झारखंड बजट 2018-19: वंचितों के विकास पर 52% राशि होगी खर्च

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Jan 2018 8:47 AM

विज्ञापन

फोकस. सदन में वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट पेश करने के बाद बोले मुख्यमंत्री रघुवर दास रांची : मुख्यमंत्री सह वित्तमंत्री रघुवर दास ने कहा कि अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों एवं अन्य वंचित वर्गों के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट में खास प्रावधान किया गया है. इनके विकास को लेकर बजट में 52 प्रतिशत राशि […]

विज्ञापन
फोकस. सदन में वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट पेश करने के बाद बोले मुख्यमंत्री रघुवर दास
रांची : मुख्यमंत्री सह वित्तमंत्री रघुवर दास ने कहा कि अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों एवं अन्य वंचित वर्गों के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट में खास प्रावधान किया गया है. इनके विकास को लेकर बजट में 52 प्रतिशत राशि का प्रावधान किया गया है. अनुसूचित जनजाति बहुल गांवों में आदिवासी विकास समिति के माध्यम से छोटे-छोटे चेक डैम, तालाब, जल संचयन संरचानाएं आदि योजनाओं का निर्माण कराया जायेगा. इसी प्रकार अन्य क्षेत्रों में ग्राम विकास समिति के माध्यम से योजनाओं पर काम किया जायेगा. सरकार की ओर से योजनाएं नहीं थोपी जायेंगी.
आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोल कर एसटी-एसटी वर्ग के नवयुवकों को ट्रेनिंग देकर हुनरमंद बनाया जायेगा. सरकार स्किल्ड यूनिवर्सिटी की भी स्थापना करेगी. श्री दास मंगलवार को विधानसभा में बजट पेश करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.
गरीब लोकतंत्र के पांचवें स्तंभ हैं, सरकार इन्हें करेगी संपन्न : रघुवर दास ने कहा कि सरकार ने 2022 तक राज्य से गरीबी को समाप्त करने का संकल्प लिया है. सरकार ग्रामीण विकास के माध्यम से गरीबी को खत्म करने की पहल करेगी. ग्रामीण समाज को मुख्यधारा में लाया जायेगा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका व प्रेस के बाद पांचवां स्तंभ 26 प्रतिशत गरीब हैं. यही सरकार को बनाने व गिराने का काम करते हैं. सरकार लोकतंत्र के पांचवें स्तंभ को आर्थिक रूप से संपन्न करने का प्रयास कर रही है.
महिलाओं को स्वावलंबी बनाया जायेगा : सीएम श्री दास ने कहा कि राज्य की महिलाएं काफी मेहनती हैं. इनमें उद्यम की विशेषता है. ग्रामीण महिलाएं गरीबी के कारण पढ़ नहीं पाती हैं. इन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बनाया जायेगा. राज्य में देश का 62 प्रतिशत लाह और 82 प्रतिशत तसर का उत्पादन होता है. इसी को ध्यान में रख कर मुख्यमंत्री उद्यमी बोर्ड का गठन किया गया है. राज्य के 32 हजार गांवों में विलेज कोऑर्डिनेटर बनाये गये हैं. गांव के एक बीपीएल परिवार को रोजगार देकर गरीबी खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है.
महिलाओं को बनाया मालकिन : श्री दास ने कहा कि यह सही है कि एक रुपया में महिलाओं की जमीन रजिस्ट्री करने के फैसले से सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ है. सरकार ने महिलाओं को मालकिन बनाने का काम किया है. पहले महिलाओं को डायन बिसाही के नाम पर जला कर मार दिया जाता था. उनकी हत्या कर दी जाती थी. महिलाएं परिवार चलाती हैं. इसलिए यह प्रगतिशील कदम है.
तीन माह में खर्च में बढ़ोतरी व राजस्व की उगाही होगी : यह पूछे जाने पर कि अब तक सिर्फ 37 प्रतिशत ही राजस्व की उगाही हो पायी है? क्या सरकार लक्ष्य प्राप्त कर पायेगी. इस पर श्री दास ने कहा कि अंतिम तिमाही में राजस्व उगाही व खर्च में बढ़ोतरी होगी. पिछले साल भी सरकार ने बजट की 95 प्रतिशत राशि खर्च की थी. इस बार भी विकास कार्यों में बजट की 90 % से ज्यादा राशि का खर्च की जायेगी.
पिछड़े छह जिलों में खर्च होंगे 50-50 करोड़
: श्री दास ने कहा कि राज्य के पिछड़े छह जिलों पाकुड़, साहेबगंज, खूंटी, सिमडेगा, चाईबासा व गुमला में सरकार 50-50 करोड़ रुपये खर्च करेगी. इसके अलावा पिछड़े क्षेत्रों के लिए भी राशि आवंटित की जायेगी. केंद्र सरकार भी इन क्षेत्रों के विकास में सहयोग प्रदान करेगी.
जनवरी में बजट पेश होने से मार्च लूट खत्म हो गया : श्री दास ने कहा कि जनवरी में बजट पेश होने से मार्च लूट समाप्त हो गया है. वित्तीय वर्ष होने से पहले योजना के इस्टीमेट और स्वीकृति लेने की प्रक्रिया पूरी हो जाती है. सरकार के पास योजनाओं के क्रियान्वयन का पर्याप्त समय मिलता है. इसलिए एडवांस प्लानिंग व बजट प्रस्तुत किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार योजनाओं की मॉनिटरिंग करेगी. जनता से भी सहयोग लिया जायेगा.
राज्य को विकसित होने पर लगेंगे चार से पांच साल : सीएम ने कहा कि राज्य को विकसित होने में चार से पांच साल का समय लगेगा. व्यवस्था की कमियों को जन सहयोग से दूर किया जायेगा. मौके पर संसदीय कार्य मंत्री सरयू राय, विकास आयुक्त अमित खरे, वित्त सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सुनील बर्णवाल व अर्थशास्त्री हरीश्वर दयाल मौजूद थे.
अधिकांश सुझाव बजट में शामिल : विकास आयुक्त अमित खरे ने कहा कि बजट को लेकर जनप्रतिनिधियों समेत विभिन्न संस्थाओं व लोगों के माध्यम से 1151 सुझाव मिले. इसमें से अधिकांश सुझावों को बजट में समावेश किया गया है. इसमें कोल स्टोरेज व प्रेस क्लब की घोषणा भी शामिल है.
अब
बजट में इस बार नया क्या
सरकार ने नया झारखंड बनाने का लिया संकल्प
खेतों में छोटे-छोटे ट्रांसफार्मर लगाये जायेंगे तथा आवश्यकतानुसार सौर ऊर्जा की व्यवस्था की जायेगी
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की आय दोगुनी करने पर काम होगा
छोटी योजनाओं के निर्माण की जवाबदेही ग्राम या आदिवासी विकास समिति को सौंपी जायेगी
कुपोषण खत्म करने के लिए गिफ्ट मील स्कीम शुरू की जायेगी
विधायक फंड से स्ट्रीट लाइट लगायी जायेगी
अस्पताल खोलने वाले एसटी डॉक्टरों को 50 हजार का कर्ज मिलेगा
सभी जिलों के एक कॉलेज में पीजी की पढ़ाई शुरू होगी
हर जिले में मेगा स्किल सेंटर बनेगा
आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ओल्ड एज होम बनेगा
कुपोषण हटाने के लिए 48 पोषण गार्डन स्थापित होंगे
छोटी–छोटी योजनाओं को अंब्रेला स्कीम में समाहित किया गया है
रांची, धनबाद, जमशेदपुर व देवघर में आइएसबीटी व ट्रांसपोर्ट नगर बनेगा
हजारीबाग, पलामू व दुमका में हवाई अड्डा के रनवे का विस्तार होगा
राज्य भर में 100 छोटे कोल्ड रूम का निर्माण होगा
किसानों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना होगी
ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे पुल, पुलिया व पथों का निर्माण होगा
बीज प्रसंस्करण यूनिट की स्थापना की जायेगी
बायो गैस प्लांट की स्थापना की जायेगी
किसानों व खेतिहर मजदूरों की सांप काटने, कुआं धंसने जैसे कारणों से मौत होने पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की सहायता दी जायेगी
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर छोटे-छोटे पार्कों का निर्माण कराया जायेगा
युवाओं के कौशल विकास के लिए राज्य में कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की जायेगी
तीन लाख युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा
50 हजार सरकारी नियुक्तियां की जायेंगी
सभी जिला मुख्यालयों में एक-एक स्किल सेंटर की स्थापना होगी
डॉ रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान में शोध निधि की स्थापना की जायेगी
कॉलेजों में विज्ञान प्रयोगशाला की स्थापना की जायेगी
बड़े जिला मुख्यालयों में लाइब्रेरी कम मोटिवेशनल सेंटर की स्थापना होगी
विश्वविद्यालयों में स्टार्ट अप कोषांग स्थापित होंगे
राज्य में मीठी क्रांति के लिए किसानों को मधुमक्खी पालन के लिए प्रशिक्षित किया जायेगा
महिला लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के माध्यम से 4.5 लाख महिलाओं को स्वावलंबन के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा
लुगुबुरू व छऊ महोत्सव को राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया जायेगा
प्रसाद योजना के अंतर्गत देवघर का विकास होगा
स्वदेश दर्शन योजना के तहत जमशेदपुर-रांची-नेतरहाट-बेतला इको टूरिज्म सर्किट का विकास होगा
तब
सरकार ने सदन में पेश की एक्शन टेकन रिपोर्ट
142 में से 121 घोषणाओं को किया गया पूरा
रांची : राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में की गयी घोषणा तथा इन्हें पूरा करने संबंधी कृत कार्रवाई प्रतिवेदन (एक्शन टेकन रिपोर्ट) सदन में पेश किया. इसमें बताया गया है कि संबंधित वित्तीय वर्ष के बजट भाषण के दौरान कुल 142 घोषणाएं की गयीं थीं. सरकार ने इनमें से 121 घोषणाओं को पूरा कर लिया है. शेष 20 घोषणाओं को पूरा करने संबंधी कार्रवाई चल रही है. एक घोषणा को फिलहाल स्थगित रखा गया है.
पूरी कर ली गयीं महत्वपूर्ण घोषणाओं में कृषि सिंगल विंडो सेंटर की स्थापना, ससमय ऋण भुगतान करने वाले किसानों को ब्याज की तीन फीसदी राशि लौटा देना, पांच एकड़ से कम क्षेत्रफल वाले दो हजार तालाबों का गहरीकरण व जीर्णोद्धार करना, मत्स्य क्षेत्र के विकास के लिए पुराने जलाशयों का जीर्णोद्धार करना, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना को भारत सरकार की योजना के साथ एकीकृत करते हुए नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम शुरू करना, बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को पुरस्कृत करना, रांची, सिमडेगा, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, चतरा व लातेहार जिलों में टाना भगत विकास प्राधिकार का गठन करना, मानकी, मुंडा व ग्राम प्रधानों को प्रशिक्षण देकर टैबलेट उपलब्ध कराना (विभिन्न जिलों को 7711 टैबलेट उपलब्ध करा दिया गया है, प्रशिक्षण के बाद इनका वितरण होगा), एक कमरे के कच्चे मकान में रहने वाले 1.58 लाख ग्रामीण परिवारों को आवास उपलब्ध कराना (प्रक्रिया शुरू है), इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों में बच्चों के नामांकन के लिए कोचिंग वाला आकांक्षा कार्यक्रम शुरू किया जाना, झारखंड के वीर शहीदों के गांव को शहीद आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करना तथा कल्याण विद्यालयों के बच्चों के पठन-पाठन, भोजन व अन्य मद की राशि बढ़ाना शामिल हैं.
वहीं कृषि उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण कृषि हाट का निर्माण, पांच जिलों (लातेहार, लोहरदगा, देवघर, पाकुड़ व कोडरमा) में एएनएम स्कूल खोले जाने, तीन जिलों (बोकारो, रांची व देवघर) में इंजीनियरिंग कॉलेज तथा छह पॉलिटेक्निक का निर्माण कराने, जमशेदपुर व देवघर को सीसीटीवी सर्विलांस में शामिल करने, राज्य आपदा मोचन बल तथा धनबाद में झारखंड खनन आपदा प्रबंधन संस्थान की स्थापना करने, साहेबगंज जिले के मंदारो वन प्रक्षेत्र में फोस्सिल के संरक्षण के लिए जियोलॉजिकल हेरिटेज साइट विकसित करने तथा मुख्यमंत्री शिक्षा ऋण गारंटी फंड का गठन करने जैसी घोषणाअों को पूरा किया जाना अभी प्रक्रियाधीन है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola