कौन हैं मीनाक्षी मदन राय? बनेंगी पटना हाईकोर्ट की नई चीफ जस्टिस, जानिए इनके बारे में सबकुछ

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meenakshi m ray

मीनाक्षी एम राय की फाइल फोटो

Patna High Court Chief Justice: पटना हाईकोर्ट को जल्द नई चीफ जस्टिस मिलने वाली हैं. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सिक्किम हाईकोर्ट की वरिष्ठ जज जस्टिस मीनाक्षी एम. राय के नाम की सिफारिश की है. वह सिक्किम हाईकोर्ट की पहली महिला जज रह चुकी हैं.

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Patna High Court Chief Justice: पटना हाईकोर्ट को जल्द ही नई मुख्य न्यायाधीश मिलने वाली हैं. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सिक्किम हाईकोर्ट की वरिष्ठ जज जस्टिस मीनाक्षी एम. राय को पटना हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश की है. मौजूदा मुख्य न्यायाधीश के 4 जून को रिटायर होने के बाद वह यह जिम्मेदारी संभाल सकती हैं. यह फैसला भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में 22 मई को हुई कॉलेजियम बैठक में लिया गया. इसकी आधिकारिक बयान जारी कर दी गई है.

सिक्किम की पहली महिला हाईकोर्ट जज रहीं

जस्टिस मीनाक्षी मदन राय सिक्किम के न्यायिक इतिहास का बड़ा नाम हैं. वह सिक्किम हाईकोर्ट की पहली महिला जज रही हैं. लंबे प्रशासनिक और न्यायिक अनुभव के कारण उन्हें देश की वरिष्ठ महिला न्यायाधीशों में गिना जाता है. उनका सफर गंगटोक से शुरू होकर अब पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद तक पहुंचने वाला है. कानूनी क्षेत्र में आने वाली युवा महिलाओं के लिए उनकी कहानी प्रेरणा मानी जा रही है.

LSR और दिल्ली यूनिवर्सिटी से ली डिग्री

जस्टिस मीनाक्षी मदन राय का जन्म 12 जुलाई 1964 को गंगटोक में हुआ था. उनके पिता मदन मोहन रसैली सिक्किम सरकार में गृह सचिव रह चुके थे, जबकि उनकी मां रबी माला रसैली शिक्षिका थीं. उन्होंने शुरुआती पढ़ाई गंगटोक और पश्चिम बंगाल के स्कूलों से की. बाद में गंगटोक की ताशी नामग्याल अकादमी से 12वीं पास की.

उच्च शिक्षा के लिए वह दिल्ली गईं. उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित लेडी श्री राम कॉलेज (LSR) से राजनीति विज्ञान में ऑनर्स किया. इसके लिए उन्हें सिक्किम सरकार की मेरिट स्कॉलरशिप भी मिली थी. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की.

दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी की प्रैक्टिस

साल 1990 में उन्होंने बार एसोसिएशन ऑफ दिल्ली में वकील के रूप में रजिस्ट्रेशन कराया. शुरुआत में उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस की. उसी साल वह सिक्किम न्यायिक सेवा में शामिल हो गईं. उन्होंने गंगटोक में जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास-कम-सिविल जज के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की. इसके बाद वह लगातार पदोन्नत होती रहीं.

चार बार बनीं कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश

जस्टिस राय ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद भी संभालीं. वह 2006 और 2009 में सिक्किम हाईकोर्ट की रजिस्ट्रार जनरल रहीं. 15 अप्रैल 2015 को उन्हें सिक्किम हाईकोर्ट का जज बनाया गया. इसके साथ ही वह इस पद पर पहुंचने वाली सिक्किम की पहली महिला बन गईं.

उनकी वरिष्ठता और अनुभव को देखते हुए उन्हें कई बार सिक्किम हाईकोर्ट का कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश भी बनाया गया. वह 2018, 2019, 2021 और दिसंबर 2025 में यह जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं.

संवैधानिक मामलों की गहरी समझ

तीन दशक से अधिक लंबे करियर में जस्टिस मीनाक्षी एम. राय कई बड़े संवैधानिक और कानूनी मामलों से जुड़ी रही हैं. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि उन्हें सिक्किम के विशेष संवैधानिक प्रावधानों और सामाजिक ढांचे की गहरी समझ है.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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