Chaibasa News : खेतों में पानी रहने से नहीं मिल रही मिट्टी, कुम्हारों पर संकट
Published by : AKASH Updated At : 09 Oct 2025 11:11 PM
बारिश के कारण खेत और मैदानों की मिट्टी सूख नहीं पा रही है. इसका असर अब दीये और मिट्टी के खिलौने बनाने वाले कुम्हारों पर पड रहा है.
चाईबासा.
बारिश के कारण खेत और मैदानों की मिट्टी सूख नहीं पा रही है. इसका असर अब दीये और मिट्टी के खिलौने बनाने वाले कुम्हारों पर पड रहा है. मिट्टी में नमी होने के कारण कुम्हारों को घास सहित मिट्टी खरीदनी पड रही है. ऐसे में न केवल दीये के दाम में बढ़ोत्तरी होगी, बल्कि इस बार बाजार में पिछले साल की तुलना में कम दीये आने की आशंका जतायी जा रही है. कुम्हारों की मानें तो वे बारिश के कारण मिट्टी के बर्तन, खिलौने व दीये नहीं बना पा रहे हैं. यही हाल लकड़ी की भी है. पहले जहां बीस रुपये में चार पीस लकड़ी मिल जाती थी, अब उतने पैसे में मात्र दो लकडियां मिल रही है. यही वजह है कि अब बमुश्किल दर्जन भर लोग यह काम कर रहे हैं. सरकारी सहायता के नाम पर कुछ कुम्हारों को चाक मिली थी. इसके अलावा कोई सहायता नहीं मिली है. उपर से महंगाई काफी बढ़ गयी है.चार- पांच माह से लगातार बारिश हो रही है. मिट्टी से लेकर लकड़ी तक काफी महंगी हो गयी है. हमलोगों को सरकारी मदद भी नहीं मिलती है. बैंकों से कर्ज लेकर किसी तरह काम करना पड़ रहा है. खेतों में पानी रहने के कारण मिट्टी नहीं के बराबर मिल पा रहाी है. हमलोगों को विश्वकर्मा योजना का लाभ भी नहीं मिल रहा है.– बेबी देवी
पहले हमलोगों को 100- 200 रुपये में एक ट्रैक्टर मिट्टी मिल जाती थी. अब हमलोगों को गीला व घास वाली मिट्टी 2000- 2050 रुपये देकर खरीदनी पड़ रही है. खेतों में पानी भरे रहने के कारण कोई मिट्टी लेने नहीं दे रहा है. इस वजह से हमलोगों को मिट्टी खरीदने के लिए काफी मिन्नत करनी पड़ रही है. बारिश के कारण दीये सूख नहीं पा रहे हैं.
– बिनोद प्रजापति
बारिश के कारण मिट्टी नहीं मिल रही है. काफी मिन्नत करने के बाद मात्र एक ट्रैक्टर मिट्टी मिली है. किसानो को तो मुआवजा मिल जाता है, लेकिन हमलोगों को सरकार की ओर से किसी भी तरह का मुआवजा नहीं मिलता है. इसी कारण कुम्हार परिवार अपने इस पेशे से विमुख होने लगे हैं. किसी तरह हमलोग अपनी पुश्तैनी विरासत को ढो रहे हैं.-रमेश प्रजापति
इस बार मिट्टी नहीं मिल पा रही है. लकड़ी व कोयले के दाम काफी बढ़ गये हैं. वहीं खेत में पानी भरे रहने के कारण मिट्टी काफी महंगी मिल रही है. हमलोगों को अपनी लागत भी निकालने में परेशानी होती है. हमें कर्ज लेना पड़ता है. विश्वकर्मा योजना के तहत सभी कुम्हारों को मुआवजा मिलना चाहिए. इस बार सामानों के दम महंगे हो जायेंगे.
– दीपा कुमारी
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