आजादी के 75 साल बाद भी इस आदिवासी बहुल गांव में पक्की सड़क नहीं, वन विभाग बना रहा मिट्टी मोरम पथ

बोकारो जिले के ललपनिया के आदिवासी बहुल गांव में वन विभाग करा रहा मिट्टी मोरम सड़क का निर्माण. फोटो : प्रभात खबर
Bokaro News: आजादी के 75 साल बाद भी झारखंड के आदिवासी बहुल ढोढी गांव में पक्की सड़क का निर्माण नहीं हुआ. लोग परेशान थे. वन विभाग मिट्टी मोरम पथ बना रहा है.
Bokaro News|ललपनिया (बोकारो), नागेश्वर : बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड में एक ऐसा गांव है, जहां आज तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हुआ. आदिवासी बहुल ढोढी गांव बड़कीचिदरी पंचायत में है. अच्छी खबर यह है कि अब जाकर हजारीबाग वन प्रमंडल ने गांव तक मोरम पथ बनवा रहा है.
3 किलोमीटर लंबी सड़क, 3 पुलिया का भी हो रहा निर्माण
हजारीबाग पूर्वी वन प्रमंडल के चतरोचट्टी फॉरेस्ट बीट में पड़ने वाले इस गांव तक जाने के लिए सड़क बनाई जा रही है. करीब 3 किलोमीटर मिट्टी मोरम पथ के रास्ते में 3 पुलिया का भी निर्माण हो रहा है. इस सड़क के बन जाने से ग्रामीणों का आवागमन सुलभ हो जाएगा. गांव में शुद्ध पेयजल के लिए प्रखंड कार्यालय ने कूप, डोभा आदि बनवाए हैं.
गांव में सड़क नहीं होने से लोग थे परेशान
गांव में सड़क नहीं होने की वजह से लोग बेहद परेशान थे. ग्रामीणों का कहना है कि इस गांव में रहने वाले 50 आदिवासी परिवार मजदूरी करके जीवन यापन करते हैं. सभी दिहाड़ी मजदूर हैं. गांव में अगर कोई बीमार पड़ जाए, तो उसे एंबुलेंस से अस्पताल भी नहीं ले जा सकते, क्योंकि गांव तक वाहन जाने की सड़क नहीं है. मरीजों को लिंक रोड तक आने के लिए 2 से 3 किलोमीटर तक डोली में बिठाकर या लिटाकर लाना पड़ता है.
विकास की उम्मीद में हर बार करते हैं वोट – ग्रामीण
ग्रामीण कहते हैं कि जब भी चुनाव आता है, वे वोट जरूर करते हैं. उम्मीद रहती है कि सरकार बनेगी, तो उनके दुख-दर्द दूर करेगी. उनके गांव में मूलभूत सुविधाएं पहुंचाएगी. मुखिया से लेकर अलग-अलग दलों के राजनेताओं के प्रतिनिधियों से अपील की गई कि गांव में सड़क बनवा दें, लेकिन, किसी ने कोई पहल नहीं की.
बीडीओ बोले- वन भूमि की वजह से नहीं बन पाई पक्की सड़क
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने मनरेगा और अन्य योजनाओं से कूप, आवास, डोभा आदि का लाभ लोगों को दिया. चतरोचट्टी फॉरेस्ट बीट ने चेक डैम का निर्माण करवाया है. गांव से लिंक रोड तक वन विभाग ने मिट्टी मोरम पथ का निर्माण शुरू कर दिया है. वन विभाग की देखरेख में काम तेजी से हो रहा है.
वन भूमि के चलते नहीं हो सका पथ का निर्माण : बीडीओ
प्रखंड विकास पदाधिकारी महादेव महतो से जब इस पूछा गया कि गांव में पक्की सड़क का निर्माण क्यों नहीं हुआ है, तो उन्होंने कहा कि गांव में विकास के काम हुए हैं. कई और योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को मिलेगा. सड़क की जमीन वन भूमि है. इसलिए मनरेगा से मिट्टी मोरम पथ का निर्माण नहीं हो पाया. उपायुक्त को इस संबंध में जानकारी दी गई है.
बहुत जल्द होगा पीसीसी पथ का निर्माण – योगेंद्र प्रसाद
झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि उनके संज्ञान में यह मामला नहीं है. वर्ष 2025 में ही लिंक पथ से गांव तक पीसीसी पथ का निर्माण कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सभी गांवों को पक्की सड़क से जोड़ा जाएगा.
वन क्षेत्रों में हो रहे हैं विकास कार्य – रेंजर
वन क्षेत्र पदाधिकारी सुरेश राम ने कहा कि डीएफओ के दिशा-निर्देशन में चतरोचट्टी फॉरेस्ट बीट में ग्रामीण विकास के कई काम हो रहे हैं. पथ, पुलिया, चेक डैम, वन रोपन के कार्य संचालित हो रहे हैं. इसी क्रम में ढोढी गांव में पथ का निर्माण किया जा रहा है.
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By Mithilesh Jha
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