Bokaro News : शादी के पहले जन्मकुंडली की जगह हीमोग्लोबिन कुंडली का करें मिलान
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 03 Jan 2025 1:01 AM
Bokaro News : अनुवांशिकी बीमारियों हीमोग्लोबिनोपैथी, थैलेसीमिया, सिकलसेल एनिमिया पर लगेगी रोक, स्वस्थ रहेंगे युवा
Bokaro News : रंजीत कुमार, बोकारो. अब शादी के पहले अभिभावक जन्मकुंडली की जगह हीमोग्लोबिन कुंडली का मिलान करें, ताकि नवदंपत्ति व उसके बच्चे स्वस्थ जीवन जी सकें. साथ ही उन्हें अनुवांशिक बीमारियों से दूर रखा जा सकता है. खून से जुड़ी कई अनुवांशिक बीमारी है, जो पूर्वजों से मिली है और हम अपने बच्चों को बांट रहे हैं. हीमोग्लोबिन से जुड़ी अनुवांशिकी बीमारी प्रमुख रूप से हीमोग्लोबिनोपैथी, थैलेसीमिया, सिकलसेल एनिमिया आदि हैं. हीमोग्लोबिन जांच के बाद यदि अनुवांशिक बीमारी का पता चलता है, तो शादी नहीं करनी चाहिए. इससे आगे पीढ़ी-दर-पीढ़ी जानेवाली बीमारी पर रोक लगेगी. यह बातें गुरुवार को ‘प्रभात खबर’ से बातचीत में बोकारो जेनरल अस्पताल के एडिशनल सीएमओ डॉ गजेंद्र कुमार सिंह ने सेक्टर चार में कही.
डॉ सिंह ने कहा : हीमोग्लोबिनोपैथी बीमारी से पीड़ितों की संख्या काफी मिल रही है. यह वंशानुगत रक्त विकारों का एक समूह है, जो हीमोग्लोबिन को प्रभावित करता है. हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में एक प्रोटीन है. यह पूरे शरीर में ऑक्सीजन ले जाने में मदद करता है. हीमोग्लोबिनोपैथी की समस्या होने पर सामान्य लक्षण थकान, सांस की तकलीफ व ठंडे हाथ-पैर हैं. इसका उपचार नहीं कराने पर गंभीर समस्याएं सामने आती हैं. इससे मृत्यु तक हो सकती है. जल्दी पता लगाने व उपचार से लक्षणों को रोकने में मदद मिल सकती है, ताकि बीमार को एक लंबा जीवन मिल सके.आठ प्रकार की होती है हीमोग्लोबिनोपैथी बीमारी :
डॉ सिंह ने कहा : हीमोग्लोबिनोपैथी बीमारी के मुख्य आठ प्रकार हैं. हीमोग्लोबिन सी, हीमोग्लोबिन इ व हीमोग्लोबिन डी में सामान्य हीमोग्लोबिन की जगह ले लेता है. हीमोग्लोबिन एससी रोग में एक सिकल सेल जीन व एक हीमोग्लोबिन सी जीन, हीमोग्लोबिन एसडी रोग में एक सिकल सेल जीन व एक हीमोग्लोबिन डी जीन, हीमोग्लोबिन एसइरोग में एक सिकल सेल जीन व एक हीमोग्लोबिन ई जीन विरासत में मिलता है. सिकल सेल रोग में लाल रक्त कोशिकाएं दरांती के आकार की होती हैं. थैलेसीमिया में शरीर पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बनाता है.बीजीएच लैब जांच में निभायेगी महत्वपूर्ण भूमिका :
डॉ सिंह ने कहा : हीमोग्लोबिनोपैथी के लक्षणों में ठंडे हाथ व पैर होना, गहरे रंग का पेशाब, थकान, बच्चों के विकास में देरी, पीलिया, पीली त्वचा, सांस लेने में परेशानी, सामान्य से अधिक देर तक सोना, हाथों व पैरों में सूजन का होना मुख्य है. हीमोग्लोबिनोपैथी जांच झारखंड के बोकारो जेनरल अस्पताल में शुरू की गयी है. लैब का उद्घाटन 26 अक्तूबर 2024 को बीएसएल के डायरेक्टर इंचार्ज बीरेंद्र कुमार तिवारी ने किया था. लैब को आटोमैटिक बायोकेमेस्ट्री एनालाइजर एंड हेम्टोलॉजी एनालाइजर एंड हाई प्रेशर लिक्विड क्रोमैटोग्राफी नाम से जाना जाता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










