Ranchi: राज्य सरकार के राजस्व में लगातार वृद्धि, पेट्रोल-डीजल आमदनी का बड़ा माध्यम

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सांकेतिक तस्वीर AI Image

Ranchi: झारखंड सरकार के राजस्व में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. पेट्रोल और डीजल पर मिलने वाला टैक्स राज्य की आय का प्रमुख स्रोत बन गया है, जिससे सरकारी खजाना मजबूत हो रहा है. पूरी रिपोर्ट नीचे पढ़ें…

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विवेक चंद्रा
Ranchi: झारखंड सरकार के राजस्व संग्रह में पिछले तीन वर्षों के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गयी है. राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में शराब, पेट्रोल-डीजल पर लगने वाला वैट और प्रॉपर्टी टैक्स की अहम भूमिका रही है. सरकारी बजट दस्तावेजों और विभागीय आंकड़ों के अनुसार राज्य के प्रमुख कर स्रोतों से आय लगातार बढ़ी है. पेट्रोल-डीजल की बिक्री से लगातार बढ़ी आमदनी झारखंड सरकार को पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट से होने वाली आय में लगातार वृद्धि हुई है.

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पिछले तीन वर्षों के दौरान पेट्रोल-डीजल से राज्य को हुई आय में लगभग 2500 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गयी है. वित्तीय वर्ष 2023-24 में 6949 करोड़ रुपये, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 9000 करोड़ रुपये व वित्तीय वर्ष 2025-26 में पेट्रोल-डीजल से राज्य सरकार को टैक्स के रूप में 9305 करोड़ रुपये आय हुई.

कोयला कंपनियों व खनन उद्योगों के लिए कम हुआ था वैट

राज्य में पेट्रोल-डीजल से राजस्व बढ़ने का मुख्य कारण प्रशासनिक प्रयास और नीतिगत बदलाव माने जा रहे हैं. राज्य सरकार ने कोयला कंपनियों और खनन उद्योगों के लिए डीजल पर वैट की दर 22 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दी है. इससे उद्योगों द्वारा राज्य के अंदर से ही थोक ईंधन की खरीदारी के लिए प्रोत्साहित हुये हैं.

शराब से रिकॉर्ड राजस्व संग्रह

राज्य सरकार ने शराब से होने वाली आय में पिछले तीन वर्षों के दौरान रिकॉर्ड वृद्धि हासिल की है. वित्तीय वर्ष 2023-24 राज्य को शराब से राजस्व के रूप में 2376 करोड़ रुपये मिले थे. वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह राशि बढ़ कर 2800 करोड़ रुपये हुई. वहीं, वित्तीय वर्ष शराब से मिलने वाला राजस्व 2025-26 में बढ़ कर 4013.53 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. यह पहली बार है जब झारखंड ने उत्पाद राजस्व के निर्धारित लक्ष्य 3585.24 करोड़ रुपये से अधिक संग्रह किया है. राज्य ने लगभग 112.8 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया. प्रॉपर्टी टैक्स और भू-राजस्व में भी बढ़ोतरी

प्रॉपर्टी टैक्स और भू-राजस्व से भी आय बढ़ी

राज्य सरकार को प्रॉपर्टी टैक्स और भू-राजस्व से मिलने वाली आय में भी काफी सुधार हुआ है. वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य के नगर निकायों को प्रॉपटी टैक्स के रूप में 1666 करोड़ रुपये मिले थे. प्रॉपर्टी टैक्स से वित्तीय वर्ष में 2024-25 1700 करोड़ रुपये और वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1800 करोड़ रुपये निकायों ने हासिल किया. यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रापर्टी टैक्स सीधे राज्य सरकार के खाते में नहीं जाता, लेकिन नगर निगमों और नगर परिषदों की आय का बड़ा हिस्सा इसी से आता है.

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