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पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में 10 नक्सलियों ने किया सरेंडर, डीजीपी के सामने डाले हथियार

Updated at : 25 Sep 2025 4:09 PM (IST)
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Naxals Surrender in Chaibasa west singhbhum jharkhand news today

चाईबासा में सरेंडर करने वाले नक्सलियों का शॉल ओढ़ाकर और माला पहनाकर किया गया स्वागत. फोटो : प्रभात खबर

Naxals Surrender in Chaibasa: झारखंड पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पश्चिमी सिंभूम में सक्रिय 10 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है. इनमें 4 महिला नक्सली शामिल हैं. गुरुवार को पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता और सीआरपीएफ के कमांडेंट के सामने भाकपा माओवादी के सक्रिय सदस्यों ने अपने हथियार डालकर इज्जतदार शहरी की तरह जीवन व्यतीत करने का फैसला किया है.

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Naxals Surrender in Chaibasa: झारखंड में पुलिस और सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियान से परेशान नक्सलियों ने अब सरेंडर करना शुरू कर दिया है. हाल ही में पलामू, हजारीबाग और गुमला में कई नक्सलियों के मारे जाने के बाद नक्सलियों को यह समझ आ गयी है कि अगर सरेंडर नहीं करेंगे, तो पुलिस अपनी गोली का निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगी. इसलिए सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ लेते हुए गुरुवार 25 सितंबर 2025 को भाकपा (माओवादी) संगठन के 10 सक्रिय नक्सलियों ने चाईबासा के पुलिस केंद्र में राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) व सीआरपीएफ के वरीय अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया.

इन नक्सलियों ने किया सरेंडर, माला पहनाकर हुआ स्वागत

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता ने माला पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया. सरेंडर करने वालों में 4 महिला नक्सली हैं. पुरुष नक्सलियों में गोइलकेरा थाना क्षेत्र के कुइड़ा गांव के श्रीजांगकोचा निवासी रांदो बोयपाई उर्फ क्रांति (एरिया कमेटी सदस्य), टोंटो थाना क्षेत्र के रेंगड़ाहातु गांव के गांधी टोला निवासी गारदी कोड़ा(दस्ता सदस्य), टोंटो के रेंगड़ाहातु गांव के गितिलगुटू टोला निवासी जॉन उर्फ जोहन पुरती, रेंगड़ाहातु के महाबुरू टोला निवासी कैरा कोड़ा, सारजोमबुरू निवासी घोनोर देवगम, गोइलकेरा थाना के बेड़ा दुइया गांव के मुरगीगेना निवासी गोमिया कोड़ा उर्फ टारजन व रांची जिला के तमाड़ थाना के हारबागाढ़ा निवासी प्रदीप सिंह मुंडा शामिल हैं.

Naxals Surrender in Chaibasa: इन महिला नक्सलियों ने किया सरेंडर

महिला नक्सलियों में छोटानागरा थाना क्षेत्र के बाहदा गांव निवासी निरसो सिद्दू उर्फ आशा, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंजेदबेड़ा गांव निवासी कैरी कायम उर्फ गुलांची एवं गोइलकेरा थाना क्षेत्र के ईचाहातु गांव के गुटुसाई टोला निवासी सावित्री गोप उर्फ फुटबॉल शामिल हैं. आत्मसर्पण करने पहुंची महिला नक्सली कैरी कायम डेढ़ साल की बेटी को गोद में लेकर आयी थी. सरेंडर करने वाले इन सभी नक्सलियों पर टोंटो, छोटानागरा, जराइकेला और गुवा थाना में हत्या, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट और यूएपीए जैसे गंभीर कांड दर्ज हैं.

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माओवादी गतिविधियों पर लगेगा अंकुश – पुलिस

पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता ने बताया कि इनका समर्पण नक्सली संगठन पर एक बड़ा प्रहार है. इससे कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगेगा. कहा कि झारखंड पुलिस, कोबरा, झारखंड जगुआर एवं सीआरपीएफ के संयुक्त अभियान के कारण पिछले 3 वर्षों में लगातार नक्सलियों पर दबाव बना है. इसी का असर है कि अब तक 26 माओवादी हथियार डालकर मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं.

175 नक्सली गिरफ्तार और 10 मुठभेड़ में मारे गये – डीजीपी

डीजीपी श्री गुप्ता ने बताया कि 3 वर्ष में पश्चिमी सिंहभूम में 9,631 अभियान चलाये गये, जिसमें 175 नक्सली गिरफ्तार किये गये हैं. 10 नक्सलियों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया. ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक, हथियार और कारतूस बरामद किये गये. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति नक्सलियों को नया जीवन देने का अवसर है. उन्होंने उग्रवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की है.

सिमटता जा रहा नक्सलियों का दायरा – डीजीपी

डीजीपी ने बताया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में उग्रवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए उग्रवाद प्रभावित थाना क्षेत्रों के आम जनमानस के बीच सुरक्षा भाव बनाये रखने के लिए 3 वर्षों में नये सुरक्षा कैंप बनाये गये हैं, जिससे नक्सलियों का दायरा सिमटता जा रहा है.

संगठन चला रहे नक्सलियों के खिलाफ लगातार चल रहा अभियान

डीजीपी ने बताया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के कोल्हान एवं सारंडा क्षेत्र में विगत कुछ वर्षों से प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी के ईस्टन रीजिनल ब्यूरो का संचालन केंद्रीय समिति सदस्य मिसिर बेसरा, पतिराम माझी उर्फ अनल, असीम मंडल, सुशांत उर्फ अनमोल, मेहनत उर्फ मोछू, अजय महतो उर्फ बुधराम, पिंटु लोहरा, अश्विन, अमित मुंडा, सालुका कायम एवं सागेन अंगरिया के नेतृत्व में किया जा रहा है. इनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए झारखंड पुलिस, झारखंड जगुआर, कोबरा एवं सीआरपीएफ का अभियान दल गठित कर लगातार अभियान चला रहा है.

31 दिसंबर 2025 तक समाप्त हो जायेगा नक्सलवाद – डीजीपी

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि 31 दिसंबर 2025 तक झारखंड में नक्सलियों का सफाया हो जायेगा. उन्होंने कहा कि पुलिस का सूचना तंत्र काफी मजबूत और सशक्त है. इसलिए पुलिस के ऑपरेशन सफल हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारे जो सभी अधिकारी अच्छा कार्य कर रहे हैं, हम उनका पूरा ख्याल रखते हैं और जो अधिकारी व जवान शहीद होते हैं, उन्हें सरकार की पॉलिसी के तहत 1.10 करोड़ रुपए और अन्य सारी सुविधाएं दी जाती हैं.

ओपेन जेल में रखे जाते हैं सरेंडर करने वाले नक्सली

उन्होंने बताया कि आत्म समर्पण करने वालों को ओपेन जेल में रखा जाता है, जहां उन्हें परिवार के लोगों से मिलने का अवसर भी मिलता है. इस मौके पर सीआरपीएफ के आइजी साकेत सिंह, आइजी अभियान माइकल एस राज, आइजी एसटीएफ अनूप बिरथरे, कोल्हान डीआइजी अनुरंजन किस्पोट्टा, चाईबासा एसपी अमित रेशु समेत अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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