हम हैं बैंकर्स : महिला कर्मियों के दायित्व बोध के आगे छोटी साबित हो रही परेशानी

Updated:
विज्ञापन
WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

-हम हैं बैंकर्स : महिला कर्मियों के दायित्व बोध के आगे छोटी साबित हो रही परेशानीकाउंटर संभालने के साथ पढ़ा रहीं सोशल डिस्टेंसिंग का पाठ03 बोक 12 – बैंक ऑफ इंडिया, कसमार शाखा के बाहर जनधन खाता से पैसा निकालने के लिए खड़े लोग- ग्राहक को समझाने के साथ बैंकिंग कार्य की जिम्मेदारी निभा रहे […]

विज्ञापन

-हम हैं बैंकर्स : महिला कर्मियों के दायित्व बोध के आगे छोटी साबित हो रही परेशानीकाउंटर संभालने के साथ पढ़ा रहीं सोशल डिस्टेंसिंग का पाठ03 बोक 12 – बैंक ऑफ इंडिया, कसमार शाखा के बाहर जनधन खाता से पैसा निकालने के लिए खड़े लोग- ग्राहक को समझाने के साथ बैंकिंग कार्य की जिम्मेदारी निभा रहे हैं बैंकर्ससंवाददाता, बोकारो. कोरोना के संक्रमण को प्रभावशून्य करने के लिए जारी लॉकडाउन में जरूरी कार्य को जनहित में चालू रखा गया है. इसमें चिकित्सा सेवा, मीडिया के साथ बैंकिंग भी शामिल है. बैंकिंग सेक्टर की महिला कर्मियों को बैंकिंग के अलावा सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर भी सिर खपाना पड़ रहा है. कामकाज के लिए सरकार के नियमों का पालन करते हुए उनका यह जज्बा सकारात्मकता का बोध करानेवाला है. उनके दायित्व बोध के आगे ये चुनौतियां छोटी साबित हो रही हैं. भीड़ को देखते हुए कार्य गति बढ़ाना हो, चाहे ग्राहकों को संक्रमण के प्रति जागरूक करना हो, सभी काम में महिला बैंकर्स सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. : शुक्रवार को जनधन खाता में प्रधानमंत्री जन कल्याण योजना के तहत लाभुकों को प्रथम फेज का पैसा मिला. राशि निकालने के लिए विभिन्न शाखाओं में ग्राहक की लंबी कतार दिखी. ग्रामीण क्षेत्र की शाखा में ज्यादा ग्राहक दिखे. ग्राहकों की अधिकता के कारण बैंकर्स को परेशानी भी हो रही थी. इसके साथ ही लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पाठ पढ़ाने में बैंकर्स को काफी मशक्कत करनी पड़ी. ग्राहक को सेनेटाइज कर ही उनका काम निपटारा किया जा रहा है.03 बोक 06 – स्नेहा चौधरीराष्ट्र के कार्य में बैंकर्स ने हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है. नोटबंदी में देर तक काम करना हो, चाहे लॉकडाउन की विषम परिस्थिति में काम करना हो, हम बैंकर्स हमेशा सिर ऊंचा कर काम करते हैं. – स्नेहा चौधरी, बीओआई- बालीडीह03 बोक 08 – उषा कुमारीकर्तव्य के निर्वाह से बैंकर्स कभी पीछे नहीं हटते. इस विषम परिस्थिति में काम करना सौभाग्य से कम नहीं है. राष्ट्र सेवा के इस मौका को बैंकर्स हर हाल में प्रभावशाली ढंग से पूरा करेंगे. – उषा कुमारी, बीओआई- चिकिसिया03 बोक 07 – सृष्टि वर्तमान में बैंकिंग के काम के दौरान आर्मी वाली फीलिंग आती है. लॉकडाउन में एसेंशियल सर्विस को पूरा करने में आनंद आ रहा है. हम कोरोना को हरायेंगे. हर हाल में हरायेंगे. – सृष्टि, बीओआई- को-ऑपरेटिव कॉलोनी03 बोक 09 – श्वेता चौबेबैंकिंग वर्तमान में सभी नागरिकों से जुड़ी सेवा है. वर्तमान परिस्थिति में काम चुनौतियों से भरा जरूर है, पर चुनौतियों को मात देने का काम ही बैंकर्स का है. लोकसेवा का इससे बेहतर मौका नहीं मिलेगा. – श्वेता चौबे, एसबीआई- आरबीओ03 बोक 10 – अफरोज शाहीनकोरोना को हराने के लिए बैंकर्स कदम से कदम मिला कर चल रहे हैं. ग्राहकों के जरूरी काम निपटाने के अलावा उनकी सुरक्षा का भी ख्याल रखा जा रहा है. यह काम देश सेवा जैसा ही है. – अफरोज शाहिन, एसबीआई- आरबीओ

विज्ञापन

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola