धनबाद में पुलिस की वर्दी में दुकानदार से ठगी, सामान बेचने के नाम पर ले उड़ा पैसा
ठगी का शिकार बरवाअड्डा के दुकानदार संतोष कुमार. फोटो: प्रभात खबर
Dhanbad News: धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में पुलिस की वर्दी पहनकर पहुंचे एक ठग ने घरेलू सामान बेचने के नाम पर दुकानदार से 18 हजार रुपये ठग लिये. खुद को गोविंदपुर पुलिस कैंप का कर्मी बताने वाला आरोपी पैसे लेने के बाद मोबाइल बंद कर फरार हो गया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
धनबाद से हीरालाल पांडेय की रिपोर्ट
Dhanbad News: झारखंड के धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में पुलिस की वर्दी पहनकर एक दुकानदार से ठगी करने का मामला सामने आया है. आरोपी ने खुद को गोविंदपुर पुलिस कैंप में तैनात कर्मी बताते हुए घरेलू सामान बेचने के नाम पर व्यवसायी से 18 हजार रुपये ठग लिये और फरार हो गया. मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है. इंसान वर्दी देखकर भरोसा कर लेता है, और ठग इसी भरोसे को अपनी सबसे बड़ी पूंजी बना लेते हैं.
पुलिसकर्मी बनकर पहुंचा था दुकान
भुक्तभोगी व्यवसायी संतोष कुमार राम ने बताया कि बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के जीटी रोड स्थित हाजरा मोड़ काशीटांड में उनकी “ऋषि डीजल” नाम से दुकान है. सोमवार सुबह करीब 11 बजे एक व्यक्ति चारपहिया वाहन से उनकी दुकान पर पहुंचा. व्यवसायी के अनुसार, वह व्यक्ति पुलिस की वर्दी में था और उसके पास हथियार भी था. बातचीत के दौरान उसने खुद को गोविंदपुर पुलिस कैंप में कार्यरत पुलिसकर्मी बताया.
तबादले का हवाला देकर दिया झांसा
आरोपी ने दुकानदार से कहा कि उसका दूसरे जिले में तबादला हो गया है और उसके पास फ्रिज, एलईडी टीवी, डायनिंग टेबल तथा कुर्सियां हैं, जिन्हें वह बेचना चाहता है. उसने दावा किया कि सभी सामान नामी कंपनियों के हैं. बातचीत के बाद दोनों के बीच 18 हजार रुपये में सौदा तय हो गया. आरोपी की बातों और वर्दी पर भरोसा कर दुकानदार ने उसे तत्काल 18 हजार रुपये दे दिये.
अपना नाम अनिल यादव बताया
संतोष कुमार राम ने बताया कि पैसे लेने के बाद आरोपी ने अपना नाम अनिल यादव बताया और एक मोबाइल नंबर 7044079541 भी दिया. उसने दुकानदार से कहा कि वह अपनी गाड़ी से उसके पीछे-पीछे गोविंदपुर पुलिस कैंप तक चले, जहां सामान सौंप दिया जाएगा. व्यवसायी उसके बताए अनुसार गोविंदपुर पुलिस कैंप पहुंचा और वहां पहुंचकर आरोपी को फोन किया, लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं किया.
फोन बंद कर हुआ फरार
कुछ देर इंतजार करने के बाद जब व्यवसायी ने दोबारा संपर्क करने का प्रयास किया, तब तक आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था. इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुके हैं. घटना के बाद संतोष कुमार राम ने पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दी है.
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जांच में जुटी पुलिस
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है. पुलिस मोबाइल नंबर और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों में आने से पहले उसकी पहचान और दावों की पूरी तरह पुष्टि अवश्य कर लें, क्योंकि ठग अब भरोसे का चेहरा पहनकर भी सामने आने लगे हैं.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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