवल कच्ची सड़क है, जो बरसात में कीचड़ में तब्दील हो जाती है. इससे आवागमन में भारी परेशानी होती है, विशेषकर स्कूली बच्चों को. बच्चों को पैदल चलकर विद्यालय जाना पड़ता है, जिससे उनका ड्रेस गंदा हो जाता है और समय पर स्कूल पहुंचना भी मुश्किल होता है. ग्रामीणों ने बताया कि एक वर्ष पूर्व सड़क का पक्कीकरण शुरू हुआ था, लेकिन निर्माण कार्य बीच में ही बंद हो गया, जिससे सड़क अधूरी रह गयी. इलाज के लिए चार किमी दूर जाना पड़ता है स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी चिंताजनक है. गांव में कोई स्वास्थ्य उपकेंद्र नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए चार किलोमीटर दूर गिद्धौर मुख्यालय जाना पड़ता है. यह दूरी पैदल तय करनी पड़ती है, जिससे महिलाओं और बच्चों को विशेष कठिनाई होती है. गांव की कुल आबादी लगभग 300 है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जलमीनार की मरम्मत शीघ्र करवाई जाये, अधूरी सड़क का निर्माण कार्य पुनः शुरू किया जाये और गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की जाये. यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो ग्रामीणों का जीवन और अधिक कठिन हो जायेगा. दूषित पानी पड़ रहा है : सीताराम यादव सीताराम यादव ने कहा कि जलमीनार खराब रहने से कुआं का दूषित पानी पीना पड़ रहा है. जिससे सर्दी, खांसी से परेशान है. जलमीनार खराब होने की सूचना कई बार प्रखंड प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को दिया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया. सड़क खराब रहने से होती है परेशानी : कलोइया देवी कलोइया देवी ने कहा कि गांव से कुछ दूरी पर पुलिया है, जहां सड़क काफी खराब है. आवागमन करने में दिक्कत होती है. सड़क आधा किमी खराब है. स्कूली बच्चों को पैदल चल कर विद्यालय पहुंचना पड़ता है. जिससे बच्चो का ड्रेस गंदा हो जाता है. सड़क कीचड़ में तब्दील : बालेश्वर यादव बालेश्वर यादव ने कहा कि गांव की सड़क कच्ची रहने के कारण बरसात में कीचड़ में तब्दील हो गयी है. जिससे आवागमन करने में काफी परेशानी होती है. एक साल पूर्व सड़क का पक्कीकरण किया जा रहा था, लेकिन अचानक सड़क निर्माण बंद हो गया. जिसके कारण सड़क अधूरा है. गांव में नहीं हैं स्वास्थ्य उप केंद्र : तुलेश्वर यादव तुलेश्वर यादव ने कहा कि गांव में स्वास्थ्य उप केंद्र नहीं रहने के कारण लोगों को चार किमी दूरी तय कर प्रखंड मुख्यालय जाकर इलाज कराना पड़ता है. खासकर महिला व बच्चो को इलाज कराने में परेशानी होती है. पैदल लोग चल कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
VIKASH NATH

लेखक के बारे में

By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola