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नियोजन गलत, पर शिक्षकों को हो रहा भुगतान

Updated at : 08 May 2019 12:50 AM (IST)
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नियोजन गलत, पर शिक्षकों को हो रहा भुगतान

संजय कुमार अभय, गोपालगंज : शिक्षक नियोजन अपीलीय प्राधिकार के पीठासीन पदाधिकारी को धांधली में लिप्त पाते हुए शिक्षा विभाग ने 29 अप्रैल को पद मुक्त कर दिया. शिक्षा विभाग की यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, लेकिन उसी पीठासीन पदाधिकारी के आदेश पर नियोजित लगभग 113 शिक्षकों को विभाग भुगतान भी दे […]

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संजय कुमार अभय, गोपालगंज : शिक्षक नियोजन अपीलीय प्राधिकार के पीठासीन पदाधिकारी को धांधली में लिप्त पाते हुए शिक्षा विभाग ने 29 अप्रैल को पद मुक्त कर दिया. शिक्षा विभाग की यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, लेकिन उसी पीठासीन पदाधिकारी के आदेश पर नियोजित लगभग 113 शिक्षकों को विभाग भुगतान भी दे रहा है.

जानकार सूत्र बताते है कि पीठासीन पदाधिकारी अरुण कुमार सिन्हा से सेटिंग कर प्राधिकार में सक्रिय माफियाओं ने मिलकर नियोजन इकाइयों को अपने प्रभाव में लेकर लगभग 113 शिक्षकों को प्रखंड और पंचायतों में नियोजित कराने में सफलता हासिल की है.
प्राधिकार के पीठासीन पदाधिकारी पर करप्शन का आरोप साबित हो चुका है. इसके बाद भी विभाग उनके आदेश पर नियोजित शिक्षकों के प्रति बचाव मुद्रा में है. जबकि, नियमों को ताक पर रखकर नियोजित शिक्षक बने 136 की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं.
कैसे हुआ प्राधिकार से फर्जीवाड़ा
प्रथम चरण और द्वितीय चरण के अंतर्गत नियोजित शिक्षकों की मृत्यु, दूसरे विभाग में नौकरी एवं वर्ष 2012 में 34540 कोटि में नियुक्ति के कारण त्यागपत्र देने से रिक्त पंचायत और प्रखंड शिक्षक के रिक्त पदों पर वर्ष 2015-17 में पंचायत शिक्षक व प्रखंड शिक्षकों के पद पर नियमों को ताक पर रखकर अपीलीय प्राधिकार के द्वारा लगभग 136 शिक्षकों को नियोजन करने का आदेश पारित किया गया.
जबकि, वर्ष 2011 में सरकार के संकल्प के अनुसार टीइटी पास करने वाले अभ्यर्थियों का नियोजन करने का आदेश था. प्राधिकार में सक्रिय माफियाओं ने नियोजन इकाइयों से साठ-गांठ कर पीठासीन पदाधिकारी अरुण सिन्हा को अपने प्रभाव में लिया और धड़ाधड़ नियोजन का आदेश पारित करा लिया.
डीइओ ने कहा होगी दोिषयों पर कार्रवाई
डीइओ संघमित्रा वर्मा से इस मामले में कहा कि एक-एक नियोजन इकाइयों का फोल्डर तलब किये गये हैं. फर्जी पाये जाने पर कार्रवाई तय है. इसके अलावे अपीलीय प्राधिकार के गलत आदेश पर अगर कोई नियोजित है, तो उन पर भी कार्रवाई की जायेगी.
माफियाओं ने शिक्षा विभाग के निगरानी कोषांग में लगायी थी आग
21 अक्तूबर 2018 की आधी रात को शिक्षा विभाग कार्यालय परिसर में स्थित बुनियादी विद्यालय के एक कक्ष में बनाये गये निगरानी कोषांग में अपीलीय प्राधिकार से जुड़े फर्जीवाड़ा से लेकर टीइटी के फर्जी प्रमाणपत्रों की बदौलत नियोजित शिक्षकों की 1665 संचिकाएं जलकर राख हो गयीं.
आग लगने की इस घटना में कोषांग में रखे अन्य सामान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. शिक्षा विभाग ने जान-बूझकर संचिकाओं में आग लगाने की संभावना व्यक्त करते हुए नगर थाने में अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी करा दी.
पुलिस आज तक यह नहीं पता कर सकी की आग लगाने वाले कौन लोग थे.
डीइओ ने पुन: नियोजित शिक्षकों का मांगा था फोल्डर : निगरानी कोषांग में आग लगने से क्षति होने से फोल्डरों को पुन: इकट्ठा करने का कार्य शुरू हुआ है. डीइओ संघमित्रा वर्मा ने 10 दिनों पूर्व प्रत्येक नियोजन इकाई से टीइटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षकों का फोल्डर पुन: जमा करने का आदेश दिया है.
डीइओ के आदेश पर नियोजन इकाई फोल्डर को जमा करने की तैयारी में जुटी हैं. अब फर्जीवाड़ा से जुड़े माफिया नियोजन इकाई को मैनेज करने में लगे हुए हैं.
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