कुनौली में स्थाई बस स्टैंड के अभाव से यात्री परेशान

इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र में रोज बदलता बस ठहराव
– इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र में रोज बदलता बस ठहराव – महिलाओं-बुजुर्गों को होती है सबसे ज्यादा दिक्कत कुनौली. इंडो-नेपाल सीमा से सटे कुनौली क्षेत्र में स्थाई बस स्टैंड नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ नेपाल से आने-जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बसों के लिए कोई निर्धारित ठहराव स्थल नहीं होने से चालक व मालिक अपनी सुविधा अनुसार कभी कोशी प्रोजेक्ट चौक, कभी सीमा के रिंग बांध किनारे तो कभी लचका पुल के पास बस खड़ी कर देते हैं. इस अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण यात्रियों को यह जानकारी ही नहीं मिल पाती कि उनकी बस कहां से खुलेगी. जब तक वे सही स्थान तक पहुंचते हैं, तब तक बस वहां से जा चुकी होती है. ऐसी स्थिति में यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. बताया जाता है कि इस मार्ग से इंडो-नेपाल के लगभग 90 प्रतिशत यात्री दूर-दराज की यात्रा करते हैं. बस छूट जाने की स्थिति में यात्रियों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए तीन पहिया वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जहां उनसे मनमाना किराया वसूला जाता है. कुनौली से पटना, दरभंगा, फारबिसगंज, राघोपुर, भूतहा, मुजफ्फरपुर और दिल्ली समेत कई शहरों के लिए बसों का नियमित परिचालन होता है. वहीं नेपाल के कोइलारी, सकरपुरा, राजविराज, इनरुआ, कंचनपुर, हनुमान नगर सहित कई इलाकों के लोग भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड के अभाव में सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को होती है. यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है, जहां छात्रों, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों का रोजाना आवागमन होता है. कई बार यात्रियों को लंबी दूरी तक पैदल चलने या मुख्य सड़कों पर बस का इंतजार करने को मजबूर होना पड़ता है. स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्रीय परिवहन प्रबंधन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करते हुए जल्द से जल्द कुनौली में स्थाई बस स्टैंड निर्माण की मांग की है, ताकि यात्रियों को इस समस्या से राहत मिल सके.
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