बोकारो : अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ की हड़ताल. बंद रहे बैंक, एटीएम भी बंद करायी गयी, 100 करोड़ का बैंकिंग कारोबार प्रभावित

Updated at : 22 Dec 2018 8:36 AM (IST)
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बोकारो :  अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ की हड़ताल. बंद रहे बैंक, एटीएम भी बंद करायी गयी, 100 करोड़ का बैंकिंग कारोबार प्रभावित

बोकारो : वेज रिविजन, बढ़ता नन परफॉर्मिंग एसेट, कोर व्यवसाय, पुरानी पेंशन व्यवस्था समेत नौ सूत्री मांग को लेकर बोकारो के बैंक शुक्रवार को बंद रहे. अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ की ओर से आहूत बंद से जिला में 100 करोड़ रुपया से अधिक कारोबार प्रभावित हुआ. बैंक अधिकारियों की मानें तो प्रभाव के अलावा […]

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बोकारो : वेज रिविजन, बढ़ता नन परफॉर्मिंग एसेट, कोर व्यवसाय, पुरानी पेंशन व्यवस्था समेत नौ सूत्री मांग को लेकर बोकारो के बैंक शुक्रवार को बंद रहे. अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ की ओर से आहूत बंद से जिला में 100 करोड़ रुपया से अधिक कारोबार प्रभावित हुआ.
बैंक अधिकारियों की मानें तो प्रभाव के अलावा बैंक को लाखों रुपया का नुकसान भी हुआ. जिला में विभिन्न बैंकों की 201 शाखा है. हर बैंक में औसतन एक दिन में 50 लाख रुपया का कारोबार होता है. विभिन्न बैंक के अधिकारी संघ के बैनर तले कामकाजी समय के पूर्व ही बैंक पहुंच गये.
जमकर नारेबाजी की. विभिन्न बैंकों का दौरा किया. हड़ताल का असर ज्यादा हो इसलिए एटीएम को भी बंद करा दिया गया. इसके अलावा प्राइवेट बैंक को भी बंद कराया गया. जब प्रबंधक ने इस संबंध में पूछा गया तो, उन्होने बताया : सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एटीएम को बंद कराया गया.
हड़ताल की परछाई में कोई असामाजिक तत्व गड़बड़ न कर दे, इसलिए एटीएम को बंद रखा गया. हालांकि शाम तक एटीएम खुलने भी लगे थे.
लोगों को हुई परेशानी
बैंक हड़ताल की सूचना लोगों को मीडिया समेत अन्य माध्यम से मिल गयी थी. लोग इस बंद को लेकर तैयार भी थे, लेकिन अचानक से एटीएम बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. सिटी सेंटर में खरीदारी करने आये सेक्टर 09 के उमेश कुमार ने बताया : एटीएम बंद होने के कारण खरीदारी नहीं हो सकी. सभी दुकान में पीओएस मशीन नहीं है.
वहीं जैनामोड़ के विनोद महतो ने कहा
एटीएम बंद कराने का कोई तुक नहीं बनता है. यह आम लोगों को परेशान करने के लिए किया गया कदम मात्र है. मौके पर मनोज कुमार, सुबोध रजक, अशोक प्रसाद, सुमन सौरभ, दिनेश कुमार, राज कुमार, अमर कुमार, अनि वर्णवाल, राम बलि राम, अनिल कुमार, गोपाल कुमार, सर्वेश प्रसाद, रेचेल पूर्ति, दीपक कुमार गुप्ता, नीरज बोदरा, ब्रहानंद साह, चंदा कुमारी, स्नेहा कुमारी, ऋचा कुमारी, आनंद बिहारी साव समेत विभिन्न बैंक के दर्जनों अधिकारियों ने हड़ताल को सफल बनाया.
नियम बदल कर एकता तोड़ना
चाहती है सरकार : राजेश
बैंक ऑफ इंडिया- 09 के मुख्य प्रबंधक सह संघ के पदाधिकारी राजेश सिन्हा ने कहा : अब तक स्केल 01 से 07 तक के अधिकारियों का वेज रिविजन एक साथ होता आया है. वर्तमान में स्केल वाइज वेज अपग्रेड करने की बात हो रही है. सरकार साजिश के तहत अधिकारियों के एकता को तोड़ना चाहती है. सरकार की मंशा को कभी पूरा नहीं होने दिया जायेगा.
थर्ड पार्टी बिजनेस की जगह कोर व्यवसाय पर ध्यान हो केंद्रित : धनंजय
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, रास्मेक के अधिकारी धनंजय कुमार ने कहा : थर्ड पार्टी बिजनेस की जगह मूल व्यवसाय पर ध्यान देने की जरूरत है. एनपीए की समस्या बैंक के लिए नासूर बन रही है. कहा : पेंशन नीति में बदलाव से अधिकारी को नुकसान है. पुरानी पेंशन नीति वापस लानी होगी. अधिकारी हक मांग रहे हैं. आइबीए को हमारी मांग माननी होगी.
बिना शर्त आदेश पत्र जारी करना होगा : महावार
पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारी एमएल महावार ने कहा : हमारी मांगों पर आइबीए चिंतित ही नहीं दिख रहा है. 2017 के मई में प्रस्तुत मांग-पत्र के आधार पर 11वीं द्विपक्षीय वेतन संशोधन वार्ता के लिए पूर्ण व बिना शर्त आदेश पत्र जारी करना होगा. वेतन संशोधन पर चर्चा शुरू होने के 19 महीनों बाद भी अबतक कोई प्रगति नहीं हुई है. यह कहीं से जायज नहीं है.
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