gopalganj news. यूजीसी बिल पर रोक के खिलाफ इंकलाबी नौजवान सभा ने किया प्रदर्शन
कैंपस में जातीय भेदभाव रोकने की पहल को बताया जरूरी, फैसला वापस नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
भोरे . सुप्रीम कोर्ट द्वारा विश्वविद्यालय परिसरों में जातीय भेदभाव से निबटने के लिए प्रस्तावित यूजीसी बिल पर रोक लगाये जाने के विरोध में शनिवार को इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाइए) ने जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर केंद्र सरकार और न्यायपालिका से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की. प्रदर्शन को संबोधित करते हुए आरवाइए नेताओं ने कहा कि देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक छात्रों के साथ भेदभाव की समस्या गंभीर और पुरानी है. उन्होंने रोहित वेमुला, पायल तड़वी, दर्शन सोलंकी और एंजेल चकमा जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये घटनाएं सामान्य मौतें नहीं, बल्कि संस्थागत लापरवाही और असंवेदनशीलता का परिणाम हैं. नेताओं ने कहा कि यूजीसी द्वारा तैयार बिल भेदभाव को रोकने और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण बनाने की दिशा में एक अहम पहल थीं. इन पर रोक लगाना सामाजिक न्याय के प्रयासों को कमजोर करता है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और संबंधित संस्थानों ने शीघ्र कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह आंदोलन जिला स्तर से आगे बढ़कर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप लेगा. आरवाईए ने स्पष्ट किया कि कैंपस में समानता और सम्मान की लड़ाई लगातार जारी रहेगी.
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