कुमरसार नदी का जलस्तर बढ़ा, बांका और मुंगेर प्रशासन ने कांवरिया रूट में किया बदलाव 

Updated at : 16 Jul 2025 6:42 PM (IST)
विज्ञापन
Shravani

Shravani Mela 2025: लगातार बारिश से मौसम सुहावना हो गया है लेकिन कुमरसार नदी में जलस्तर बढ़ने से कांवरियों की यात्रा प्रभावित हुई है. नदी पार करने का मार्ग बंद कर दिया गया है और वैकल्पिक रूट से यात्रा हो रही है. कांवरिए यादगार पलों को मिस कर रहे हैं.

विज्ञापन

चंदन कुमार/बांका/बिहार: पिछले दो दिनों से हो रही है झमाझम बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया है. सुल्तानगंज से कांवर लेकर कच्ची मार्ग से देवघर जा रहे शिव भक्तों में उत्साह का माहौल देखने को मिल रही है. यहां रुक-रुक कर लगातार बारिश हो रही है जिसके चलते कांवर लेकर पैदल यात्रा करने वाले कांवरिया को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है और कांवरिया अपने इच्छा अनुसार देर रात तक पदयात्रा कर बाबा धाम की ओर जा रहे है.

प्रशासन ने बंद किया ये रास्ता 

कांवरिया मार्ग की बात करें तो कुमरसार नदी जो मुंगेर और बांका के सीमावर्ती क्षेत्र में पड़ता है उस नदी में दो दिनों से हो रही बारिश के कारण अचानक जलस्तर बढ़ने और तेज पानी का बहाव होने के कारण मुंगेर पुलिस प्रशासन ने  मंगलवार से ही नदी के रास्ते को पूरी तरह से बांस लगाकर बैरिकेडिंग करते हुए बंद कर दिया है. साथ ही कांवरिया रूट को बदल कर फिलहाल कुमरसार नदी के पश्चिमी तट होते हुए क्षतिग्रस्त धौरी पुल के रास्ते धौरी धर्मशाला के पास निकाल कर आवागमन बनाया गया है.

फिलवक्त कुमरसार नदी में पसरा सन्नाटा

बारिश के बाद नदी में अभी पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है. स्थानीय और बाहर से नदी में फोटोग्राफी, खान-पान सहित विभिन्न तरह की व्यवसाय करने पहुंचे दुकानदारों में उदासी का माहौल बना हुआ है. जबकि घोड़े की सवारी, उस पर बैठकर फोटोग्राफी, भुट्टा, छोले-भटोरे व चाट आदि के  कारोबारी में उदासी है. सभी नदी में पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं जबकि मुंगेर और बांका पुलिस प्रशासन नदी के दोनों तट पर तैनात होकर नदी की ओर किसी को जाने नहीं दिया जा रहा है. स्थानीय प्रशासन कांवरियों से अपील कर रहे हैं कि नदी का जलस्तर कम होने के बाद फिर से इस रास्ता को चालू कर दिया जायेगा. 

Also read: वोटरों को मत का महत्व बताएंगे एक्टर क्रांति प्रकाश और अभिनेत्री नीतू चंद्रा, बने बिहार SVEEP आइकॉन

नदी में अधिक पानी के कारण कांवरिया नहीं ले पा रहे हैं यादगार तस्वीरें

सुल्तानगंज से देवघर के बीच कुमरसार नदी जो सुल्तानगंज से करीब 30 किलोमीटर दूरी पर पड़ता है. ऐसा माना जाता है कि कांवरिया जब सुल्तानगंज की ओर से पदयात्रा कर बाबा धाम की ओर जाते हैं तो कुमरसार नदी में बैठकर कुछ पल बिताते हैं. यहां के नदी में बैठ कर अपनी थकान को दूर करते हैं और नदी में डुबकी लगाते हुए कांवर यात्रा का आनंद भी लेते हैं. जबकि अधिकांश कांवरिया की बात करें तो नदी में मौजूद घोड़ा पर बैठकर आनंद लेते हैं और कुछ तस्वीर अपने मोबाइल और फोटोग्राफर के माध्यम से कैद भी करते हैं. जो तस्वीर यादगार होती है लेकिन फिलनक्त नदी में अधिक पानी और तेज बहाव होने के कारण कांवरिया नदी नहीं जा रहें है मन की कसक अधूरी रह रही है.

विज्ञापन
Nishant Kumar

लेखक के बारे में

By Nishant Kumar

Nishant Kumar: निशांत कुमार पिछले तीन सालों से डिजिटल पत्रकारिता कर रहे हैं. दैनिक भास्कर के बाद राजस्थान पत्रिका के डिजिटल टीम का हिस्सा रहें. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल-इंटेरनेशनल और स्पोर्ट्स टीम में काम कर रहे हैं. किस्सागोई हैं और देश-विदेश की कहानियों पर नजर रखते हैं. साहित्य पढ़ने-लिखने में रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन