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कोसी बराज के अप व डाउन स्ट्रीम में जमा सिल्ट पानी के बहाव को कर रहा प्रभावित, सिल्ट हटाने की है जरूरत

Updated at : 20 Oct 2024 8:51 PM (IST)
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जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव ने कोसी बराज का किया निरीक्षण, बोले

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जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव ने कोसी बराज का किया निरीक्षण, बोले वीरपुर. जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल रविवार को कोसी बराज का निरीक्षण किया. जहां पूर्वी कोसी मुख्य नहर, बराज कंट्रोल रूम से फाटकों के खुलने और बंद होने की स्थिति आदि की जानकारी ली. पानी की कितनी मात्रा में फाटकों को कितना उठाया जाना है, गेज की स्थिति और फाटकों के संचालन की जानकारी मौके पर मौजूद एक्सपर्ट मुरली कुमार सिंह से ली. बताया गया कि अपस्ट्रीम में भारी मात्रा में सिल्ट व गाद जमा होने से समस्या हो रही है. इसके बाद प्रधान सचिव का काफिला कोसी बराज के गेट नंबर 21 के पास पहुंचा. जहां 29 सितंबर की रात कोसी बराज के 56 साल के सर्वाधिक डिस्चार्ज 6.61 लाख होने पर इस गेट के ख़राब होने की बात सामने आई थी. उस गेट को ऊपर किया गया और पानी की मात्रा को देखा गया. इसके बाद काफिला नेपाल स्थित पश्चिमी बहोत्थान पर गया. जहां प्रधान सचिव ने तटबंध के स्पर की जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिये. इस दौरान कई जगहों पर प्रधान सचिव खुद वीडियो बनाते और सेल्फी लेते नजर आए. प्रधान सचिव ने कहा कि सिल्ट के मुवमेंट को देखा है. इसे समझने का प्रयास भी किया गया है. बड़ी बात यह है कि नदी के बहाव के दौरान सिल्ट बराज के फाटक से निकल जाती है. लेकिन बराज से आधा किमी दूर अपस्ट्रीम में चार से पांच किलोमीटर तक और इसी तरह डाउनस्ट्रीम में भी चार से पांच किलोमीटर तक अच्छा खासा सिल्ट जमा होता है. जिसका कोसी बराज के दोनों ही ओर सोल बना हुआ है. जिससे कोसी नदी का डिस्चार्ज पूरी तरह प्रभावित होता है. पटना में इस बात का पता नहीं चलता है. लेकिन यहां आने से स्पष्ट हो गया है कि किस प्रकार कोसी नदी में सिल्ट नदी के बहाव को प्रभावित करता है. इसलिए बालू को हटाने की जरूरत है. ताकि कोसी नदी के बहाव में समस्या नहीं आए. उन्होंने बताया कि आनेवाले समय में इसकी योजना बनाकर रीसिलस्ट्रेशन का कार्य किया जाएगा. कोसी बराज के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ गार्डर का हिस्सा जो क्षतिग्रस्त हुआ है. उसे ठीक करा लिया जाएगा. कोसी बराज की संरचना अब भी पूरी तरह ठीक है. गेटों के उठाने का स्कडा सिस्टम भी पूरी तरह ठीक है. जिससे गेटों का उठाव भी आसानी तरह से हो पा रहा है. अगले पांच से छह महीने में गेटों के संचालन की भी व्यवस्था और बेहतर की जाएगी. जो नये रूप में अपडेट किया जाएगा. निरीक्षण के दौरान जलशक्ति मंत्रालय भारत सरकार के पदाधिकारी, सिंचाई श्रृंजन के अभियंता प्रमुख, प्रधान सचिव के विशेष सचिव, विभागीय अभियंता व कर्मी मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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