युवा व बच्चे भी हो रहे हैं अस्थमा का शिकार

अस्थमा जागरूकता माह पर विशेष
रंजीत कुमार, बोकारो, हर प्राणी को जीवित रहने के लिए हवा-पानी के साथ ऑक्सीजन की जरूरत होती है. व्यक्ति के जीवन का आधार ही सांस है. जब इंसान को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है, तो इस स्थिति को अस्थमा कहते हैं. कभी-कभी अचानक सांस रूक जाने से दम घुटने लगता है. अस्थमा फेफड़ों को प्रभावित करता है. इससे सांस संबंधित बीमारी का खतरा बढ़ता है. दमा केवल बुर्जुगों व व्यस्कों में ही नहीं, बल्कि युवाओं व बच्चों में हो रहा है. अस्थमा 10 प्रकार के होते हैं. हर व्यक्ति में अलग-अलग तरह के लक्षण दिखते हैं. अस्थमा के लक्षण को पहचान कर सावधानी बरतने की जरूरत है. बोकारो के सरकारी व निजी अस्पतालों में मंगलवार से अस्थमा जागरूकता माह मनाया जा रहा है.
सबसे बड़ा कारण प्रदूषण
अस्थमा का सबसे बड़ा कारण प्रदूषण है. कल-कारखानों व वाहनों से निकलने वाले धुआं अस्थमा का कारण बन रहा हैं. सर्दी, फ्लू, धूम्रपान, मौसम में बदलाव के कारण भी लोग अस्थमा के प्रभाव में आ रहे है. कुछ एलर्जी वाले फल के कारण भी सांस संबंधी बीमारियां होती हैं. पेट में अम्ल की मात्रा अधिक होने से भी अस्थमा हो सकता है. दवाइयों का लगातार उपयोग, शराब का सेवन व कई बार भावनात्मक तनाव भी अस्थमा का कारण बनते हैं. कई लोगों में अस्थमा आनुवांशिक होता है.लक्षण व प्रकार
अस्थमा के लक्षणों में बलगम वाली खांसी या सूखी खांसी, सीने में जकड़न जैसा महसूस होना, सांस लेने में कठिनाई, घरघराहट, रात या सुबह में स्थिति गंभीर होना, ठंडी हवा में सांस लेने से परेशानी, व्यायाम के दौरान स्वास्थ्य ज्यादा खराब होना, जोर-जोर से सांस लेने पर थकान महसूस होने की समस्या होती है. अस्थमा कई प्रकार के होते है. इसमें एलर्जिक, नॉनएलर्जिक, मिक्सड, एक्सरसाइज इनड्यूस, कफ वेरिएंट, ऑक्यूपेशनल, नाइट टाइम, मिमिक, चाइल्ड ऑनसेट, एडल्ट ऑनसेट शामिल है. जो विभिन्न आयु वर्ग व मौसम के अनुसार शुरू होते है.करें परहेज
अस्थमा होने की स्थिति में ठंडा पानी व ठंडे पेय पदार्थों का सेवन बिल्कुल नहीं करें. बच्चे दही व चावल का सेवन बिल्कुल नहीं करें. केला अस्थमा से पीड़ित बच्चों को नुकसान पहुंचा सकता हैं. अधिक खट्टे व मिर्च मसाले वाली चीजों का सेवन न करें. अरबी, कचालू, फूल गोभी इत्यादि का प्रयोग नहीं करें. उड़द की दाल या उड़द की बनी खाद्य पदार्थ का उपयोग नहीं करें.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Prabhat Khabar News Desk
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