Chaibasa News : नवरात्र : पंडालों में पूजा और गरबा की धूम
Updated at : 22 Sep 2025 10:04 PM (IST)
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शारदीय नवरात्रि के पहले दिन लोगों ने घरों में कलश स्थापना कर पूरे विधि-विधान से मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की.
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चाईबासा.
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन लोगों ने घरों में कलश स्थापना कर पूरे विधि-विधान से मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की. यह मां दुर्गा की पूजा और आराधना का अत्यंत महत्वपूर्ण समय है, जिसमें नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की गयी. मां शैलपुत्री को सौभाग्य की देवी माना जाता है. उनकी पूजा से सुख-समृद्धि और स्थिरता प्राप्त होती है.शहर में 22 स्थानों पर बन रहे दुर्गा पूजा पंडाल
शहर के 22 स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडालों का निर्माण किया जा रहा है. पूजा को लेकर लोगों में उत्सव का माहौल है. दुर्गा मंदिर में सिंदूर खेला में महिलाएं जुटती हैं. सरस्वती हरिबोल कमेटी दुर्गा मंदिर, चाईबासा में वर्ष 1890 से पूजा-अर्चना की जा रही है. यहां 27 सितंबर को सुबह पंचमी की पूजा शुरू होगी और शाम को शारदीय दुर्गा देवी का बोधन किया जाएगा. षष्ठी को दुर्गा देवी का आमंत्रण और अधिवास होगा. पूजा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि महाष्टमी पर प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गयी है. प्रति कूपन मूल्य 200 रुपये निर्धारित है. इस पूजा कमेटी के ट्रस्ट बोर्ड के अध्यक्ष अश्विनी कुमार गोस्वामी और सचिव मदन मोहन दरिपा हैं. प्रतिमा विसर्जन के दिन सिंदूर खेला विशेष आकर्षण होता है, जिसमें महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ती है.रवींद्र भवन पूजा समिति मना रही रजत जयंती, कुंवारी पूजन आकर्षण
रवींद्र भवन सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति इस वर्ष पूजा का 25वां वर्ष मना रही है, जिसे रजत जयंती के रूप में मनाया जा रहा है. इस वर्ष मां दुर्गा की प्रतिमा बंगाली और ग्रामीण परिवेश के मिश्रण वाली होगी, जिसे जमशेदपुर के कुशल कारीगरों ने तैयार किया है. समिति के सचिव आशीष कुमार सिन्हा ने बताया कि पंचमी से ही विधिवत पूजा शुरू होगी, जिसमें कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की आराधना की जाएगी. पश्चिमी सिंहभूम जिले में केवल रवींद्र भवन पूजा पंडाल में ही कुंवारी पूजा विशेष रूप से की जाती है, जो इस वर्ष भी आकर्षण का केंद्र रहेगी. कोलकाता से महिला ढाक वादक भी बुलाए गए हैं. पंचमी से नवमी तक स्थानीय व कोलकाता के कलाकार गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुति देंगे. पंडाल में वाॅलंटियर्स के साथ-साथ प्राइवेट सुरक्षा गार्डों की तैनाती भी की जाएगी.डांडिया उत्सव में रंग जमाएंगी चाईबासा की महिलाएं
वीरांगना वाहिनी की ओर से 27 सितंबर को खिरवाल धर्मशाला में डांडिया उत्सव का आयोजन किया जा रहा है. कार्यक्रम शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक चलेगा. मुख्य आकर्षण : मां दुर्गा की आरती, शस्त्र पूजन, धुनुची नृत्य, गरबा नृत्य. प्रवेश शुल्क: 10 से 15 वर्ष की उम्र के लिए 299 रुपये (प्रसाद सहित) निर्धारित किया गया है.
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