लखीसराय में 3 महीने बाद भी रेलकर्मी संतोष हत्या का नहीं मिला सुराग, ग्रामीणों में दहशत
चर्चित रेलकर्मी संतोष उर्फ दिलीप कुमार
Lakhisarai Murder Mystery: लखीसराय के पीरी बाजार थाना क्षेत्र में हुए रेलकर्मी संतोष हत्याकांड की गुत्थी तीन महीने बाद भी नहीं सुलझ सकी है. खेत में बेरहमी से हुई हत्या के बाद से ग्रामीणों में डर का माहौल है और अब पुलिस जांच पर भी सवाल उठने लगे हैं.
पीरीबाजार, लखीसराय से रविराज आनंद की रिपोर्ट
Lakhisarai Murder Mystery: लखीसराय में चौरा राजपुर पंचायत के घोंघी गांव में 18 फरवरी को हुए चर्चित रेलकर्मी संतोष उर्फ दिलीप कुमार हत्याकांड में अब तक पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिली है. करीब तीन महीने बीत जाने के बावजूद आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. इस मामले को लेकर इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि पीड़ित परिवार इंसाफ की आस में पुलिस और प्रशासन की ओर टकटकी लगाये बैठा है.
खेत में मिली थी रेलकर्मी की लाश
जानकारी के अनुसार 18 फरवरी की शाम घोंघी गांव के खेत में रेलकर्मी संतोष उर्फ दिलीप कुमार की बेरहमी से हत्या कर दी गयी थी. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गयी थी और पुलिस ने शुरुआती दिनों में तेजी से जांच शुरू की थी.
हालांकि समय बीतने के साथ जांच की रफ्तार धीमी पड़ती गयी. अब ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज हो गयी है कि कहीं यह मामला भी ‘अज्ञात’ के नाम पर फाइलों में दबकर न रह जाये.
शाम होते ही गांव में पसर जाता है डर
हत्याकांड के बाद से चौरा राजपुर पंचायत और आसपास के गांवों में भय का माहौल बना हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि जब एक सरकारी रेलकर्मी की हत्या कर अपराधी खुलेआम घूम सकते हैं तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी.
लोगों ने बताया कि शाम ढलते ही खेतों और सुनसान रास्तों पर निकलने से लोग डरने लगे हैं. कई ग्रामीण अकेले बाहर निकलने से भी परहेज कर रहे हैं.
तकनीक और जांच पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि आधुनिक तकनीक, मोबाइल टावर डंप डेटा, सर्विलांस और फोरेंसिक जांच के दौर में भी पुलिस तीन महीने में कोई सुराग नहीं जुटा सकी है.
लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जांच में इतनी देरी क्यों हो रही है. कुछ लोगों ने मामले में किसी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका होने की आशंका भी जतायी है.
एसआईटी जांच की उठी मांग
पीड़ित परिवार और स्थानीय प्रबुद्ध लोगों ने लखीसराय पुलिस अधीक्षक से मामले की एसआईटी जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि विशेष जांच दल गठित होने से मामले की निष्पक्ष जांच हो सकेगी और अपराधियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी.
वहीं पीरी बाजार थानाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह ने कहा कि मामले में अब तक कोई प्रत्यक्ष गवाह सामने नहीं आया है, जिससे जांच में कठिनाई हो रही है. हालांकि पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है.
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लेखक के बारे में
By प्रत्युष प्रशांत
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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