ePaper

किसान आंदोलन में विदेशी भूमिका की हो रही जांच, जानिए कहां से हो रही है फंडिंग

Updated at : 06 Feb 2021 12:51 PM (IST)
विज्ञापन
किसान आंदोलन में विदेशी भूमिका की हो रही जांच, जानिए कहां से हो रही है फंडिंग

New Delhi: Farmers listen to their leader's speech during their ongoing protest at Tikri border, a day after the farmers' tractor rally, in New Delhi, Wednesday, Jan. 27, 2021. (PTI Photo/ Kamal Kishore)(PTI01_27_2021_000058B)

किसान आंदोलन के पीछे विदेशी ताकतों की भूमिका सामने आने के बाद केंद्र सरकार हरकत में आ चुकी है. एनआइए, ईडी, फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट और दूसरी जांच एजेंसियां जांच में जुट चुकी है. शुरुआती जांच में किसान आंदोलन के फंडिंग से जुड़े पुख्ता सबूत मिले हैं

विज्ञापन

किसान आंदोलन के पीछे विदेशी ताकतों की भूमिका सामने आने के बाद केंद्र सरकार हरकत में आ चुकी है. एनआइए, ईडी, फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट और दूसरी जांच एजेंसियां जांच में जुट चुकी है. शुरुआती जांच में किसान आंदोलन के फंडिंग से जुड़े पुख्ता सबूत मिले हैं. इसके पीछे सिख फॉर जस्टिस और अन्य खालिस्तानी संगठनाें की भूमिका सामने आने के बाद एनआइए ने अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया, डेनमार्क, स्वीडन और इटली से जानकारी मांगी है. एनआइए ने कई खाते में विदेशों से आये पैसे की जानकारी के लिए 40 लोगों को समन भेजा है.

25 उपद्रवी चिह्नित, फरसा-तलवारों के साथ दिख रहे तस्वीरों में : इधर, गणतंत्र दिवस के मौके दिल्ली के लाल किले पर हुए उपद्रव के मामले में पुलिस ने 25 आरोपियों की पहचान तस्वीरों के जरिये कर ली है. 200 से अधिक वीडियो फुटेज देखने के बाद फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मदद से इन आरोपियों की पहचान की गयर है. इसमें दीप सिद्धू की भी तस्वीरें है. गौरतलब है कि हिंसा के बाद पुलिस ने आम लोगों और मीडिया से वीडियो और फोटो शेयर करने की अपील की थी. कृषि कानूनों के खिलाफ किसान प्रदर्शन & Kisan Andolan Live News से जुड़ी हर अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ.

केंद्र ने किसानों के साथ किया वादा नहीं निभाया : विपक्ष – इधर, राज्यसभा में शुक्रवार को कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने सरकार पर किसानों के साथ किये गये वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए विवादों में घिरे तीन नये कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए सरकार पर दबाव बनाया.

Also Read: Kisan Andolan : तीन घंटे का चक्का जाम, जानें क्या-क्या होगा इस दौरान, किसे नहीं रोकेंगे किसान, खास अंदाज में खत्म होगा चक्का जाम

इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और पिपक्ष ने एक-दूसरे पर जम कर हमला किया. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भले ही सरकार इस कानून में संशोधन को तैयार हो गयी हो, किंतु इसका यह अर्थ नहीं है कि इन कानूनों में खामी है. कांग्रेस के आनंद शर्मा ने कहा कि महामारी से पहले ही देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गयी थी.

Also Read: पूर्व नौकरशाहों का खुला खत, किसान आंदोलन के खिलाफ सरकार का रवैया प्रतिकूल

Posted by: Pritish Sahay

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola