Coronavirus Lockdown: ओड़िशा से कसमार के लिए पैदल ही चल पड़े 12 मजदूर, सबकी हुई जांच

Updated at : 30 Mar 2020 11:15 PM (IST)
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Coronavirus Lockdown: ओड़िशा से कसमार के लिए पैदल ही चल पड़े 12 मजदूर, सबकी हुई जांच

देशव्यापी लॉकडाउन के बाद दूसरे राज्यों में फंसे लोग अपने घर आने को बेताब हैं. इसके लिए वे कई तरह के जतन में लगे हुए हैं. कुछ लोग कोई उपाय न देखकर पैदल ही अपने घर पहुंच रहे हैं. सोमवार को कसमार में इसी तरह से 12 मजदूर अपने घर पहुंचे. ये सभी अपने घर आने के लिए ओड़िशा से पैदल ही चल पड़े थे. राउरकेला से करीब 80 किमी की पैदल यात्रा कर झारखंड बॉर्डर (सिमडेगा) पहुंचे.

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दीपक सवाल 

कसमार : देशव्यापी लॉकडाउन के बाद दूसरे राज्यों में फंसे लोग अपने घर आने को बेताब हैं. इसके लिए वे कई तरह के जतन में लगे हुए हैं. कुछ लोग कोई उपाय न देखकर पैदल ही अपने घर पहुंच रहे हैं. सोमवार को कसमार में इसी तरह से 12 मजदूर अपने घर पहुंचे. ये सभी अपने घर आने के लिए ओड़िशा से पैदल ही चल पड़े थे. राउरकेला से करीब 80 किमी की पैदल यात्रा कर झारखंड बॉर्डर (सिमडेगा) पहुंचे. यहां स्थानीय प्रशासन द्वारा भोजन करवाकर सभी को एक मालवाहक गाड़ी से रांची तक भेजा.

रांची में कोई साधन नहीं मिलने के बाद पुनः पैदल चल पड़े. करीब 20 किमी पैदल चलने के बाद रास्ते में कसमार के एक मालवाहक वाहन ने लिफ्ट दिया. तब जाकर सभी मजदूर किसी तरह कसमार पहुंचे. सोमवार सुबह सभी मजदूर कसमार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां चिकित्सक ने सभी की स्वास्थ्य जांच की.

सभी श्रमिक कसमार प्रखंड की दुर्गापुर पंचायत के कुरको, मुरहुलसुदी पंचायत के पिरगुल और मुरहुल तथा सिंहपुर पंचायत के करमा के निवासी हैं. चिकित्सकीय जांच में किसी को सर्दी, बुखार, खांसी या कोई लक्षण नहीं रहने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन द्वारा सभी को होम क्वारेंटाइन में भेज दिया गया है. मजदूरों ने बताया कि वे सभी राउरकेला के सामने राजगमपुर स्थित डालमिया सीमेंट की कंपनी में गाड़ी चलाते थे.

लॉकडाउन होने के बाद जब काम बंद हो गया, तो घर लौटने के लिए दो दिन गाड़ी या अन्य साधन का इंतजार करते रहे. लाचार होकर सभी पैदल ही उड़ीसा से झारखंड बॉर्डर सिमडेगा पहुंच गये. सिमडेगा पुलिस प्रशासन ने खाना खिलाया और एक मालवाहक में बैठाकर रांची तक भिजवाया. रांची आने के बाद पैदल ही सभी कसमार लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में कसमार से सब्जी लाने गये एक वाहन में लिफ्ट मिल गया.

इन 12 मजदूरों के अलावा लोधकियारी के एक मजदूर व धधकिया के एक मजदूर को स्थानीय प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल भेजा था, जहां सभी नॉर्मल स्थिति में पाये गये, उन्हें घर भेज दिया गया.

कसमार प्रखंड में 235 लोग होम क्वारेंटाइन में

कोरोना को लेकर लॉकडाउन के बाद कसमार प्रखंड में अलग-अलग राज्यों से लौटे 235 मजदूर को होम क्वारेंटाइन में रखा गया है. बताया गया कि जो भी युवक काम करके बाहर के प्रांत से कसमार प्रखंड में आये हैं, उन्हें स्वास्थ्य जांच के बाद 14 दिनों के लिए होम क्वारेंटाइन में रखा गया है. प्रत्येक गांव, पंचायत से लेकर प्रखंड स्तर पर कमेटी बनाकर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

इधर, लॉकडाउन के बाद गरीबों को भूख से निजात दिलाने के लिए स्थानीय प्रशासन की देखरेख में कसमार प्रखंड के पांच स्थानों में दांतू, ओरमो, कसमार चौक, खैराचातर और पिरगुल चौक में दाल भात केंद्र संचालित किया जा रहा है. इसके अलावा प्रखंड प्रशासन के द्वारा निःशुल्क भोजन केंद्र का भी संचालन भी शुरू किया गया है.

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AmleshNandan Sinha

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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