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पीपीपी मोड पर बनेंगे बिहार के इन दो जिलों में सरकारी मेडिकल कॉलेज

Updated at : 03 Mar 2026 12:43 PM (IST)
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Bihar News

सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य में नए सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के निर्माण को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब ये मेडिकल कॉलेज लोक-निजी भागीदारी यानी PPP मोड पर बनाए जाएंगे. सात निश्चय पार्ट-3 के तहत अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से इन परियोजनाओं को पूरा करने की योजना है. फिलहाल सहरसा और गोपालगंज में मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया तेज हो गई है.

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Bihar News: बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक नई उंचाइयों पर ले जाने के लिए नीतीश सरकार ने बड़ा दांव खेला है. राज्य में अब नए सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों का निर्माण लोक निजी भागीदारी (PPP) मोड पर पर खोलने का निर्णय लिया हैं.

सात निश्चय पार्ट-3 के तहत सरकार ने इन जिलों में अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज बनाने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है. अब सहरसा और गोपालगंज के छात्रों को डॉक्टर बनने और मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना होगा.

PPP मोड पर बनेगा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर

सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के अधिक से अधिक जिलों में मेडिकल शिक्षा और उन्नत इलाज की सुविधा उपलब्ध हो. इसी रणनीति के तहत नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण PPP मॉडल पर कराया जाएगा, ताकि निजी निवेश के जरिए आधुनिक ढांचा और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो सके.

जिन जिलों में नए मेडिकल कॉलेज बनने हैं, वहां जमीन चिह्नित कर उसे स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया जारी है. यह कदम परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के उद्देश्य से उठाया गया है.

गोपालगंज में जमीन चिह्नित

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि गोपालगंज जिले में मेडिकल कॉलेज के लिए मांझा प्रखंड में 24 एकड़ 37 डिसमील जमीन चिह्नित की गई है. जिला प्रशासन द्वारा जमीन का हस्तांतरण भी किया जा चुका है. सरकार ने इस जमीन की तकनीकी जांच के लिए बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड के तकनीकी दल को स्थल निरीक्षण करने का निर्देश दिया है. निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आगे की निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी. यह स्थान जिले के लिए एक बड़ा ‘हेल्थ हब’ साबित होगा.

जमीन की तकनीकी जांच के लिए बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (BMSICL) की एक एक्सपर्ट टीम को स्थल निरीक्षण का निर्देश दिया गया है. टीम की रिपोर्ट आते ही पीपीपी मोड पर निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

सहरसा में भी तैयारी अंतिम चरण में

सहरसा जिले में भी मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग लंबे समय से हो रही थी. राज्य सरकार की योजना अगले पांच सालों में चरणबद्ध तरीके से उन सभी जिलों को कवर करने की है जहां अभी तक मेडिकल कॉलेज नहीं हैं. पीपीपी मोड पर बनने वाले ये कॉलेज न केवल सरकारी नियंत्रण में होंगे, बल्कि निजी निवेश के आने से यहां विश्वस्तरीय सुविधाएं और आधुनिक मशीनें जल्द उपलब्ध हो सकेंगी.

अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से नए मेडिकल कॉलेज अस्पतालों का निर्माण राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देगा. इससे स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टर, आधुनिक इलाज और मेडिकल शिक्षा के अवसर उपलब्ध होंगे. सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से न सिर्फ मरीजों को बड़े शहरों की ओर पलायन से राहत मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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